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शहर के लिए वसंत का सूचक उत्तरायणी मेेला शुरू
बरेली
Updated Sun, 14 Jan 2018 02:03 AM IST
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cholia
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भले अभी हाड़ कंपाने वाली ठंड हो पर शहर के लिए वसंत आगमन का सूचक बन चुके उत्तरायणी मेले का आरंभ हो चुका है। रोटरी क्लब मेला मैदान की ओर बढ़ते हुए पहाड़ी भाषा में बज रहे गीत आपका स्वागत करेंगे। डीआईजी कार्यालय रोड पर दोनों ओर गर्म कपड़े और बिस्तर की फड़ लगाए दुकानदारों से मोलभाव करतीं पहाड़ी और मैदानी महिलाओं का जाती हुई सर्दी में गृहस्थी जोड़ने की जुगत आपको अपनी मां का अहसास दे जाएगी। मेला मैदान में एक ओर सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहे हैं तो दूसरी ओर 145 स्टॉलों पर उसी संस्कृति से जुड़े कपड़े, सब्जी, दालें और पहाड़ी फूलों के जूस आदि की बिक्री हो रही है। अगले दो दिन और चलने वाले इस मेले के लिए उत्साह का हाल यूं दिखा कि शाम को ठंड बढ़ने पर भी लोग अपने परिवारों संग पहुंचे और पर्वतीय संस्कृति के आनंद में झूमते दिखे।
रंगयात्रा निकालकर हुआ आरंभ
अंबेडकर पार्क से सुबह दस बजे महापौर डॉ. उमेश गौतम ने झंडी दिखाकर रंगयात्रा का आरंभ किया। पिथौरागढ़ के जीवनराम के नेतृत्व में छोलिया टीम इसका मुख्य आकर्षण रही। राजकीय विद्यालय के विद्यार्थी ने स्वागत बैंड बजाया। गंगाशील के विद्यार्थियों ने टीबी मुक्त भारत का संदेश और जीजीआईसी के छात्राओं ने स्वच्छता का संदेश देते हुए इस रंगयात्रा में हिस्सा लिया। शहर भर में घूमती हुई यह यात्रा दोपहर एक बजे बरेली क्लब ग्राउंड पहुंची। यहां मेले का उद्घाटन वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने किया, उन्होंने 24वे मेेले के आयोजन पर आयोजन समिति को बधाई दी।
पत्रिका का हुआ विमोचन : स्मारिका का विमोचन इसके संपादक डॉ. नवीन उत्प्रेती, प्रभारी अमित पंत, सह प्रभारी प्रकाश पाठक ने दिया। लोकगीतों की एक कैसेट का विमोचन आयकर अधिकारी दिनेश पाठक, सांस्कृतिक प्रभारी पूजन सिंह दानू और जगदीश आर्या ने ने किया।
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24 साल में शहर का हिस्सा हो गया उत्तरायणी मेला
बरेली। मेला आयोजन समिति में रहे आयकर अधिकारी एसएस बिष्ट याद करते हैं कि 23 साल पहले संजय कम्युनिटी हॉल में जब पहला उत्तरायणी मेला लगाया तो सिर्फ तीन स्टॉल लगे थे। कहते हैं कि मेले में दुकानदारों की संख्या तो बढ़ी ही है, खास बात यह है कि इस मेले को शहर ने दिल से स्वीकारा। मेले में ढाई सौ बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुति दे रहे हैं, जिसमें आधे मैदानी परिवारों से संबंध रखते हैं। पर पहाड़ी संस्कृति को जानने का उत्साह इस पीढ़ी में भरपूर है। मेला आयोजन समिति उत्तरायणी जन कल्याण समिति के अध्यक्ष पीसी पाठक, महामंत्री भुवन चंद्र पांडे, सलाहकार भवानी दत्त जोशी आदि पहुंचे।
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रंगयात्रा निकालकर हुआ आरंभ
अंबेडकर पार्क से सुबह दस बजे महापौर डॉ. उमेश गौतम ने झंडी दिखाकर रंगयात्रा का आरंभ किया। पिथौरागढ़ के जीवनराम के नेतृत्व में छोलिया टीम इसका मुख्य आकर्षण रही। राजकीय विद्यालय के विद्यार्थी ने स्वागत बैंड बजाया। गंगाशील के विद्यार्थियों ने टीबी मुक्त भारत का संदेश और जीजीआईसी के छात्राओं ने स्वच्छता का संदेश देते हुए इस रंगयात्रा में हिस्सा लिया। शहर भर में घूमती हुई यह यात्रा दोपहर एक बजे बरेली क्लब ग्राउंड पहुंची। यहां मेले का उद्घाटन वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने किया, उन्होंने 24वे मेेले के आयोजन पर आयोजन समिति को बधाई दी।
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पत्रिका का हुआ विमोचन : स्मारिका का विमोचन इसके संपादक डॉ. नवीन उत्प्रेती, प्रभारी अमित पंत, सह प्रभारी प्रकाश पाठक ने दिया। लोकगीतों की एक कैसेट का विमोचन आयकर अधिकारी दिनेश पाठक, सांस्कृतिक प्रभारी पूजन सिंह दानू और जगदीश आर्या ने ने किया।
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24 साल में शहर का हिस्सा हो गया उत्तरायणी मेला
बरेली। मेला आयोजन समिति में रहे आयकर अधिकारी एसएस बिष्ट याद करते हैं कि 23 साल पहले संजय कम्युनिटी हॉल में जब पहला उत्तरायणी मेला लगाया तो सिर्फ तीन स्टॉल लगे थे। कहते हैं कि मेले में दुकानदारों की संख्या तो बढ़ी ही है, खास बात यह है कि इस मेले को शहर ने दिल से स्वीकारा। मेले में ढाई सौ बच्चे सांस्कृतिक प्रस्तुति दे रहे हैं, जिसमें आधे मैदानी परिवारों से संबंध रखते हैं। पर पहाड़ी संस्कृति को जानने का उत्साह इस पीढ़ी में भरपूर है। मेला आयोजन समिति उत्तरायणी जन कल्याण समिति के अध्यक्ष पीसी पाठक, महामंत्री भुवन चंद्र पांडे, सलाहकार भवानी दत्त जोशी आदि पहुंचे।