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Bareilly News: वसूली के आरोपों में फंसीं सीओ दीपशिखा पर कार्रवाई, एसएसपी ने मीरगंज सर्किल से हटाया

Fri, 05 Jul 2024 07:28 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 05 Jul 2024 07:28 AM IST
सार

वसूली के आरोपों में फंसीं सीओ दीपशिखा अहिबरन सिंह पर आखिर गाज गिर गई। एसएसपी ने जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर उन्हें मीरगंज सर्किल से हटा दिया गया है। उन्हें जिला मुख्यालय से संबद्ध किया है। 

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SSP removed CO Deepshikha from Meerganj who accused of extortion in Bareilly
सीओ दीपशिखा अहिबरन सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली के मीरगंज क्षेत्र में अपराध नियंत्रण में फेल रहने, वसूली व अभद्र व्यवहार के लिए चर्चित सीओ दीपशिखा अहिबरन सिंह पर नए एसएसपी अनुराग आर्य ने कार्रवाई कर दी। एसपी दक्षिणी की जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर उन्हें जिला मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। मीरगंज सर्किल की अतिरिक्त जिम्मेदारी बहेड़ी सीओ अरुण कुमार को दी गई है।

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मीरगंज क्षेत्र के गांव तिलमास निवासी रिफाकत अली ने तत्कालीन एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान से शिकायत की थी कि 12 जून को दोपहर के वक्त सीओ दीपशिखा उनके ईंट भट्ठे पर आई थीं। उन्होंने अवैध खनन का आरोप लगाकर दो लाख रुपये की मांग की थी। रिफाकत ने अपना काम वैध बताकर रायल्टी जमा करने व जीएसटी देने का तर्क दिया था। 
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रुपये नहीं देने पर सीओ ने उनकी जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली सीज कर दी थी। एसएसपी ने एसपी दक्षिणी मानुष पारीक को मामले की जांच सौंपी थी। एसपी दक्षिणी की रिपोर्ट पर एसएसपी अनुराग आर्य ने बृहस्पतिवार रात कार्रवाई कर दी।

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सीओ ने दी थी धमकी 
रिफाकत के मुताबिक सीओ ने धमकी दी थी कि अभी दो लाख नहीं दे रहे हो, फिर चार लाख खर्च करोगे तो भी वाहनों को नहीं छुड़ा पाओगे। रिफाकत के मुताबिक सीओ ने उनके कागजात देखने से भी मना कर दिया था। उनको मजदूरों के सामने ही सीओ ने बेइज्जत किया था।

प्रशासन की जांच रिपोर्ट में भी फंसी
सीओ ने कहा था कि उन्होंने कार्रवाई के दौरान एसडीएम को सूचना दी थी। जबकि, एसडीएम ने अधिकारियों को बताया कि सीओ ने वाहन सीज करने के बाद उन्हें सूचना दी थी। कुछ दिन पहले रिफाकत के साथ जाकर कई ईंट भट्ठा मालिक डीएम से मिले थे। तब डीएम ने तहसीलदार व खनन अधिकारी को जांच सौंप दी थी। दोनों अधिकारियों ने जांच में रिफाकत का तर्क सही मानते हुए रिपोर्ट दी थी। डीएम ने इसी आधार पर दोनों वाहनों को छोड़ने का आदेश दिया था।

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