{"_id":"5477dc8dd39d2281e9185bcc4964f20d","slug":"special-secretary-of-the-inspection-pole-raised-in-the-open-district-hospital-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विशेष सचिव के निरीक्षण में खुली जिला अस्पताल में उगाही की पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विशेष सचिव के निरीक्षण में खुली जिला अस्पताल में उगाही की पोल
बरेली
Updated Tue, 27 Oct 2015 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। जिला अस्पताल में गरीब मरीजाें से पैसे वसूलने का खुलासा सोमवार को विशेष सचिव स्वास्थ्य के सामने ही हो गया। ओपीडी में दौरा कर रहे अभिषेक प्रकाश से एक महिला ने बताया कि उसके हाथ में प्लास्टर चढ़ाने के लिए 400 रुपये लिए गए हैं। अभिषेक प्रकाश के सामने चिकित्सक अपनी सफाई पेश करने लगे। उन्हाेंने सारे पर्चे जब्त कर सीएमएस को जांच के आदेश दिए हैं। शिकायत सही हुई तो कार्रवाई होगी।
बरेली के पूर्व डीएम रहे अभिषेक प्रकाश सोमवार को विशेष सचिव स्वास्थ्य बनने के बाद पहली बार बरेली के जिला अस्पताल आए। ओपीडी में पहुंचे तो सावित्री देवी के प्लास्टर के बारे में पूछ लिया। सावित्री पहले तो थोड़ा झिझकीं लेकिन बाद में बताया कि डॉक्टरों ने 400 रुपये में प्लास्टर चढ़ाया है। जबकि कच्चा प्लास्टर 67 रुपये और बड़ा प्लास्टर 267 रुपये में लगाया जाता है। महिला ने बताया कि डॉक्टर ने ही उससे पैसे देने को कहे थे। महिला से रसीद तक नहीं कटवाई गई। ओपीडी में बैठे डॉ. केएस गुप्ता से विशेष सचिव ने पूछा तो उन्हाेंने डॉ. टीएस आर्या का मरीज बताया। पैसे किस डॉक्टर के कहने पर लिए गए हैं इसके लिए विशेष सचिव ने जांच बैठाई है। रसीद न कटाने से यह भी सवाल उठ रहे हैं कि ऐसे तो सरकारी राजस्व को भी खूब चूना लगता होगा। विशेष सचिव अभिषेक प्रकाश ने डॉक्टराें को खूब फटकारा। उन्हाेंने बताया कि सारे सबूत से पता चल जाएगा कि किस डॉक्टर ने पैसे के लिए कहे हैं। रिपोर्ट लखनऊ मंगवाकर क ड़ी कार्रवाई होगी।
- ओपीडी केएस गुप्ता की पर्चा टीएस आर्या का
सावित्री का पर्चा 22 अक्तूबर का था। रिकार्ड के मुताबिक उस दिन की ओपीडी डॉ. केएस गुप्ता की थी। लेकिन पैसे लेकर प्लास्टर चढ़ाने के लिए पर्चे पर जिस डॉक्टर के नाम का जिक्र किया गया है उसमें डॉ. टीएस आर्या का नाम है। इसको लेकर दोनों डॉक्टराें में मतभेद शुरू हो गया है। हालांकि विशेष सचिव के सामने डॉ. गुप्ता ने पूरी तरह से पर्चा और मरीज डॉ. आर्या का ही बताया है।
विज्ञापन
रखा था पोछे का क्लीनर
इमरजेंसी में दौरे के दौरान पोछा लगाने का लिक्विड क्लीनर दवाआें की टेबिल पर रखा था। उन्हाेंने स्टॉफ को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि ‘इसी से मरीज की चोट भी साफ कर देते होगे’।
कागजों पर मिल रहा था खाना
मरीजाें से खाने के बारे में पूछा गया तो उन्हाेंने खाना मिलने से मना किया। जबकि रजिस्टर में कई मरीजाें का खाना चढ़ा था। इसको लेकर सीएमएस डॉ. डीपी शर्मा को खूब खरी खोटी सुनाई। गंदगी पर भी भड़के। महिला अस्पताल में जाकर वहां नालियों को साफ करवा कर ढकने को कहा।
पैथॉलजी गए तो सीएमएस से पूछा बदमाश है...
महिला अस्पताल की पैथालजी में अभिषेक प्रकाश डीएम रहने के दौरान कई बार आए। उन्हाेंने एक बार यहां के एलटी को चेतावनी भी दी थी। सोमवार को जब पैथालजी पहुंचे तो उन्हाेंने पूछ लिया कि बदमाश है कि नहीं। इस पर सीएमएस डॉ. सुधा यादव भी समझ गईं बोली कि छुट्टी पर गया है। वहीं अल्ट्रासाउंड के बारे में पूछा तो सीएमएस ने निशुल्क होने के बारे में बताया। लेकिन बोर्ड अभी भी शुल्क का लगा था। इस पर सीएमएस झेंप गईं और तुरंत बोर्ड हटवाया।
विज्ञापन
बरेली के पूर्व डीएम रहे अभिषेक प्रकाश सोमवार को विशेष सचिव स्वास्थ्य बनने के बाद पहली बार बरेली के जिला अस्पताल आए। ओपीडी में पहुंचे तो सावित्री देवी के प्लास्टर के बारे में पूछ लिया। सावित्री पहले तो थोड़ा झिझकीं लेकिन बाद में बताया कि डॉक्टरों ने 400 रुपये में प्लास्टर चढ़ाया है। जबकि कच्चा प्लास्टर 67 रुपये और बड़ा प्लास्टर 267 रुपये में लगाया जाता है। महिला ने बताया कि डॉक्टर ने ही उससे पैसे देने को कहे थे। महिला से रसीद तक नहीं कटवाई गई। ओपीडी में बैठे डॉ. केएस गुप्ता से विशेष सचिव ने पूछा तो उन्हाेंने डॉ. टीएस आर्या का मरीज बताया। पैसे किस डॉक्टर के कहने पर लिए गए हैं इसके लिए विशेष सचिव ने जांच बैठाई है। रसीद न कटाने से यह भी सवाल उठ रहे हैं कि ऐसे तो सरकारी राजस्व को भी खूब चूना लगता होगा। विशेष सचिव अभिषेक प्रकाश ने डॉक्टराें को खूब फटकारा। उन्हाेंने बताया कि सारे सबूत से पता चल जाएगा कि किस डॉक्टर ने पैसे के लिए कहे हैं। रिपोर्ट लखनऊ मंगवाकर क ड़ी कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
- ओपीडी केएस गुप्ता की पर्चा टीएस आर्या का
सावित्री का पर्चा 22 अक्तूबर का था। रिकार्ड के मुताबिक उस दिन की ओपीडी डॉ. केएस गुप्ता की थी। लेकिन पैसे लेकर प्लास्टर चढ़ाने के लिए पर्चे पर जिस डॉक्टर के नाम का जिक्र किया गया है उसमें डॉ. टीएस आर्या का नाम है। इसको लेकर दोनों डॉक्टराें में मतभेद शुरू हो गया है। हालांकि विशेष सचिव के सामने डॉ. गुप्ता ने पूरी तरह से पर्चा और मरीज डॉ. आर्या का ही बताया है।
विज्ञापन
रखा था पोछे का क्लीनर
इमरजेंसी में दौरे के दौरान पोछा लगाने का लिक्विड क्लीनर दवाआें की टेबिल पर रखा था। उन्हाेंने स्टॉफ को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि ‘इसी से मरीज की चोट भी साफ कर देते होगे’।
कागजों पर मिल रहा था खाना
मरीजाें से खाने के बारे में पूछा गया तो उन्हाेंने खाना मिलने से मना किया। जबकि रजिस्टर में कई मरीजाें का खाना चढ़ा था। इसको लेकर सीएमएस डॉ. डीपी शर्मा को खूब खरी खोटी सुनाई। गंदगी पर भी भड़के। महिला अस्पताल में जाकर वहां नालियों को साफ करवा कर ढकने को कहा।
पैथॉलजी गए तो सीएमएस से पूछा बदमाश है...
महिला अस्पताल की पैथालजी में अभिषेक प्रकाश डीएम रहने के दौरान कई बार आए। उन्हाेंने एक बार यहां के एलटी को चेतावनी भी दी थी। सोमवार को जब पैथालजी पहुंचे तो उन्हाेंने पूछ लिया कि बदमाश है कि नहीं। इस पर सीएमएस डॉ. सुधा यादव भी समझ गईं बोली कि छुट्टी पर गया है। वहीं अल्ट्रासाउंड के बारे में पूछा तो सीएमएस ने निशुल्क होने के बारे में बताया। लेकिन बोर्ड अभी भी शुल्क का लगा था। इस पर सीएमएस झेंप गईं और तुरंत बोर्ड हटवाया।