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Bareilly News: ...तो क्या पांच थे आरोपी, तीन घंटे सोकर लौट गया रविंद्र का हमशक्ल

Fri, 19 Sep 2025 02:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 19 Sep 2025 02:47 AM IST
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...so were there five accused, Ravindra's lookalike returned after sleeping for three hours
बरेली। मुख्य शूटर रविंद्र के हमशक्ल जैसे पांचवें आरोपी की नई फुटेज में एंट्री से पुलिस की विवेचना की दिशा बदल गई है। यह शख्स शहर में आए बिना झुमका चौराहे के पास शेड में तीन घंटे सोकर लौट गया। पुलिस अब तक ये मानकर चल रही थी कि चार शूटरों ने इस घटना को अंजाम दिया था, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है। अब पुलिस को झुमका चौराहे के पास दस सितंबर की एक फुटेज मिली है। इसमें दोनों बाइक साथ में आती दिख रही हैं। सफेद अपाचे बाइक नीली शर्ट पहने अरुण चला रहा है, जबकि पीछे कोई नहीं है। साथ चल रही काली स्पलेंडर बाइक पर पीछे बैठा शख्स रविंद्र की तरह लग रहा है।
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पुलिस ने जब और कैमरे ट्रेस किए तो पता लगा कि सुबह छह बजे की इस फुटेज में आने वाला शख्स झुमका चौराहे के पास रुक गया और थोड़ा अंदर जाकर एक शेड में सो गया। वह करीब नौ बजे उठा। इधर, रविंद्र ने होटल प्रीत पैलेस में चेक इन किया और दूसरी ओर वह शख्स पैदल ही कुछ दूर झुमका से रामपुर रोड की ओर बढ़ा। फिर वह किस वाहन में बैठकर गया, पुलिस ट्रेस नहीं कर सकी। रविंद्र और उस व्यक्ति में अंतर केवल इतना था कि रविंद्र लाल रंग के जूते और वह युवक चप्पल पहने था। दोनों की टी शर्ट पर धारियां थीं। रविंद्र की टीशर्ट पर धारियां लंबाई में और उसकी शर्ट पर समानांतर दिशा में थीं। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि अब शक है कि वह युवक कहीं रामनिवास तो नहीं है, जिसकी आईडी होटल के कमरे में लगाई गई है। इस दिशा में जांच की जा रही है कि कहीं यह शख्स केवल रविंद्र की मौजूदगी छिपाने के लिए तो नहीं भेजा गया।
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नकुल के पिता की निकली काली बाइक
घटना में इस्तेमाल एक बाइक की पहचान हो गई है। नंबर के आधार पर ट्रेस हुआ तो वह नकुल के पिता बागपत निवासी संजीव की निकली है। एसएसपी ने बताया कि इस घटना में अगर संजीव की भूमिका मिली तो उसका नाम भी विवेचना में बढ़ाया जा सकता है।
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पानी की तरह गोलियां बरसाती है जिगाना पिस्टल, इसी से हुई थी अतीक-अशरफ की हत्या
शूटर रविंद्र ने दिशा पाटनी के घर जिस जिगाना पिस्टल से गोलीबारी की थी, वही एनकाउंटर के दौरान बरामद की गई है। यह पिस्टल पानी की तरह गोली बरसाती है, इसलिए बदमाशों की पहली पसंद है। जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल माफिया अतीक अहमद और अशरफ की हत्या में भी किया गया था। मशहूर सिंगर सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भी जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल हुआ था। तुर्की में निर्मित जिगाना पिस्टल भारत में प्रतिबंधित है। इसलिए इसकी तस्करी नेपाल व पाकिस्तान के रास्ते की जाती है। कई देशों की सेनाएं भी इसका इस्तेमाल करती हैं।

बरामद नहीं हो सकी पिस्टल

शूटर रविंद्र और पहले दिन फायरिंग करने वाले नकुल के पास किसी फुटेज में पिस्टल नहीं दिखी है। रविंद्र के हाथ में केवल एक लाल थैली दिखी थी। पुलिस ने ट्रेस किया तो पता लगा कि उसमें उसकी चप्पल रखी थी। कमरे में जब उसने जूते उतारे तो चप्पल पहनकर वह कुछ देर बाहर भी घूमा। रविंद्र के पास काला गमछा भी दिखा, लेकिन पिस्टल कहां छिपाई, ये ट्रेस नहीं हो सका। ऐसे में पुलिस मान रही है कि वह कमर या पीठ में इसे शर्ट के नीचे छिपाकर लाए होंगे। ब्यूरो
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