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स्मार्ट सिटी पर बरेली फिर लगाएगा अपना दांव

Sat, 18 Feb 2017 01:07 AM IST
बरेली।  
बरेली।   Updated Sat, 18 Feb 2017 01:07 AM IST
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Smart City will again betting on the Bareilly
Smart City will again betting on the Bareilly - फोटो : अमर उजाला
स्मार्ट सिटी पर पिछले दो बार से मायूस हो रहा बरेली इस बार फिर अपना दांव लगाएगा। प्रोजेक्ट वही होगा और आइडिया में भी कोई बदलाव नहीं है। बस कुछ कमियां हैं जिन्हें सुधारने पर काम चल रहा है। सबसे अहम चुनौती निगम के राजस्व को बढ़ाना है। स्मार्ट सिटी का प्रपोजल तैयार कर रही एजेंसी दारा शॉ इस पर जुट गई है। 28 फरवरी को लखनऊ में बैठक के बाद शहरवासियाें से सुझाव मांगे जाएंगे। इस बार कोई वोटिंग नहीं होगी। सिर्फ कागजी काम मजबूत किया जाएगा। 
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लखनऊ विश्वविद्यालय स्थित रीजनल सेंटर फार अर्बन एंड इनवायरमेंटल स्टडीज (आरसीयूईएस) में पिछले माह जनवरी में बरेली समेत यूपी के उन शहरों के निगम प्रतिनिधि और स्मार्ट सिटी पर काम कर रही एजेंसियाें की बैठक होनी थी, लेकिन इसे टाल दिया गया। अब यह बैठक 28 फरवरी को होनी तय है। इसमें बरेली नगर निगम से अधिकारी और दारा शॉ एजेंसी के प्रतिनिधि जाएंगे। बनाए गए कुछ ड्राफ्ट में संशोधन का काम चल रहा है। जैसे सिविल लाइंस स्थित संजय कम्यूनिटी सेंटर हॉल को तोड़ने की जगह इसे रेट्रोफिटिंग के तहत ही खूबसूरत और सुविधाआें से युक्त किया जाएगा। पहले इसे तोड़ने की बात चल रही थी, इसी तरह की कई अन्य खामियों को दूर करना है।  
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सिविल लाइंस ही होगा रेट्रोफिटिंग के लिए मुफीद 
बरेली में पिछली बार दारा शॉ एजेंसी की ओर से सिविल लाइंस, पीलीभीत बाईपास और राजेंद्रनगर क्षेत्र को रेट्रोफिटिंग के लिए चुना गया था। लोगाें ने बंपर वोटिंग की और सिविल लाइंस को बेस्ट बताया। इस बार कोई बदलाव नहीं होगा, सिविल लाइंस पर ही एजेंसी ध्यान देगी। इसी की कमियों को सुधारा जाएगा।
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राजस्व बढ़ाने को बढ़ सकती हैं कुछ दरें 
पिछली बार स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में कानपुर बाजी मार ले गया था, जबकि बरेली रह गया। बताया गया कि राजस्व वसूली में फिसड्डी होने से भी असर पड़ा इसलिए तय किया गया है कि कई काम पीपीपी मोड पर हों ताकि राजस्व निगम को मिलता रहे। साथ ही स्मार्ट सिटी बनने के बाद सीवर, साफ पानी की सुविधा के लिए दो से पांच रुपए का टैक्स भी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। 


लखनऊ विश्वविद्यालय के आरसीयूईएस में 28 फरवरी को बैठक तय है। इसके बाद बरेली में लोगाें से सुझाव मांगे जाएंगे। कोई वोटिंग इस बार नहीं होगी। सिर्फ कमियाें पर ध्यान है जिसे ठीक करना है बाकी प्रोजेक्ट बेस्ट था। 
देवेश, प्रतिनिधि, दारा शॉ एजेंसी 
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