Bareilly News: 'खाकी' की सरपरस्ती में फले-फूले स्मैक तस्कर, अब पुलिस के लिए बने सिरदर्द
उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली आदि राज्यों में बरेली की स्मैक पकड़ी जा रही है। इसके पीछे खाकी की सरपरस्ती भी बड़ी वजह रही, जिससे तस्कर धड़ल्ले से स्मैक तस्करी का धंधा करते हैं। अब यही स्मैक तस्कर पुलिस के लिए सिरदर्द बन गए हैं।
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बीते डेढ़ दशक में बरेली जिले में स्मैक तस्करी के मामले तेजी से बढ़े हैं। फतेहगंज पश्चिमी और फरीदपुर कस्बे स्मैक की मंडी बनकर उभरे हैं। उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली आदि राज्यों में बरेली की स्मैक पकड़ी जा रही है। इसके पीछे खाकी की सरपरस्ती भी बड़ी वजह रही। पुलिस के संरक्षण में ही ये तस्कर फले-फूले। अब वे कई प्रदेशों की पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए हैं।
फतेहगंज पश्चिमी की नगर पंचायत अध्यक्ष इमराना समेत दस लोगों पर गैंगस्टर लगाकर निगरानी में लिया गया है। वहीं, कई ऐसे तस्कर हैं जो अब भी शहर के पॉश इलाकों में कोठियां बनाकर मोबाइल के सहारे धंधा कर रहे हैं।
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फतेहगंज पश्चिमी में उस्मान व उसकी पत्नी रेहाना, शराफत गैंग के इशाकत आलूवाला व रिफाकत, हाल ही में जेल भेजी गई शराफत गैंग की मुन्नी बेगम व कुरतरा गांव के इरशाद पर काफी समय से बड़ी कार्रवाई नहीं हुई, जबकि सभी किसी न किसी रूप में धंधे से जुड़े हैं। मुन्ना टंडन, सोनू कालिया, अनवर लंगड़ा, जाकिर रुहानी और फैजान खान जैसे तस्करों ने भी स्मैक तस्करी से अकूत संपत्ति बनाई है।
तस्कर तैमूर भोला के खानदान पर विवेचक मेहरबान
फरीदपुर के गांव बेहरा निवासी चर्चित तस्कर तैमूर उर्फ भोला फिलहाल दिल्ली की जेल में है। वह एक लाख का इनामी था और बेहिसाब संपत्ति कमाकर उसे भाई-भतीजों व परिवार के अन्य लोगों के हवाले कर दिया। भोला का चाचा सरताज फरीदपुर कस्बे में पूर्व विधायक की कोठी के पास गैराज चलाता है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस व अन्य विभागों की गाड़ियों की मरम्मत इसी गैराज में होती है।
भोला के भाई सद्दाम और फरमान स्मैक के धंधे को आगे बढ़ा रहे हैं। पिछले दिनों मेरठ एएनटीएफ ने दबिश देकर स्मैक की बड़ी डील पकड़ी थी। दो तस्कर मौके से पकड़े गए थे, जबकि ये आरोपी फरार हो गए। टीम लगातार इनकी गतिविधियां पकड़ रही है, हालांकि बारादरी थाने के विवेचक आरोपियों पर करम बनाए हुए हैं और उनके खिलाफ साक्ष्य नहीं जुटा पा रहे हैं।
फतेहगंज पश्चिमी के चर्चित तस्कर नन्हे लंगड़ा, इशाकत आलूवाला व शराफत आदि सीबीगंज व उससे सटे गांवों में अपना धंधा फैला चुके हैं। फतेहगंज में घर व बरातघर तोड़े जाने के बाद तस्करों ने वहां अपनी सक्रियता कम कर दी है। सीबीगंज थाने के सनैया रानी आदि गांवों में उनकी रिश्तेदारियां हैं। नए लड़कों और रिश्तेदारों के जरिये वे उत्तराखंड तक स्मैक भेज रहे हैं।
फतेहगंज पश्चिमी इंस्पेक्टर रहे मनोज कुमार सिंह समेत सात पुलिसकर्मियों को एसएसपी ने पिछले दिनों निलंबित कर दिया था। आरोप है कि उन्होंने स्मैक तस्कर सोनू कालिया को गिरफ्तार करने के बजाय उसकी मदद की। वह उसे पुलिस की दबिश व अन्य गतिविधियों के बारे में बताते थे। इसके साक्ष्य सोनू कालिया के ही मोबाइल से मिले तो यह कार्रवाई की गई।
उत्तराखंड में पकड़ा गया था बरेली का सिपाही
बरेली के कैंट थाने में तैनात सिपाही रविंद्र सिंह और दो छात्र उत्तराखंड के लालकुआं में एक किलो स्मैक के साथ पकड़े गए थे। सिपाही और दो छात्रों अर्जुन व मोरपाल की गिरफ्तारी भले ही उत्तराखंड में हुई हो, लेकिन इनकी डील शहर से सटे सीबीगंज इलाके में हुई थी। दोनों छात्र भी बरेली जिले के निवासी हैं और जल्दी रईस बनने के लिए उन्होंने यह धंधा शुरू किया था।
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभाल ने बताया कि स्मैक तस्करों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिन नए तस्करों के गैंग बनाए गए हैं, उनकी संपत्ति चिह्नित कर प्रशासन के समन्वय से जब्त की जाएगी। इनके अलावा जो और तस्कर प्रकाश में आएंगे, उनके खिलाफ भी गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। नए गैंग पंजीकृत किए जाएंगे।