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Bareilly News: 12 करोड़ का स्काईवॉक, संचालन नहीं होने से तीन साल में छह करोड़ का नुकसान
Sat, 09 May 2026 01:34 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sat, 09 May 2026 01:34 AM IST
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स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पटेल चौक पर 12 करोड़ की लागत से तीन साल पहले बनकर तैयार हुआ स्काईवॉक अपनी उपयोगिता साबित करने में नाकाम रहा। न तो जनता को इससे कोई लाभ हुआ, न ही नगर निगम को। इसका संचालन शुरू नहीं होने से निगम को हर साल दो करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। यानी अब तक छह करोड़ रुपये की चपत लग चुकी है। इस परियोजना के संचालन में निजी एजेंसियों ने कोई रुचि नहीं दिखाई तो अब नगर निगम खुद ही इसे संचालित करने की तैयारी कर रहा है।
स्काईवॉक को आधुनिक व्यावसायिक हब के रूप में विकसित किया जाना था। यहां चौकी चौराहा, बरेली कॉलेज रोड और चौपुला की ओर जाने वाले राहगीरों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलने के साथ ही 80 दुकानों के माध्यम से खानपान और खरीदारी का अनुभव भी उपलब्ध कराया जाना था। नगर निगम ने एजेंसी के माध्यम से इसके संचालन की तैयारी की थी। टेंडर भी निकाले गए।
डेढ़ साल पहले आनंदी इंटरप्राइजेज, अर्पित इंटरप्राइजेज और लाॅजिस्टिक इंटरप्राइजेज ने इसके संचालन में रुचि दिखाई। दो करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की सर्वाधिक बोली लगाने वाली आनंदी इंटरप्राइजेज को 15 वर्षों के लिए इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई। उम्मीद थी कि जल्दी ही स्काईवॉक का सपना साकार होगा, लेकिन एजेंसी ने काम ही नहीं शुरू किया। समय-समय पर नगर निगम की ओर से तीन नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन एजेंसी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
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संजय कम्युनिटी सरोवर भी फांक रहा धूल
सिविल लाइंस में 11 करोड़ रुपये से बनकर तैयार हुआ संजय कम्युनिटी सरोवर भी संचालन की बाट जोह रहा है। इसके लिए नगर निगम ने निविदा जारी की, लेकिन ऊंची दरों के कारण एजेंसियों ने रुचि नहीं दिखाई। नगर निगम ने अब इसके संचालन की जिम्मेदारी भी अपने हाथ में ली है।
नए सिरे से आरएफपी तैयार करने के दिए निर्देश
राजस्व के नुकसान को बचाने के लिए मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि इन दोनों परियोजनाओं के लिए नए सिरे से रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) तैयार की जाए, जिसमें नियम और शर्तें पहले से ही स्पष्ट हों। अधिकारियों का मानना है कि एजेंसियों के हाथ में संचालन सौंपने के बजाय यदि नगर निगम अपनी टीम के जरिये इनका संचालन करेगा तो राजस्व में बढ़ोतरी होगी। इस पर निगम के अधिकारियों के बीच अंतिम दौर का मंथन चल रहा है। जल्द ही संचालन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
कोट,
नगर निगम इन दोनों परियोजनाओं को लेकर गंभीर है। एजेंसियों की ओर से संचालन की तैयारी थी, लेकिन उनकी मनमानी के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है। राजस्व का नुकसान रोकने के लिए निगम ने खुद संचालन की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। जल्द प्रक्रिया पूरी करके स्काईवॉक और सरोवर का संचालन शुरू कराया जाएगा। - संजीव कुमार मौर्य, सीईओ, बरेली स्मार्ट सिटी कंपनी
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स्काईवॉक को आधुनिक व्यावसायिक हब के रूप में विकसित किया जाना था। यहां चौकी चौराहा, बरेली कॉलेज रोड और चौपुला की ओर जाने वाले राहगीरों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलने के साथ ही 80 दुकानों के माध्यम से खानपान और खरीदारी का अनुभव भी उपलब्ध कराया जाना था। नगर निगम ने एजेंसी के माध्यम से इसके संचालन की तैयारी की थी। टेंडर भी निकाले गए।
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डेढ़ साल पहले आनंदी इंटरप्राइजेज, अर्पित इंटरप्राइजेज और लाॅजिस्टिक इंटरप्राइजेज ने इसके संचालन में रुचि दिखाई। दो करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की सर्वाधिक बोली लगाने वाली आनंदी इंटरप्राइजेज को 15 वर्षों के लिए इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई। उम्मीद थी कि जल्दी ही स्काईवॉक का सपना साकार होगा, लेकिन एजेंसी ने काम ही नहीं शुरू किया। समय-समय पर नगर निगम की ओर से तीन नोटिस भी जारी किए गए, लेकिन एजेंसी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
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संजय कम्युनिटी सरोवर भी फांक रहा धूल
सिविल लाइंस में 11 करोड़ रुपये से बनकर तैयार हुआ संजय कम्युनिटी सरोवर भी संचालन की बाट जोह रहा है। इसके लिए नगर निगम ने निविदा जारी की, लेकिन ऊंची दरों के कारण एजेंसियों ने रुचि नहीं दिखाई। नगर निगम ने अब इसके संचालन की जिम्मेदारी भी अपने हाथ में ली है।
नए सिरे से आरएफपी तैयार करने के दिए निर्देश
राजस्व के नुकसान को बचाने के लिए मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि इन दोनों परियोजनाओं के लिए नए सिरे से रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) तैयार की जाए, जिसमें नियम और शर्तें पहले से ही स्पष्ट हों। अधिकारियों का मानना है कि एजेंसियों के हाथ में संचालन सौंपने के बजाय यदि नगर निगम अपनी टीम के जरिये इनका संचालन करेगा तो राजस्व में बढ़ोतरी होगी। इस पर निगम के अधिकारियों के बीच अंतिम दौर का मंथन चल रहा है। जल्द ही संचालन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
कोट,
नगर निगम इन दोनों परियोजनाओं को लेकर गंभीर है। एजेंसियों की ओर से संचालन की तैयारी थी, लेकिन उनकी मनमानी के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है। राजस्व का नुकसान रोकने के लिए निगम ने खुद संचालन की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। जल्द प्रक्रिया पूरी करके स्काईवॉक और सरोवर का संचालन शुरू कराया जाएगा। - संजीव कुमार मौर्य, सीईओ, बरेली स्मार्ट सिटी कंपनी