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छह घंटे शहर ने झेली बिजली वालों की मनमानी, अफसर रहे बेबस
बरेली
Updated Sat, 12 Aug 2017 01:31 AM IST
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bareilly
- फोटो : bareilly
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बरेली।
विवाद के बाद अपराह्न तीन बजे बंद की गयी बिजली से पूरे शहर में हाहाकार मच गया। उद्योग, बाजार, कारखाने, अस्पताल और सभी घरों की बत्ती गुल होने से लोग गुस्से में थे। उनका कहना था कि अगर कर्मचारियों को बिजली गुल करनी थी तो विवाद करने वाले विधायक और उनके समर्थकों की बिजली गुल करते, पब्लिक ने क्या बिगाड़ा। बिजली गुल होने पर पानी सप्लाई भी ठप हो गयी। छह घंटे बाद रात नौ बजे बिजली आपूर्ति शुरू की गई तबतक सारा शहर बिलबिलाता रहा।
बिजली की मुख्य लाइन बंद करने से शहर में बिजली बंद हो गई। लोगाें ने बिजली दफ्तर में फोन घनघनाना शुरू कर दिया। रात नौ बजे तक बिजली न आने से लोग परेशान रहे। एडीएम सिटी और एसपी सिटी ने कर्मचारियाें का ज्ञापन लिया तो इसके बाद बिजली शुरू हो पाई। लेकिन एक साथ कई इलाकों में बिजली लोड बढ़ने से लाइन ट्रिप कर गई। इससे हरुनगला, सुभाषनगर, डीडी पुरम, संजयनगर, पुराना शहर, जगतपुर में सप्लाई ट्रिप होती रही। रात 10 बजे के बाद ठीक तरह से बिजली शुरू हो पाई। छह घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल होने से लोगों के इंवर्टर बैठ गए।
अस्पतालों में चलाए गए जनरेटर, मरीज हुए बेहाल
बिजली गुल होने के बाद शहर के निजी अस्पतालाें में जनरेटर चलाए गए। गर्मी की वजह से मरीज और तीमारदार बेहाल हो गए। कई अस्पतालाें में डीजल खत्म होने से तुरंत अतिरिक्त डीजल की व्यवस्था करनी पड़ी। जिला अस्पताल में 24 घंटे बिजली सप्लाई होने के बावजूद भी कुछ देर के लिए जेनरेटर चलाना पड़ा। पंखाें की स्पीड कम हो गई और कूलर तक नहीं चले। फिलहाल यहां सप्लाई शुरू कर दी गई थी। सिविल लाइंस स्थित संजीवनी क्लीनिक के डॉ. एके चौहान ने बताया कि उनके यहां दोपहर तीन बजे से जेनरेटर चलाया जा रहा है। उन्होंने इस मामले पर बिजली कर्मियाें के विरोध को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि प्रशासन को इस पर एक्शन लेना चाहिए। विरोध जताने के लिए गर्मी में यह तरीका ठीक नहीं।
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भाजपा विधायक आज डीएम से मिलेंगे
बरेली। शहर विधायक डा. अरुण कुमार से विवाद के चलते पूरे शहर की बिजली काटने के विरोध में भाजपा के समस्त विधायक और संगठन पदाधिकारी आज 11 बजे जिलाधिकारी से मिलेंगे। भोजीपुरा विधायक बहोरनलाल मौर्य ने बताया कि अगर जेई की शहर विधायक से कोई बात हो भी गई थी तो पूरे शहर की बिजली काटने का अधिकार उनको किसने दिया। उन्होंने इस बारे में कमिश्नर पीवी जगनमोहन, डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह, एडीजी ब्रजराज मीणा और एसएसपी जोगेंद्र से फोन पर बात कर आपत्ति जताई है। उधर, जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर ने कहा कि भाजपा के सारे विधायकों के अलावा संगठन पदाधिकारी डीएम से मिलकर बिजली विभाग की मनमानी पर आपत्ति जताकर कार्रवाई के लिए कहेंगे।
विवाद के बाद अपराह्न तीन बजे बंद की गयी बिजली से पूरे शहर में हाहाकार मच गया। उद्योग, बाजार, कारखाने, अस्पताल और सभी घरों की बत्ती गुल होने से लोग गुस्से में थे। उनका कहना था कि अगर कर्मचारियों को बिजली गुल करनी थी तो विवाद करने वाले विधायक और उनके समर्थकों की बिजली गुल करते, पब्लिक ने क्या बिगाड़ा। बिजली गुल होने पर पानी सप्लाई भी ठप हो गयी। छह घंटे बाद रात नौ बजे बिजली आपूर्ति शुरू की गई तबतक सारा शहर बिलबिलाता रहा।
बिजली की मुख्य लाइन बंद करने से शहर में बिजली बंद हो गई। लोगाें ने बिजली दफ्तर में फोन घनघनाना शुरू कर दिया। रात नौ बजे तक बिजली न आने से लोग परेशान रहे। एडीएम सिटी और एसपी सिटी ने कर्मचारियाें का ज्ञापन लिया तो इसके बाद बिजली शुरू हो पाई। लेकिन एक साथ कई इलाकों में बिजली लोड बढ़ने से लाइन ट्रिप कर गई। इससे हरुनगला, सुभाषनगर, डीडी पुरम, संजयनगर, पुराना शहर, जगतपुर में सप्लाई ट्रिप होती रही। रात 10 बजे के बाद ठीक तरह से बिजली शुरू हो पाई। छह घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल होने से लोगों के इंवर्टर बैठ गए।
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अस्पतालों में चलाए गए जनरेटर, मरीज हुए बेहाल
बिजली गुल होने के बाद शहर के निजी अस्पतालाें में जनरेटर चलाए गए। गर्मी की वजह से मरीज और तीमारदार बेहाल हो गए। कई अस्पतालाें में डीजल खत्म होने से तुरंत अतिरिक्त डीजल की व्यवस्था करनी पड़ी। जिला अस्पताल में 24 घंटे बिजली सप्लाई होने के बावजूद भी कुछ देर के लिए जेनरेटर चलाना पड़ा। पंखाें की स्पीड कम हो गई और कूलर तक नहीं चले। फिलहाल यहां सप्लाई शुरू कर दी गई थी। सिविल लाइंस स्थित संजीवनी क्लीनिक के डॉ. एके चौहान ने बताया कि उनके यहां दोपहर तीन बजे से जेनरेटर चलाया जा रहा है। उन्होंने इस मामले पर बिजली कर्मियाें के विरोध को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि प्रशासन को इस पर एक्शन लेना चाहिए। विरोध जताने के लिए गर्मी में यह तरीका ठीक नहीं।
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भाजपा विधायक आज डीएम से मिलेंगे
बरेली। शहर विधायक डा. अरुण कुमार से विवाद के चलते पूरे शहर की बिजली काटने के विरोध में भाजपा के समस्त विधायक और संगठन पदाधिकारी आज 11 बजे जिलाधिकारी से मिलेंगे। भोजीपुरा विधायक बहोरनलाल मौर्य ने बताया कि अगर जेई की शहर विधायक से कोई बात हो भी गई थी तो पूरे शहर की बिजली काटने का अधिकार उनको किसने दिया। उन्होंने इस बारे में कमिश्नर पीवी जगनमोहन, डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह, एडीजी ब्रजराज मीणा और एसएसपी जोगेंद्र से फोन पर बात कर आपत्ति जताई है। उधर, जिलाध्यक्ष रवींद्र सिंह राठौर ने कहा कि भाजपा के सारे विधायकों के अलावा संगठन पदाधिकारी डीएम से मिलकर बिजली विभाग की मनमानी पर आपत्ति जताकर कार्रवाई के लिए कहेंगे।