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वर्दी वाले करा रहे हैं नशे का कारोबार!
बरेली
Updated Wed, 23 Sep 2015 12:39 AM IST
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बरेली। सत्ता की आड़ में नशे का कारोबार करने वाले सपा नेता अजीज अंसारी के पकड़े जाने बाद एसटीएफ की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि फरीदपुर ही नहीं बरेली शहर में भी पुलिस के संरक्षण में नशे का कारोबार चल रहा है। फरीदपुर में हाईवे के ढाबों पर अजीज की सप्लाई की गई अफीम ही बिकती है। ढाबों पर क्राइम ब्रांच से लेकर स्थानीय पुलिस कर्मियों तक सभी का आना-जाना लगा रहता है।
एसटीएफ फरीदपुर के सपा नेता अजीज अंसारी को जेल तो भेजने के बाद से ही उसके पूरे नेटवर्क को खंगालने में लगी हुई है। अजीज के साथी सत्यवीर के बेटे सुखपाल की एसटीएफ को सरगरमी से तलाश है, लेकिन वह अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। सूत्रों के मुताबिक सत्ता के बल पर अजीज का नेटवर्क पूरे बरेली में भी फैला था। फरीदपुर में द्वारिकेश चीनी मिल के आसपास के ढाबों पर पुलिस के संरक्षण में अजीज की ही स्मैक बिक रही है। ढाबों से पंजाब और दिल्ली तक स्मैक की सप्लाई ट्रक चालकों के जरिए पहुंचती है। बदायूं का रहने वाला सिपाही एक पुलिस अफसर के नाम पर ढाबों से हर महीने वसूली करने पहुंचता है। शहर के सबसे बड़े नशे के कारोबारी राजू से भी अजीज गैंग के लोगों का करीबी नाता है। राजू भी पश्चिमी बंगाल के मालदा से सपा नेता से ही अफीम की सप्लाई मंगाता था। सत्यवीर के बेटे सुखपाल ने ही सपा नेता के पकड़े जाने के पंद्रह दिन पहले ही राजू को अफीम लाकर बेची थी। एसटीएफ उसके पीछे लगी थी, लेकिन वह चकमा देकर निकल गया था। डीआईजी आरकेएस राठौर ने बताया कि पशु तस्करी के साथ स्मैक पर भी काम कराया जाएगा। ढाबों पर छापामारी कराकर स्मैक के तस्करों को पकड़वाकर कार्रवाई कराएंगे। जिन पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध होगी उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
काले बाबू, अहमद और चांद बांट रहे नशा
आरपीएफ ने जंक्शन से बारह बच्चे पकड़े
बरेली। मंगलवार को आरपीएफ ने बारह लड़कों को रेलवे जंक्शन से पकड़कर बाल कल्याण समिति के आदेश पर चाइल्ड लाइन को सौंप दिया है। इनमें से फरीदपुर के 17 साल के किशोर ने सूफी टोला में नशे के कारोबार करने वाले काले बाबू का नाम बताया है। उसका कहना है कि सूफी टोला में काले बाबू, अहमद मियां और चांद मियां स्मैक की पुड़िया बेच रहे हैं। काले बाबू के पास उसने कई बार पुलिस वालों को भी उन्होंने आते-जाने देखा है। सभी नशे के कारोबारी 100 रुपये में एक पुड़िया देते हैं। चाइल्ड लाइन ने किशोर को उसके घर पहुंचा दिया है।
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मां-बाप ने भीख मांगने छोड़ा, बेचने लगे स्मैक
चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक गजेंद्र सिंह ने बताया कि शाम को आरपीएफ ने बच्चे पकड़कर उन्हें सौंपे हैं। इनमें तीन लड़के कोलकाता के रहने वाले हैं। वह अपने माता-पिता के साथ जंक्शन पर आए थे। यहां माता-पिता उनसे भीख मंगवाने लगे। इसके बाद उन्हें यही छोड़ गए। वह धीरे-धीरे नशे के आदी हो गए। मोहम्मदी के एक किशोर की कहानी तो दर्द भरी है। उसके पिता कत्ल के आरोप में जेल चले गए थे। मां भी उसे छोड़कर कहीं चली गई। एक साल पहले वह ट्रेन में बैठकर आया और यहीं भीख मांगकर अपना पेट पालने लगा। उन्होंने बताया कि हम बच्चों के घरों का पता कराकर उन्हें परिवार के पास पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
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एसटीएफ फरीदपुर के सपा नेता अजीज अंसारी को जेल तो भेजने के बाद से ही उसके पूरे नेटवर्क को खंगालने में लगी हुई है। अजीज के साथी सत्यवीर के बेटे सुखपाल की एसटीएफ को सरगरमी से तलाश है, लेकिन वह अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। सूत्रों के मुताबिक सत्ता के बल पर अजीज का नेटवर्क पूरे बरेली में भी फैला था। फरीदपुर में द्वारिकेश चीनी मिल के आसपास के ढाबों पर पुलिस के संरक्षण में अजीज की ही स्मैक बिक रही है। ढाबों से पंजाब और दिल्ली तक स्मैक की सप्लाई ट्रक चालकों के जरिए पहुंचती है। बदायूं का रहने वाला सिपाही एक पुलिस अफसर के नाम पर ढाबों से हर महीने वसूली करने पहुंचता है। शहर के सबसे बड़े नशे के कारोबारी राजू से भी अजीज गैंग के लोगों का करीबी नाता है। राजू भी पश्चिमी बंगाल के मालदा से सपा नेता से ही अफीम की सप्लाई मंगाता था। सत्यवीर के बेटे सुखपाल ने ही सपा नेता के पकड़े जाने के पंद्रह दिन पहले ही राजू को अफीम लाकर बेची थी। एसटीएफ उसके पीछे लगी थी, लेकिन वह चकमा देकर निकल गया था। डीआईजी आरकेएस राठौर ने बताया कि पशु तस्करी के साथ स्मैक पर भी काम कराया जाएगा। ढाबों पर छापामारी कराकर स्मैक के तस्करों को पकड़वाकर कार्रवाई कराएंगे। जिन पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध होगी उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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काले बाबू, अहमद और चांद बांट रहे नशा
आरपीएफ ने जंक्शन से बारह बच्चे पकड़े
बरेली। मंगलवार को आरपीएफ ने बारह लड़कों को रेलवे जंक्शन से पकड़कर बाल कल्याण समिति के आदेश पर चाइल्ड लाइन को सौंप दिया है। इनमें से फरीदपुर के 17 साल के किशोर ने सूफी टोला में नशे के कारोबार करने वाले काले बाबू का नाम बताया है। उसका कहना है कि सूफी टोला में काले बाबू, अहमद मियां और चांद मियां स्मैक की पुड़िया बेच रहे हैं। काले बाबू के पास उसने कई बार पुलिस वालों को भी उन्होंने आते-जाने देखा है। सभी नशे के कारोबारी 100 रुपये में एक पुड़िया देते हैं। चाइल्ड लाइन ने किशोर को उसके घर पहुंचा दिया है।
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मां-बाप ने भीख मांगने छोड़ा, बेचने लगे स्मैक
चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक गजेंद्र सिंह ने बताया कि शाम को आरपीएफ ने बच्चे पकड़कर उन्हें सौंपे हैं। इनमें तीन लड़के कोलकाता के रहने वाले हैं। वह अपने माता-पिता के साथ जंक्शन पर आए थे। यहां माता-पिता उनसे भीख मंगवाने लगे। इसके बाद उन्हें यही छोड़ गए। वह धीरे-धीरे नशे के आदी हो गए। मोहम्मदी के एक किशोर की कहानी तो दर्द भरी है। उसके पिता कत्ल के आरोप में जेल चले गए थे। मां भी उसे छोड़कर कहीं चली गई। एक साल पहले वह ट्रेन में बैठकर आया और यहीं भीख मांगकर अपना पेट पालने लगा। उन्होंने बताया कि हम बच्चों के घरों का पता कराकर उन्हें परिवार के पास पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।