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Bareilly News: दूसरे ले-आउट में भी कमी, एक हेक्टेयर भूमि पड़ी कम
Fri, 03 Jul 2026 01:40 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 03 Jul 2026 01:40 AM IST
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बरेली। आवास विकास परिषद की परसाखेड़ा आवासीय योजना के संशोधित ले-आउट में भी कमियां सामने आईं। इस बार भी नक्शे में आवासीय क्षेत्र के लिए एक हेक्टेयर भूमि कम मिली। मेरठ से ले-आउट को फिर ठीक करवाकर शासन को भेजा गया है। इसके बाद काश्तकारों को भूमि आवंटित की जाएगी।
आवास विकास परिषद की परसाखेड़ा आवासीय योजना के दो माह पहले तैयार किए गए ले-आउट में 6.9 हेक्टेयर भूमि कम पड़ रही थी। इसमें ग्रुप हाउसिंग व कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए ज्यादा भूमि आवंटित कर दी गई थी। योजना के सेक्टर चार व छह में गड़बड़ी मिली थी। सेक्टर चार में कुल 67 हेक्टेयर भूमि है। इसमें काश्तकारों को 25 फीसदी के हिसाब से 16.78 हेक्टेयर भूमि चाहिए। पुराने ले-आउट में इनके लिए 9.89 हेक्टेयर भूमि ही नियोजित की गई थी। फिर इसका ले-आउट मेरठ के आर्किटेक्ट से तैयार करवाकर एक सप्ताह में शासन को भेजना था। दो माह बाद यह ले-आउट तैयार किया जा सका, जिसमें फिर आवासीय क्षेत्र के लिए एक हेक्टेयर भूमि कम पड़ गई। अब तीसरी बार ले-आउट को ठीक करवाकर शासन को भेजा गया है।
दूसरी बार तैयार कराए गए ले-आउट में भी एक हेक्टेयर भूमि कम पड़ गई। इसमें सुधार करके आवास आयुक्त को भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद काश्तकारों के लिए भूखंड आवंटन की तिथि घोषित की जाएगी। -राजेंद्रनाथ राम, अधिशासी अभियंता, आवास विकास परिषद
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आवास विकास परिषद की परसाखेड़ा आवासीय योजना के दो माह पहले तैयार किए गए ले-आउट में 6.9 हेक्टेयर भूमि कम पड़ रही थी। इसमें ग्रुप हाउसिंग व कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए ज्यादा भूमि आवंटित कर दी गई थी। योजना के सेक्टर चार व छह में गड़बड़ी मिली थी। सेक्टर चार में कुल 67 हेक्टेयर भूमि है। इसमें काश्तकारों को 25 फीसदी के हिसाब से 16.78 हेक्टेयर भूमि चाहिए। पुराने ले-आउट में इनके लिए 9.89 हेक्टेयर भूमि ही नियोजित की गई थी। फिर इसका ले-आउट मेरठ के आर्किटेक्ट से तैयार करवाकर एक सप्ताह में शासन को भेजना था। दो माह बाद यह ले-आउट तैयार किया जा सका, जिसमें फिर आवासीय क्षेत्र के लिए एक हेक्टेयर भूमि कम पड़ गई। अब तीसरी बार ले-आउट को ठीक करवाकर शासन को भेजा गया है।
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दूसरी बार तैयार कराए गए ले-आउट में भी एक हेक्टेयर भूमि कम पड़ गई। इसमें सुधार करके आवास आयुक्त को भेजा गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद काश्तकारों के लिए भूखंड आवंटन की तिथि घोषित की जाएगी। -राजेंद्रनाथ राम, अधिशासी अभियंता, आवास विकास परिषद
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