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किराये की गन से निशाना साधेंगे विश्वविद्यालय के शूटर
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बरेली। फरीदाबाद की मानव रचना यूनिवर्सिटी में आयोजित अंतर विश्वविद्यालयी शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जा रहे रुहेलखंड विश्वविद्यालय के शूटरों को वहां किराये की गन से निशाना साधना पड़ेगा। अयोध्या प्रकरण की वजह से देर शाम तक विश्वविद्यालय में चक्कर काटने के बावजूद उन्हें प्रतियोगिता में अपनी गन ले जाने की अनुमति नहीं मिली। शासन की ओर से 11 नवंबर तक छुट्टी घोषित होने के कारण विश्वविद्यालय ने उन्हें शूटिंग में जाने तक की अनुमति नहीं दी। उनसे दो टूक कह दिया गया कि उन्हें जाना है तो अपने जोखिम पर जाना होगा।
इन दिनों एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) की खेल प्रतियोगिताएं चल रही हैं। मंगलवार और बुधवार को फरीदाबाद की मानव रचना यूनिवर्सिटी में अंतर विश्वविद्यालयी शूटिंग चैंपियनशिप होनी है। विश्वविद्यालय से तीन महिला और तीन पुरुष शूटर की टीम इसमें जाने की तैयारी में है। सोमवार को कुछ शूटर प्रतियोगिता में जाने की अनुमति लेने के लिए विश्वविद्यालय पहुंचे मगर अयोध्या प्रकरण की वजह से 11 नवंबर तक अवकाश होने का हवाला देते हुए उन्हें अनुमति नहीं दी गई। विश्वविद्यालय के क्रीड़ा सचिव प्रोफेसर एके जैतली ने स्पष्ट कह दिया कि अगर कोई खिलाड़ी 11 नवंबर को जाना चाहता है तो उसने अपने जोखिम पर जाना होगा और अपने माता-पिता से भी इस संबंध में लिखवाकर देना होगा। मंगलवार को विश्वविद्यालय की ओर से अनुमति भेज दी जाएगी। शूटरों ने अपनी गन ले जाने की बात कही तो उन्होेंने अयोध्या पर फैसले के चलते शासन के आदेश का हवाला देते हुए इसकी अनुमति देने से भी साफ इंकार कर दिया। इसके बाद कुछ शूटर किराये की गन से प्रतियोगिता में निशाना साधने के लिए फरीदाबाद रवाना हो गए हैं। शासन के निर्देशों के चलते 11 नवंबर तक किसी भी टीम को भेजने का रिस्क नहीं लिया जा सकता और न ही उन्हें गन ले जाने की अनुमति दी जा सकती है। प्रतियोगिता के लिए उन्हें फरीदाबाद में किराये पर गन उपलब्ध हो जाएंगी। - प्रोफेसर एके जैतली, सचिव, क्रीड़ा परिषद
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इन दिनों एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज (एआईयू) की खेल प्रतियोगिताएं चल रही हैं। मंगलवार और बुधवार को फरीदाबाद की मानव रचना यूनिवर्सिटी में अंतर विश्वविद्यालयी शूटिंग चैंपियनशिप होनी है। विश्वविद्यालय से तीन महिला और तीन पुरुष शूटर की टीम इसमें जाने की तैयारी में है। सोमवार को कुछ शूटर प्रतियोगिता में जाने की अनुमति लेने के लिए विश्वविद्यालय पहुंचे मगर अयोध्या प्रकरण की वजह से 11 नवंबर तक अवकाश होने का हवाला देते हुए उन्हें अनुमति नहीं दी गई। विश्वविद्यालय के क्रीड़ा सचिव प्रोफेसर एके जैतली ने स्पष्ट कह दिया कि अगर कोई खिलाड़ी 11 नवंबर को जाना चाहता है तो उसने अपने जोखिम पर जाना होगा और अपने माता-पिता से भी इस संबंध में लिखवाकर देना होगा। मंगलवार को विश्वविद्यालय की ओर से अनुमति भेज दी जाएगी। शूटरों ने अपनी गन ले जाने की बात कही तो उन्होेंने अयोध्या पर फैसले के चलते शासन के आदेश का हवाला देते हुए इसकी अनुमति देने से भी साफ इंकार कर दिया। इसके बाद कुछ शूटर किराये की गन से प्रतियोगिता में निशाना साधने के लिए फरीदाबाद रवाना हो गए हैं। शासन के निर्देशों के चलते 11 नवंबर तक किसी भी टीम को भेजने का रिस्क नहीं लिया जा सकता और न ही उन्हें गन ले जाने की अनुमति दी जा सकती है। प्रतियोगिता के लिए उन्हें फरीदाबाद में किराये पर गन उपलब्ध हो जाएंगी। - प्रोफेसर एके जैतली, सचिव, क्रीड़ा परिषद
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