पीलीभीत मामले में जमानत के बाद शहला की रिहाई का रास्ता साफ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अलग-अलग मामलों में 23 दिनों से जेल में बंद नगर पालिका अध्यक्ष शहला ताहिर को बृहस्पतिवार को पीलीभीत के धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में भी जमानत मिल गई। इसके बाद उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर 17 जनवरी को विकास भवन में नगर पालिका अध्यक्ष पद की शपथ दिलाए जाने के फौरन बाद शहला ताहिर को गिरफ्तार कर लिया गया था। उनकी गिरफ्तारी नवाबगंज के माया अस्पताल में जून 2011 में हुई तोड़फोड़ और लूटपाट के मामले में हुई थी। हालांकि वह पीलीभीत नगर पालिका में धोखाधड़ी और जालसाजी से अपने पति डॉ. ताहिर को ईओ का चार्ज दिलाने के मामले में भी वांछित थीं। माया अस्पताल मामले में शहला ताहिर को तीन दिन पहले जमानत मिल चुकी है। बृहस्पतिवार को पीलीभीत की अदालत ने भी उनकी जमानत मंजूर कर ली। नवाबगंज में मतदान वाले दिन दर्ज हुए जानलेवा हमले और फिर 19 दिसम्बर को निकाले गए विजय जुलूस के दौरान देशविरोधी नारेबाजी के मामले में उन्हें हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे मिल चुका है। लिहाजा माना जा रहा है कि जल्द ही शहला की रिहाई हो सकती है।
फिर सक्रिय हुए विरोधी
दो मामलों में जमानत मिलने के बाद भी शहला ताहिर की सारी मुश्किलें आसान होती नहीं दिख रही हैं। दरअसल नवाबगंज में मतदान के दिन हुए बवाल के बाद उनके खिलाफ दर्ज हुए जानलेवा हमले के मामले में हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने तक ही उनकी गिरफ्तारी पर स्टे दिया है। ऐसे में शहला ताहिर के विरोधी उनके खिलाफ इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कराने की कोशिश में जुट गए हैं।