Shani Asta 2023: कुंभ राशि में अस्त हो रहे शनिदेव, सभी राशियों पर पड़ेगा असर, जानिए अपना राशिफल
शनिदेव कुंभ राशि में अस्त हो रहे हैं। इसका सभी राशियों पर असर पड़ने वाला है। ज्योतिष सेवा संस्थान के अध्यक्ष आचार्य पवन तिवारी ने सभी 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में जानकारी दी है।
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विस्तार
वैदिक ज्योतिष में शनिदेव को न्याय का देवता माना गया है। सभी नौ ग्रहों में शनिदेव की गति सबसे धीमी है। ज्योतिष के मुताबिक कुंडली में शनि की मजबूत स्थिति होने पर जातकों को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। 30 जनवरी को शनिदेव कुंभ राशि में अस्त हो रहे हैं। इसका सभी राशियों पर असर पड़ने वाला है। ज्योतिष सेवा संस्थान के अध्यक्ष आचार्य पवन तिवारी ने सभी 12 राशियों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में जानकारी दी है।
मेष राशि
शनि देव के अस्त होने का प्रभाव सामाजिक संबंधों और आर्थिक स्थिति पर भी पड़ सकता है। किसी से कोई रुका हुआ पैसा लेना है तो हो सकता है कि वह मिलने में देरी हो जाए। शनि के अस्त होने से आपको बेहतर करियर में मौके न मिलें। मौजूद कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ संबंधों को लेकर सावधान रहने की आवश्यता है।
वृषभ राशि
शनि कुंभ राशि में अस्त होकर व्यावसायिक जीवन पर नकारात्मक असर डाल सकते हैं। करियर की ग्रोथ में देरी हो सकती है। जो लोग सरकारी नौकरी में हैं, उन्हें इस दौरान ज्यादा सावधान रहने की आवश्यकता होगी, क्योंकि बॉस या उच्चाधिकारियों के साथ अनबन होने की आशंका है। यात्रा के दौरान भी सावधानी बरतें।
मिथुन राशि
शनि देव की अस्त अवस्था के दौरान यात्रा में सावधानी बरतें। पिता के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। उच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए आगे की योजना बना रहे हैं, उसमें थोड़ी देरी हो सकती है।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों को आठवें भाव से संबंधित परिणाम प्राप्त होंगे, जो काफी प्रतिकूल हो सकते हैं। ससुराल पक्ष के लोगों के साथ संबंधों में तनाव आ सकता है। अचानक से लाभ या हानि होने के भी योग बन रहे हैं। खर्चों को नियंत्रित करें।
सिंह राशि
सिंह राशि के सातवें भाव के स्वामी सातवें भाव में अस्त हो रहे हैं। प्रेम संबंध में या बिजनेस पार्टनर के साथ विवाद हो सकता है। प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कोई भी नया फैसला सोच विचार कर लें।
कन्या राशि
शनि छठे भाव के स्वामी के रूप में आपके छठे भाव में अस्त होंगे, जो स्वास्थ्य पर असर डालेगा। कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। कोर्ट केस या कानूनी कार्यवाही में फंसे हुए हैं तो सावधान रहें। नौकरीपेशा जातक पदोन्नति की उम्मीद लगाकर रखेंगे, लेकिन सफलता की संभावना कम रहेगी।
तुला राशि
शनि पांचवें भाव के स्वामी के रूप में अस्त होंगे, जो कि प्रेम, शिक्षा और संतान का भाव होता है। बच्चों के साथ भी संबंधों में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। दोस्ती और सामाजिक संबंधों में भी परेशानियां आ सकती हैं। लोन चल रहा है तो किस्त समय पर जमा करें और किसी से पैसे उधार न लें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शनि देव चौथे भाव में अस्त होकर ढैय्या के माध्यम से मां के संबंध में उतार-चढ़ाव का कारण बन सकते हैं। स्वास्थ्य में भी गिरावट आ सकती है। कोई प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बनाएं तो सतर्क रहें। ठगी के शिकार हो सकते हैं।
धनु राशि
शनि देव धनु राशि के तीसरे भाव में अस्त होंगे, जिसके परिणामस्वरूप इस राशि वालों को काम से संबंधित यात्राओं करने के दौरान परेशानी हो सकती है। जिस उद्देश्य से यात्रा पर जाएं, वह सफल न हो। मानसिक शांति के लिए कोई आध्यात्मिक यात्रा कर सकते हैं। भाई-बहनों के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं।
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए शनि देव दूसरे भाव में अस्त होंगे, जो कि धन, परिवार और वाणी का भाव होता है। फैमिली बिजनेस में घाटा हो सकता है। पारिवारिक विवाद बढ़ सकता है। आर्थिक क्षति भी हो सकती है। सट्टा बाजार शेयर मार्केट में निवेश करने बचें, क्योंकि शनि देव की दृष्टि आठवें भाव पर पड़ रही है।
कुंभ राशि
शनि देव कुंभ राशि के लग्न भाव में अस्त होंगे। साढ़ेसाती का दूसरा चरण भी चल रहा है। ऐसे में भाई-बहनों के साथ संबंध प्रभावित होंगे। विवाह में परेशानी हो सकती है। पेशेवर रूप से देखा जाए तो कार्यस्थल पर नौकरीपेशा जातकों को काम का अधिक दबाव महसूस हो सकता है। स्वास्थ्य में गिरावट भी आ सकती है।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए शनि देव की साढ़ेसाती का फिलहाल पहला चरण चल रहा है। वहीं शनि देव मीन राशि वालों के बारहवें भाव में अस्त होंगे। ऐसे में आर्थिक नुकसान हो सकता है। कर्ज में बढ़ोतरी हो सकती है। वेतन वृद्धि न होने से मन दुखी रहेगा। कई कठिनाइयों से गुजरेंगे और आपका भरोसा अध्यात्म के प्रति बढ़ता जाएगा।