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सात हजार का कर्ज, एक लाख चुकाकर भी 20 हजार बाकी, खा लिया जहर
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अस्पताल में भर्ती पीड़ित।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सूदखोर के जाल में फंसे ऑटो ड्राइवर को गंभीर हालत में घरवालों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया
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ऑटो छीनने की धमकी से आया दहशत में, चार साल पहले लिया था कर्ज
बरेली। संजयनगर में रहने वाले ऑटो ड्राइवर पंकज उर्फ कल्लू ने चार साल पहले एक सूदखोर से सात हजार रुपये का कर्ज लिया। एक लाख रुपये से ज्यादा रकम चुकाने के बावजूद सूदखोर 20 हजार रुपये और बकाया बताकर जब उसका ऑटो छीनने पर आमादा हो गया तो पंकज ने खुदकुशी करने के लिए जहर खा लिया। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिला अस्पताल में भर्ती पंकज के घरवालों ने बताया कि चार साल पहले अचानक जरूरत पड़ने पर उसने संजयनगर में ही होली चौराहे के पास रहने वाले एक सूदखोर से सात हजार रुपये का कर्ज ब्याज पर लिया था। डेढ़ साल में पंकज ने सूदखोर को करीब 25 हजार रुपये लौटा दिए लेकिन इसके बावजूद वह उन पर 20 हजार रुपये से ज्यादा बकाया बताता रहा। करीब ढाई साल पहले सूदखोर के दबाव में पंकज ने उसे सौ रुपये रोज की किस्त देनी शुरू कर दी। तबसे लगातार किस्त देने के बावजूद सूदखोर ने उसका खाता बंद नहीं किया।
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पंकज के घरवालों के मुताबिक सूदखोर अब भी उस पर बीस हजार रुपये बकाया बता रहा था और पैसे न देने पर उसका ऑटो छीन लेने की धमकी दे रहा था। लगातार धमकियों से परेशान होने शनिवार को पंकज ने बरेली कॉलेज के पास ऑटो में ही जहर खा लिया। साथी ऑटो ड्राइवर ने उसे तड़पता देखकर परिवार वालों को सूचना दी तो उन्होंने पंकज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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700 रुपये रोज कमाई, अपने हिस्से में सिर्फ डेढ़ सौ
पंकज के पिता धनीराम मजदूरी करते हैं और छोटा भाई प्राइवेट नौकरी। पंकज के बहनोई मोहित ने बताया कि ऑटो चलाकर पंकज रोज करीब सात सौ रुपये कमाता है लेकिन परिवार का खर्च चलाने में उसे मुश्किल हो रही थी। सात सौ रुपये में 300 रुपये ऑटो का किराया और 150 रुपये सीएनजी भरवाने पर खर्च होते हैं, इसके अलावा सौ रुपये रोज सूदखोर ले लेता था। लिहाजा पूरे दिन मेहनत के बावजूद उसके पास बमुश्किल डेढ़ सौ रुपये बचते थे। इसके बावजूद सूदखोर ने ऑटो छीनने की धमकी दी तो वह डर गया और जहर खा लिया। उन्होंने आरोपी सूदखोर के खिलाफ थाना बारादरी में तहरीर दे दी है। हालांकि बारादरी इंस्पेक्टर नीरज मलिक ने तहरीर मिलने से इनकार किया है।
इस तरह की कोई घटना संज्ञान में नहीं आई है। अगर पीड़ित पक्ष तहरीर देगा तो रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी
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ऑटो छीनने की धमकी से आया दहशत में, चार साल पहले लिया था कर्ज बरेली। संजयनगर में रहने वाले ऑटो ड्राइवर पंकज उर्फ कल्लू ने चार साल पहले एक सूदखोर से सात हजार रुपये का कर्ज लिया। एक लाख रुपये से ज्यादा रकम चुकाने के बावजूद सूदखोर 20 हजार रुपये और बकाया बताकर जब उसका ऑटो छीनने पर आमादा हो गया तो पंकज ने खुदकुशी करने के लिए जहर खा लिया। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिला अस्पताल में भर्ती पंकज के घरवालों ने बताया कि चार साल पहले अचानक जरूरत पड़ने पर उसने संजयनगर में ही होली चौराहे के पास रहने वाले एक सूदखोर से सात हजार रुपये का कर्ज ब्याज पर लिया था। डेढ़ साल में पंकज ने सूदखोर को करीब 25 हजार रुपये लौटा दिए लेकिन इसके बावजूद वह उन पर 20 हजार रुपये से ज्यादा बकाया बताता रहा। करीब ढाई साल पहले सूदखोर के दबाव में पंकज ने उसे सौ रुपये रोज की किस्त देनी शुरू कर दी। तबसे लगातार किस्त देने के बावजूद सूदखोर ने उसका खाता बंद नहीं किया।
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पंकज के घरवालों के मुताबिक सूदखोर अब भी उस पर बीस हजार रुपये बकाया बता रहा था और पैसे न देने पर उसका ऑटो छीन लेने की धमकी दे रहा था। लगातार धमकियों से परेशान होने शनिवार को पंकज ने बरेली कॉलेज के पास ऑटो में ही जहर खा लिया। साथी ऑटो ड्राइवर ने उसे तड़पता देखकर परिवार वालों को सूचना दी तो उन्होंने पंकज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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700 रुपये रोज कमाई, अपने हिस्से में सिर्फ डेढ़ सौ
पंकज के पिता धनीराम मजदूरी करते हैं और छोटा भाई प्राइवेट नौकरी। पंकज के बहनोई मोहित ने बताया कि ऑटो चलाकर पंकज रोज करीब सात सौ रुपये कमाता है लेकिन परिवार का खर्च चलाने में उसे मुश्किल हो रही थी। सात सौ रुपये में 300 रुपये ऑटो का किराया और 150 रुपये सीएनजी भरवाने पर खर्च होते हैं, इसके अलावा सौ रुपये रोज सूदखोर ले लेता था। लिहाजा पूरे दिन मेहनत के बावजूद उसके पास बमुश्किल डेढ़ सौ रुपये बचते थे। इसके बावजूद सूदखोर ने ऑटो छीनने की धमकी दी तो वह डर गया और जहर खा लिया। उन्होंने आरोपी सूदखोर के खिलाफ थाना बारादरी में तहरीर दे दी है। हालांकि बारादरी इंस्पेक्टर नीरज मलिक ने तहरीर मिलने से इनकार किया है।इस तरह की कोई घटना संज्ञान में नहीं आई है। अगर पीड़ित पक्ष तहरीर देगा तो रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी