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सेटेलाइट फ्लाईओवर- शासन जब पूछेगा तो बता देंगे कितना खर्च आएगा
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बरेली। सेटेलाइट फ्लाईओवर के नक्शे में बदलाव करके पीलीभीत रोड पर एक लेन तैयार करने संबंधी अभी आदेश भले ही सेतु निगम के पास न पहुंचा हो लेकिन केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार की चिट्ठी के बाद नया नक्शा तैयार करने को लेकर होमवर्क जरूर शुरू कर दिया गया है। सेतु निगम के अफसरों का कहना है कि जब शासन से इस संबंध में जब कोई आदेश आएगा तो इस पर होने वाले खर्च का हिसाब भी दे दिया जाएगा।
फिलहाल, शुरूआती सर्वे में सेतु निगम ने करीब 25 करोड़ रुपये के खर्च का आंकलन किया गया है। यहां बिजली लाइन और पोल को शिफ्ट करने के लिए भी करीब छह करोड़ के बजट की अनुमति मिलनी बाकी है। पीलीभीत की तरफ पुल बनेगा या नहीं, अभी यह तय नहीं है लेकिन सेतु निगम के शुरूआती सर्वे में यह आंकड़ा सामने आया है कि पीलीभीत रोड की तरफ 300 मीटर लंबी और 8.500 मीटर चौड़ी लेन के लिए करीब 25 करोड़ का अनुमानित खर्च आएगा। शासन से अगर कोई खर्च पूछा जाएगा तो उन्हें इस संबंध में जानकारी दे दी जाएगी।
खतरे के बीच काम कर रहे मजदूर
-सेटेलाइट फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान एक बार फिर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी शुरू हो गई है। बुधवार को चौराहे के पास निर्माण कार्य के दौरान कई मजदूर बगैर हेलमेट और सुरक्षा उपकरणों के काम कर रहे थे। इस दौरान अगर कोई हादसा होता है तो कौन जिम्मेदार होगा।
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फिलहाल, शुरूआती सर्वे में सेतु निगम ने करीब 25 करोड़ रुपये के खर्च का आंकलन किया गया है। यहां बिजली लाइन और पोल को शिफ्ट करने के लिए भी करीब छह करोड़ के बजट की अनुमति मिलनी बाकी है। पीलीभीत की तरफ पुल बनेगा या नहीं, अभी यह तय नहीं है लेकिन सेतु निगम के शुरूआती सर्वे में यह आंकड़ा सामने आया है कि पीलीभीत रोड की तरफ 300 मीटर लंबी और 8.500 मीटर चौड़ी लेन के लिए करीब 25 करोड़ का अनुमानित खर्च आएगा। शासन से अगर कोई खर्च पूछा जाएगा तो उन्हें इस संबंध में जानकारी दे दी जाएगी।
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खतरे के बीच काम कर रहे मजदूर
-सेटेलाइट फ्लाईओवर के निर्माण के दौरान एक बार फिर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी शुरू हो गई है। बुधवार को चौराहे के पास निर्माण कार्य के दौरान कई मजदूर बगैर हेलमेट और सुरक्षा उपकरणों के काम कर रहे थे। इस दौरान अगर कोई हादसा होता है तो कौन जिम्मेदार होगा।
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