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संवेदनशील मतदान केंद्रों की ड्रोन कैमरों से होगी निगरानी
बरेली।
Updated Tue, 28 Nov 2017 02:11 AM IST
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सोमवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त एसके अग्रवाल ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए निकाय चुनाव की तैयारियों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह को पांच और ड्रोन कैमरे किराये पर लेने के निर्देश दिए। नवाबगंज नगर पालिका परिषद के चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त बेहद चिंतित दिखे। यहां से निवर्तमान चेयरमैन शहला ताहिर इस बार बसपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष के भाई की पत्नी प्रेमलता राठौर भी चुनाव लड़ रही हैं। पिछले चुनाव में यहां जमकर बवाल हुआ था। इस बार चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही भाजपा और शहला ताहिर के समर्थक आमने-सामने आ गए थे। इसकी वजह से राज्य निर्वाचन आयुक्त ने नवाबगंज के बारे में बारीकी से जानकारी लेकर अलर्ट रहने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि चुनाव में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। डीएम ने इस पर नवाबगंज समेत जिले के सभी निकायों में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराने का आश्वासन दिया।
मतदान से 48 घंटे पहले शहर छोड़ दें बाहरी लोग
राज्य निर्वाचन आयोग का आदेश है कि प्रेक्षक, निर्वाचन ड्यूटी पर तैनात कार्यपालक मजिस्ट्रेट/रटर्निंग अधिकारी, पोलिंग एजेंट के अलावा कोई भी व्यक्ति मतदान केंद्र में प्रवेश नहीं करेगा। मतदान से 48 घंटे पहले स्थानीय निकाय में कोई बाहर का व्यक्ति नहीं रहेगा। यदि कोई व्यक्ति जिले का निवासी नहीं है तो उसे जिला छोड़ना होगा। जिस व्यक्ति को शासन से सुरक्षा मिली है, वह अपने निवास क्षेत्र में मतदान करने के बाद भ्रमण नहीं करेगा। सत्ताधारी राजनीतिक दल के नेता किसी निरीक्षण गृह, डाक बंगला और विश्राम गृह का प्रयोग चुनाव के लिए नहीं करेंगे। कोई भी मंत्री अपने भ्रमण को शासकीय दौरे में नहीं जोड़ेगा।
मतदान से 48 घंटे पहले शहर छोड़ दें बाहरी लोग
राज्य निर्वाचन आयोग का आदेश है कि प्रेक्षक, निर्वाचन ड्यूटी पर तैनात कार्यपालक मजिस्ट्रेट/रटर्निंग अधिकारी, पोलिंग एजेंट के अलावा कोई भी व्यक्ति मतदान केंद्र में प्रवेश नहीं करेगा। मतदान से 48 घंटे पहले स्थानीय निकाय में कोई बाहर का व्यक्ति नहीं रहेगा। यदि कोई व्यक्ति जिले का निवासी नहीं है तो उसे जिला छोड़ना होगा। जिस व्यक्ति को शासन से सुरक्षा मिली है, वह अपने निवास क्षेत्र में मतदान करने के बाद भ्रमण नहीं करेगा। सत्ताधारी राजनीतिक दल के नेता किसी निरीक्षण गृह, डाक बंगला और विश्राम गृह का प्रयोग चुनाव के लिए नहीं करेंगे। कोई भी मंत्री अपने भ्रमण को शासकीय दौरे में नहीं जोड़ेगा।
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