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कठिन हुई स्कूल की डगर
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 30 Jul 2016 12:51 AM IST
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स्ककूल
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स्कूलों तक बच्चों की पहुंच बनाने के लिए तमाम सरकारी प्रयास किये जा रहे हैं। अव्यवस्थाएं हैं कि कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब बारिश का मौसम राह में रोड़ा बन रहा है। बेनीपुर चौधरी प्राथमिक विद्यालय के बच्चे कीचड़, जलभराव और खराब रास्ते की वजह से स्कूल छोड़ चुके हैं। यही हाल देवरनियां के सेमीखेड़ा प्राथमिक विद्यालय और शांतिविहार सिठौरा के जूनियर हाईस्कूल का है।
गंदगी के चलते स्कूल नहीं जा रहे बच्चे
सिटी शमशान भूमि के आगे बेनीपुर चौधरी प्राथमिक विद्यालय जानेे से पहले कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। हर तरफ कीचड़, गंदगी और ऊबड़ खाबड़ रास्ता है। स्कूल पहुंचने पर खंडहर सरीखे भवन मिलता है जहां टूटी फर्श और गंदगी ही बच्चों के हिस्से में आती है। सभी कमराें में जाले और सीलन है। यहां चहारदीवारी
भी नहीं है। हैंडपंप भी पानी देना बंद कर चुके हैं। कुछ दिन पहले कक्ष निर्माण कराया गया लेकिन उसमें भी घोटाला हुआ। पूर्व प्रधानाध्यापक पर इस प्रकरण में कार्रवाई भी हो चुकी है। यहां के रसोईघर के पास भी गंदगी का ढेर लगा है। आईवीआईआर के रिटायर्ड लैब तकनीशियन जो पास में रहते हैं, ने बताया कि कि गंदे रास्ते की वजह से मुस्लिम से आने वाले कम से कम पांच बच्चाें ने स्कूल छोड़ दिया है।
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जलभराव की समस्या का नहीं हुआ समाधान
मढ़ीनाथ से आगे सिठौरा के शांतिविहार इलाके में जूनियर हाईस्कूल है। इस समय स्कूल के चारों तरफ बारिश और नाले का पानी भरा हुआ है। पास में ही एक मंदिर है वह भी गंदे पानी से घिरा हुआ है। पिछले दिनों खंड शिक्षा अधिकारी महानगर नरेंद्र सिंह पवार ने यहां का दौरा किया था। उन्हाेंने जलभराव की स्थिति में स्कूल बंद कराने की जगह उसे प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट कर दिया लेकिन वहां पहले से बच्चों की संख्या अधिक है। ऐसे में यहां भी कई बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं।
कभी भी ढह सकता है स्कूल भवन
देवरनियां। सेमीखेड़ा प्राथमिक विद्यालय में बारिश का पानी घुसने से स्कूल में पढ़ाई बंद है। प्रधानाध्यापिका सीमा रानी ने बताया कि पुलिया बंद करने से हर साल स्कूल व गांव मे पानी भर जाता है। स्कूल भवन के गिरने का खतरा भी बना रहता है। यहां कई लोगों के घरों में भी पानी घुस रहा है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एसडीएम बहेड़ी व नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी से भी की है लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
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गंदगी के चलते स्कूल नहीं जा रहे बच्चे
सिटी शमशान भूमि के आगे बेनीपुर चौधरी प्राथमिक विद्यालय जानेे से पहले कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। हर तरफ कीचड़, गंदगी और ऊबड़ खाबड़ रास्ता है। स्कूल पहुंचने पर खंडहर सरीखे भवन मिलता है जहां टूटी फर्श और गंदगी ही बच्चों के हिस्से में आती है। सभी कमराें में जाले और सीलन है। यहां चहारदीवारी
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भी नहीं है। हैंडपंप भी पानी देना बंद कर चुके हैं। कुछ दिन पहले कक्ष निर्माण कराया गया लेकिन उसमें भी घोटाला हुआ। पूर्व प्रधानाध्यापक पर इस प्रकरण में कार्रवाई भी हो चुकी है। यहां के रसोईघर के पास भी गंदगी का ढेर लगा है। आईवीआईआर के रिटायर्ड लैब तकनीशियन जो पास में रहते हैं, ने बताया कि कि गंदे रास्ते की वजह से मुस्लिम से आने वाले कम से कम पांच बच्चाें ने स्कूल छोड़ दिया है।
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जलभराव की समस्या का नहीं हुआ समाधान
मढ़ीनाथ से आगे सिठौरा के शांतिविहार इलाके में जूनियर हाईस्कूल है। इस समय स्कूल के चारों तरफ बारिश और नाले का पानी भरा हुआ है। पास में ही एक मंदिर है वह भी गंदे पानी से घिरा हुआ है। पिछले दिनों खंड शिक्षा अधिकारी महानगर नरेंद्र सिंह पवार ने यहां का दौरा किया था। उन्हाेंने जलभराव की स्थिति में स्कूल बंद कराने की जगह उसे प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट कर दिया लेकिन वहां पहले से बच्चों की संख्या अधिक है। ऐसे में यहां भी कई बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं।
कभी भी ढह सकता है स्कूल भवन
देवरनियां। सेमीखेड़ा प्राथमिक विद्यालय में बारिश का पानी घुसने से स्कूल में पढ़ाई बंद है। प्रधानाध्यापिका सीमा रानी ने बताया कि पुलिया बंद करने से हर साल स्कूल व गांव मे पानी भर जाता है। स्कूल भवन के गिरने का खतरा भी बना रहता है। यहां कई लोगों के घरों में भी पानी घुस रहा है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एसडीएम बहेड़ी व नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी से भी की है लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।