{"_id":"66fdf9873a6ac482280a16b9","slug":"scenes-of-devastation-everywhere-eyes-kept-searching-for-their-loved-ones-in-the-debris-bareilly-news-c-4-bly1015-494412-2024-10-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: हर ओर तबाही का मंजर, मलबे में अपनों को खोजती रहीं आंखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: हर ओर तबाही का मंजर, मलबे में अपनों को खोजती रहीं आंखें
विज्ञापन
बरेली। सिरौली के कल्याणपुर में हुए धमाके के बाद मलबे में दबे लोगों को तलाश करने के लिए पांच घंटे तक राहत अभियान चला। इसमें लोग अपनों को तलाशते रहे पर सफलता न मिल सकी। मलबे में मांस के लोथड़े देखकर लोग आशंकित हो रहे थे। सबका दर्द एक जैसा ही था, पर वे एक-दूसरे को ढांढस भी बंधा रहे थे।
विस्फोट के बाद प्रशासन व पुलिस के अधिकारी घंटेभर में सिरौली पहुंच गए। राहत कार्य के लिए जेसीबी व उपकरण मंगा लिए गए। संबंधित टीमों ने पहले जेसीबी से मलबा हटाने की कोशिश की, पर तंग जगह में वह चल ही नहीं पाई। इसके बाद टीमों ने अन्य उपकरणों व हाथों से ही मलबे को हटाने की जद्दोजहद शुरू की। रात नौ बजे तक करीब पांच घंटे में दस फीसदी मलबा भी नहीं उठ सका।
ऐसे में रहमान शाह के परिवार के करीबी लोग वाहिद के दो बच्चों की देर तक तलाश करते रहे। हालांकि, इसमें सफलता नहीं मिल सकी। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक वाहिद के तीन बेटे हैं। इनमें से एक दस साल का है, जो घटना के दौरान कोचिंग पढ़ने गया था। उसके घर में घुसने से पहले ही हादसा हो गया। इसलिए माना जा रहा है कि वाहिद ही उसे लेकर फरार हो गया है।
विज्ञापन
ढाई किमी दूर तक सुनी गई धमाके की गूंज
धमाके की आवाज करीब ढाई किमी दूर तक सुनाई दी। इससे आसपास के गांव बरसेर, केसरपुर आदि के ग्रामीण चौंक गए। इसके बाद कॉल और मेसेज के जरिये वह एक-दूसरे से संपर्क करने लगे। थोड़ी ही देर में कल्याणपुर की घटना के बारे में जानकारी हुई तो लोग मौके पर आ गए। अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विस्फोट के बाद प्रशासन व पुलिस के अधिकारी घंटेभर में सिरौली पहुंच गए। राहत कार्य के लिए जेसीबी व उपकरण मंगा लिए गए। संबंधित टीमों ने पहले जेसीबी से मलबा हटाने की कोशिश की, पर तंग जगह में वह चल ही नहीं पाई। इसके बाद टीमों ने अन्य उपकरणों व हाथों से ही मलबे को हटाने की जद्दोजहद शुरू की। रात नौ बजे तक करीब पांच घंटे में दस फीसदी मलबा भी नहीं उठ सका।
विज्ञापन
ऐसे में रहमान शाह के परिवार के करीबी लोग वाहिद के दो बच्चों की देर तक तलाश करते रहे। हालांकि, इसमें सफलता नहीं मिल सकी। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक वाहिद के तीन बेटे हैं। इनमें से एक दस साल का है, जो घटना के दौरान कोचिंग पढ़ने गया था। उसके घर में घुसने से पहले ही हादसा हो गया। इसलिए माना जा रहा है कि वाहिद ही उसे लेकर फरार हो गया है।
विज्ञापन
ढाई किमी दूर तक सुनी गई धमाके की गूंज
धमाके की आवाज करीब ढाई किमी दूर तक सुनाई दी। इससे आसपास के गांव बरसेर, केसरपुर आदि के ग्रामीण चौंक गए। इसके बाद कॉल और मेसेज के जरिये वह एक-दूसरे से संपर्क करने लगे। थोड़ी ही देर में कल्याणपुर की घटना के बारे में जानकारी हुई तो लोग मौके पर आ गए। अमर उजाला ब्यूरो