..तो शहर में हादसों के लिए बनी थी स्काडा योजना

न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली Updated Thu, 15 Feb 2018 07:58 PM IST
scada scheme is meant to give invitation to accidents
Poll
करोड़ों रुपये खर्च होने पर भी विभागीय लापरवाही और मनमानी के चलते बेतरतीब खंभे सड़क से नहीं हट सके, इससे शहर में दर्जनों स्थानों पर हादसों के प्वाइंट तैयार हो गए हैं। उधर, बीडीए ने भी सौ फुटा, प्रेमनगर, पीलीभीत बाईपास और स्टेडियम रोड आदि स्थानों पर चिह्नित विद्युत खंभे और हाईटेंशन लाइनें शिफ्ट करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। बीडीए ने कहा कि इसमें ज्यादा बजट खर्च होगा, इसलिए फिलहाल शिफ्टिंग करना मुश्किल है। शहर में स्काडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्यूजिशन) योजना के दौरान ही सौ फुटा, स्टेडियम मार्ग, डेलापीर-प्रेमनगर-नईबस्ती चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू हुआ। इसके साथ ही श्यामगंज ओवरब्रिज भी बनने लगा। संबंधित विभागों और नगर निगम प्रशासन ने बिजली विभाग से आग्रह किया था कि इन मार्गों को भी स्काडा योजना में शामिल कर लिया जाए। सेतु निगम ने बिजली विभाग से फ्लाईओवर कार्य में शिफ्ट होने वाली लाइनों का एस्टीमेट मांगा तो जवाब तक नहीं दिया। काफी कहासुनी के बाद छह करोड़ से ऊपर का बिल बनाकर थमा दिया। निगम ने खुद शिफ्टिंग कार्य कराने का फैसला लिया क्योंकि विद्युत विभाग से आया एस्टीमेट काल्पनिक था। निगम ने चीफ इंजीनियर से मदद मांगी लेकिन संबंधित अधिशासी अभियंता तक ने नहीं सुनी। श्यामगंज-शाहदाना मार्ग पर विभाग ने जबरन स्काडा योजना से भूमिगत केबल डलवा दीं, जब फ्लाईओवर बनना शुरू हुआ तो पिलर के लिए खुदाई हुई। इसके बाद मनमाने तरीके से डाली गई हाईटेंशन लाइन के केबल बर्स्ट होने लगे। यह समस्या आज तक हल नहीं हो सकी है।
बीडीए लाइन शिफ्ट करने से इंकार
विद्युत विभाग के असहयोग के बाद सौ फुटा, पीलीभीत बाईपास, स्टेडियम मार्ग, प्रेमनगर आदि क्षेत्र में बाधक बने पोल और हाईटेंशन लाइनें शिफ्ट करने के लिए बीडीए ने खुद कार्य योजना बनाकर टेंडर आमंत्रित किए। टेंडर अपने चहेतों को देने पर विवाद हो गया। अमर उजाला ने इसका खुलासा किया तो उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने आनन-फानन में टेंडर रद कर दिए और फिर से प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। पिछले तीन-चार महीने से टेंडर मांगने की प्रक्रिया लंबित है। इस बीच बिजली विभाग और विद्युत सुरक्षा अफसरों ने हाईटेंशन लाइनें भूमिगत कराने को कहा। बीडीए ने इन निर्देशों के तहत जब नए सिरे से एस्टीमेट बनाना शुरू किया तो कई गुना बढ़ गया और योजना फंस गई। बताया जाता है कि बीडीए में बडे़ इंजीनियर जिन खास लोगों को ठेका दिलाना चाहते हैं वे भी भूमिगत केबिल डालने में पारंगत नहीं हैं।

पहले हाईटेंशन पीछे शिफ्ट होनी थीं, बाद में सुरक्षा नियमों का हवाला दिया गया और बिजली विभाग द्वारा केबिल भूमिगत करने की सलाह दी गई। इस पर खर्च अधिक आ रहा है इसलिए फिलहाल तो काम होना मुश्किल है।
- सुरेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष बीडीए

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Patiala

यूनिक आईडी कार्ड जारी होगा दिव्यांगों को

यूनिक आईडी कार्ड जारी होगा दिव्यांगों को

20 फरवरी 2018

Related Videos

शाहजहांपुर में युवती की रेप के बाद हत्या, खेत में मिली लाश

शाहजहांपुर से एक शर्मनाक खबर सामने आई है। यहां एक दलित युवती की रेप के बाद हत्या कर दी गई। बता दें कि वारदात के पहले से युवती गायब थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

19 फरवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Switch to Amarujala.com App

Get Lightning Fast Experience

Click On Add to Home Screen