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सुपर सिटी मामले में सुप्रीम कोर्ट निष्पक्ष विवेचना का आदेश
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बरेली। सुपर सिटी कॉलोनी प्रकरण की विवेचना तीन साल बाद भी पूरी न होने पर दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एसएसपी को तय समयसीमा में निष्पक्ष विवेचना कराने का आदेश दिया है। यह भी कहा कि समयसीमा में विवेचना पूरी न होने याची कोर्ट जा सकता है।
वर्ष 2018 में सुपर सिटी कॉलोनी में 117 प्लॉटों को बेचने के बाद भी बैनामा न करने और कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं न देने के आरोप में बिल्डरों के खिलाफ थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रेजीडेंस वेलफेयर सोसाइटी के महासचिव सुभाष चंद्र झा की ओर से इसमें बिल्डर युवराज सिंह समेत कई अन्य को नामजद किया गया था। इस मामले में युवराज के खिलाफ चार्जशीट लग चुकी है। केस में एलायंस बिल्डर्स के अरविंदर सिंह, रमनदीप सिंह, हरप्रीत सिंह और गुरप्रीत के नाम भी बढ़ाए गए हैं।
कुछ समय बाद विवेचना क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर हो गई जिसके बाद उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके बाद सुभाष चंद्र झा ने पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट में 17 दिसंबर को सुनवाई के बाद याचिका का निस्तारण कर दिया गया। एसएसपी को निर्देश दिए कि वह समय सीमा में इस मामले की निष्पक्ष विवेचना कराएं।
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वर्ष 2018 में सुपर सिटी कॉलोनी में 117 प्लॉटों को बेचने के बाद भी बैनामा न करने और कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं न देने के आरोप में बिल्डरों के खिलाफ थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रेजीडेंस वेलफेयर सोसाइटी के महासचिव सुभाष चंद्र झा की ओर से इसमें बिल्डर युवराज सिंह समेत कई अन्य को नामजद किया गया था। इस मामले में युवराज के खिलाफ चार्जशीट लग चुकी है। केस में एलायंस बिल्डर्स के अरविंदर सिंह, रमनदीप सिंह, हरप्रीत सिंह और गुरप्रीत के नाम भी बढ़ाए गए हैं।
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कुछ समय बाद विवेचना क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर हो गई जिसके बाद उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके बाद सुभाष चंद्र झा ने पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट में 17 दिसंबर को सुनवाई के बाद याचिका का निस्तारण कर दिया गया। एसएसपी को निर्देश दिए कि वह समय सीमा में इस मामले की निष्पक्ष विवेचना कराएं।
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