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Bareilly News: 'सनातन धर्म पैदा नहीं हुआ, उसे कोई मार भी नहीं सकता', बरेली में बोले पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ

Sun, 16 Nov 2025 02:54 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: बरेली ब्यूरो Updated Sun, 16 Nov 2025 02:54 AM IST
सार

अर्बन हाट सभागार में शनिवार को सनातन संस्कृति चेतना ट्रस्ट की ओर से बौद्धिक विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें सनातन चिंतक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने सनातन धर्म पर प्रकाश डाला। 

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Sanatan Dharma was not born, no one can kill it said Pushpendra
सनातन चिंतक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सनातन धर्म पैदा नहीं हुआ, इसलिए उसे कोई मार भी नहीं सकता। ये बातें बरेली के अर्बन हाट सभागार में शनिवार को सनातन संस्कृति चेतना ट्रस्ट की ओर से आयोजित बौद्धिक विमर्श में सनातन चिंतक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहीं। 

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उन्होंने कहा कि मां दुनिया का सबसे पवित्र शब्द है। मां कोई ही पता होता है कि बच्चे का असली पिता कौन है? मां ने जिस व्यक्ति को आप का पिता बता दिया, जीवनभर उसे ही अपना पिता मानते हैं। हमारी संस्कृति में कोई निरर्थक शब्द नहीं है। शब्द दूसरी संस्कृतियों में भी हैं, लेकिन धर्म की तुलना मजहब से नहीं हो सकती। 
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उन्होंने कहा कि दुनियाभर के लोग हमें हमारी प्राचीन संस्कृति से जानते हैं। भगवान राम से लेकर चाणक्य का दर्शन आज भी दुनियाभर में विद्यमान है। यही हमारी पहचान है। जो समाज अपने अनुसार शब्दों को गढ़ने और इस्तेमाल करने लगे तो समझ लीजिए वह मरने लगा है। अपने शब्दों को समझें और दूसरे के शब्दों से उसकी तुलना न करें।
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युद्ध का नियम होता है, जंग का कोई नियम नहीं 
उन्होंने कहा कि युद्ध शब्द सबसे पुराना है। हमारी संस्कृति में सुबह सूर्योदय के साथ युद्ध की शुरुआत होती थी और सूर्यास्त के साथ युद्ध विराम हो जाता था। वर्ष 1971 की लड़ाई में 93 हजार सैनिक देश में घुस आए। हम जिन लोगों ने लड़ रहे थे, उनके यहां एक शब्द है जंग। इसका कोई नियम नहीं होता। पहले के लोगों ने भारतीय संस्कृति से जुड़े तमाम तथ्य छिपाए। इससे आज की पीढ़ी को अपनी संस्कृति के बारे में बहुत सी बातें पता ही नहीं हैं।

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