संभल हिंसा पर सियासी संग्राम: बरेली में पुलिस से सपाइयों की तकरार, सांसद नजरबंद, जिलाध्यक्ष सहित 105 गिरफ्तार
Bareilly News: संभल हिंसा पर सियासी संग्राम मचा हुआ है। बरेली में शनिवार को संभल जाने के लिए निकले सपा नेताओं से पुलिस की तकरार हो गई। इस बीच सपा जांच दल में शामिल बाइक पर बैठकर चले गए। पुलिस ने पीछा कर उन्हें सीबीगंज में गिरफ्तार कर लिया।
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बरेली में संभल जाने का दम भर रहे सपाइयों और पुलिस के बीच नोकझोंक और लुकाछिपी शनिवार को दिनभर जारी रही। इस दौरान आंवला के सपा सांसद नीरज मौर्य को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया गया। सपा जिलाध्यक्ष समेत 105 सपाई गिरफ्तार कर लिए गए। छह घंटे बाद शाम ढलने को आई तो पुलिस लाइन से उनको दो-दो लाख रुपये के निजी मुचलकों पर छोड़ा गया। फिलहाल, शाम को कार्यक्रम रद्द करने का फरमान आ गया।
संभल जा रहे सपा प्रतिनिधिमंडल के मुखिया नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को शनिवार सुबह लखनऊ में ही रोक लिया गया। बावजूद बरेली में सपाई संभल जाने पर अड़े रहे। जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप पूर्वाह्न 11 बजे अपने आवास से आकर पार्टी के जिला कार्यालय पर बैठ गए। दोपहर 12 बजे पुलिस ने संभल जाने की सूचना पर कार्यालय को घेर लिया। इस दौरान सपाइयों की पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। तब पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लेकर वैन में बैठाया और पुलिस लाइन भेज दिया।
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इस दौरान पता लगा कि जिलाध्यक्ष व पार्टी कोषाध्यक्ष अशोक यादव कार्यालय के पिछले गेट से निकल गए हैं। दोनों दो कार्यकर्ताओं के साथ दो बाइकों से चौपुला पुल होते हुए सीबीगंज की ओर निकल पड़े। सीबीगंज में बैरियर लगा होने के बावजूद पुलिस इन्हें नहीं पहचान सकी। कोतवाली पुलिस के साथ सीबीगंज थाने के स्टाफ ने पीछा करके झुमका चौराहे से पहले उन्हें हिरासत में ले लिया।
थाने में काटा हंगामा तो लाए गए पुलिस लाइन
सपा जिलाध्यक्ष को सीबीगंज थाने में बैठाया गया तो कई और सपाइयों ने वहां पहुंचकर नारेबाजी की और हंगामा काटा। सपाई संभल जाने की जिद पर अड़ गए। पुलिसकर्मियों ने समझाया तो वे गिरफ्तारी देने पर अड़ गए। फिर पुलिस वाहन बुलाकर उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया गया। वहां सभागार में बैठकर सपाई आपस में चर्चा करते रहे। दोपहर बाद वह जिद करने लगे कि या तो उन्हें रिहा किया जाए या फिर जेल भेजा जाए। शाम छह बजे सिटी मजिस्ट्रेट ने 105 सपाइयों को रिहा कर दिया।
कोतवाल अमित पांडेय ने बताया कि सभी को दो-दो लाख रुपये के निजी मुचलकों पर छोड़ा गया है। इनमें जिलाध्यक्ष के साथ, महानगर अध्यक्ष शमीम सुल्तानी, पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन, कमलेश ठाकुर, जिला उपाध्यक्ष अशोक यादव, पूर्व विधायक सुल्तान बेग, राजेश अग्रवाल, अरविंद यादव, बृजेश श्रीवास्तव, मनोहर सिंह पटेल आदि सपाई शामिल रहे।
आंवला सांसद नीरज मौर्य ने बताया कि लोकतंत्र में विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी और हाउस अरेस्ट करना सरकार की तानाशाही का सबूत है। सपाई पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना देने जा रहे थे। इससे संभल में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाने में मदद मिलती पर अफसरों को डर है कि नेता और मीडिया के वहां जाने से बवाल का सच सामने आ सकता है।
डीजीपी से वार्ता के बाद ही शनिवार का दिन तय किया था। अब सपा मुखिया ने कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। अगली तारीख दो दिन बाद उनसे मिलकर तय की जाएगी। इस दौरान अनीस अहमद, नेहा यादव, आदेश यादव, मयंक शुक्ला, सत्यवीर चौहान, डॉ. नरेंद्र गौतम, भुवनेश प्रधान, शिव शाक्य, अमित पटेल व राजेश मौर्य भी सांसद के साथ मौजूद रहे। इन सभी को भी नजरबंद रखा गया।