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नीट का पेपर देने आए 15 अभ्यर्थियों को लौटाया, उत्कर्ष कॉलेज पर हंगामा
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सीबीगंज। प्रवेश पत्र के साथ गाइड लाइन से संबंधित पेज न लाने पर उत्कर्ष कॉलेज में नीट का पेपर देने आए 15 अभ्यर्थियों को लौटा दिया गया। ये अभ्यर्थी गाइड लाइन की फोटो कॉपी कराकर दोबारा पहुंचे तो देरी होने की बात कहकर परीक्षा केंद्र में घुसने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने काफी देर तक परीक्षा केंद्र के बाहर हंगामा किया लेकिन आखिरकार उन्हें परीक्षा दिए बगैर लौटना पड़ा।
उत्कर्ष बिजनेस एंड मैनेजमेंट कॉलेज को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को सुबह 11 से डेढ़ बजे तक का समय दिया गया था। दोपहर डेढ़ बजे पहुंचे 15 अभ्यर्थियों के पास प्रवेश पत्र के साथ गाइड लाइन के दो पेज न होने पर गेट पर तैनात कॉलेज की टीम ने उन्हें प्रवेश करने से रोक दिया।
अभ्यर्थियों के मुताबिक उन्हें गाइड लाइन के प्रिंट निकलवाकर लाने को कहा गया तो वे पास के कैफे से प्रिंट निकलवाकर लाए लेकिन इसके बाद उन्हें देर से आने की बात कहकर प्रवेश देने से मना कर दिया गया। इस पर गुस्साए अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र के गेट पर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अभ्यर्थियों को शांत कर उन्हें परीक्षा में शामिल कराने की कोशिश की लेकिन कॉलेज प्रशासन ने प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया।
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आंखों में आंसू लेकर लौटे सभी अभ्यर्थी
नीट का पेपर देने से वंचित रह गए अभ्यर्थी सैकड़ों किलोमीटर दूर से बरेली पहुंचे थे। इनमें कोई संभल से आया था तो कोई बिजनौर से। कॉलेज प्रशासन ने उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश देने से दो टूक इनकार किया तो उनकी आंखों से आंसू छलक आए। अभ्यर्थी आदित्य कुमार, आंचल सिंह, रूपेंद्र कुमार, अंशिका शर्मा, हेमंत कुमार, आकाश आदि ने कहा कि कॉलेज प्रशासन की वजह से उनके पूरे साल की मेहनत बर्बाद हो गई।
बच्चे देर से पहुंचे थे इसलिए प्रवेश नहीं दिया गया। उनके पास दिशा-निर्देश के पेज भी नहीं थे। जो समय से आ गए उन्हें प्रवेश दे दिया गया था। - डॉ. रेखा सिंह, कार्यवाहक प्राचार्य उत्कर्ष कॉलेज
परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए दिशा-निर्देश के पेज साथ लाने की कोई बाध्यता नहीं थी। परीक्षा केंद्र से इन अभ्यर्थियों को देरी से आने की वजह से प्रवेश न दिए जाने की रिपोर्ट दी गई है। - वीकें मिश्रा, कोऑर्डिनेटर एनटीए
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उत्कर्ष बिजनेस एंड मैनेजमेंट कॉलेज को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को सुबह 11 से डेढ़ बजे तक का समय दिया गया था। दोपहर डेढ़ बजे पहुंचे 15 अभ्यर्थियों के पास प्रवेश पत्र के साथ गाइड लाइन के दो पेज न होने पर गेट पर तैनात कॉलेज की टीम ने उन्हें प्रवेश करने से रोक दिया।
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अभ्यर्थियों के मुताबिक उन्हें गाइड लाइन के प्रिंट निकलवाकर लाने को कहा गया तो वे पास के कैफे से प्रिंट निकलवाकर लाए लेकिन इसके बाद उन्हें देर से आने की बात कहकर प्रवेश देने से मना कर दिया गया। इस पर गुस्साए अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र के गेट पर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अभ्यर्थियों को शांत कर उन्हें परीक्षा में शामिल कराने की कोशिश की लेकिन कॉलेज प्रशासन ने प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया।
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आंखों में आंसू लेकर लौटे सभी अभ्यर्थी
नीट का पेपर देने से वंचित रह गए अभ्यर्थी सैकड़ों किलोमीटर दूर से बरेली पहुंचे थे। इनमें कोई संभल से आया था तो कोई बिजनौर से। कॉलेज प्रशासन ने उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश देने से दो टूक इनकार किया तो उनकी आंखों से आंसू छलक आए। अभ्यर्थी आदित्य कुमार, आंचल सिंह, रूपेंद्र कुमार, अंशिका शर्मा, हेमंत कुमार, आकाश आदि ने कहा कि कॉलेज प्रशासन की वजह से उनके पूरे साल की मेहनत बर्बाद हो गई।
बच्चे देर से पहुंचे थे इसलिए प्रवेश नहीं दिया गया। उनके पास दिशा-निर्देश के पेज भी नहीं थे। जो समय से आ गए उन्हें प्रवेश दे दिया गया था। - डॉ. रेखा सिंह, कार्यवाहक प्राचार्य उत्कर्ष कॉलेज
परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए दिशा-निर्देश के पेज साथ लाने की कोई बाध्यता नहीं थी। परीक्षा केंद्र से इन अभ्यर्थियों को देरी से आने की वजह से प्रवेश न दिए जाने की रिपोर्ट दी गई है। - वीकें मिश्रा, कोऑर्डिनेटर एनटीए