Bareilly News: मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों को दिया मंत्र, कहा- वंचितों को गले लगाएं, समाज में आगे लाएं
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने शुक्रवार को डोहरा रोड स्थित जीआरएम स्कूल में प्रांत प्रचारकों के साथ बैठक की। सुबह दस बजे से दोपहर एक बजे और तीन बजे से लेकर शाम छह बजे तक दो अलग-अलग सत्र में बैठकें हुईं। सर संघचालक ने कहा कि सभी प्रांतों के प्रत्येक जिले में शहर और देहात क्षेत्र तक संघ की शाखाओं का विस्तार किया जाए।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों से कहा कि वे हर गांव तक जाकर सेवा करें। समाज के वंचित वर्ग को गले लगाएं। उनको समाज में आगे लाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वावलंबन के क्षेत्र में अधिक से अधिक सहयोग करें। साथ ही हर जिले में शहर से देहात तक शाखा का विस्तार करें। शुक्रवार को संघ प्रमुख ने डोहरा रोड स्थित जीआरएम स्कूल में प्रांत प्रचारकों के साथ दो सत्रों में बैठकें कीं।
वर्ष 2025 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे हो रहे हैं। संघ अपने शताब्दी वर्ष 2025 तक देश के सभी मंडलों में शाखा प्रारंभ करने की योजना पर तेजी से काम कर रहा है। इसके लिए पदाधिकारियों का प्रवास लगातार जारी है। देश के सभी प्रांतों में सर संघचालक मोहन भागवत का प्रवास कर रहे हैं। इसी के तहत वह बरेली पहुंचे हैं। डोडरा रोड स्थि जीआरएम स्कूल में वह ठहरे हुए हैं। शुक्रवार को उन्होंने स्वयंसेवकों से संगठन की ओर से किए जा रहे कार्यों पर व्यापक चर्चा की।
मोहन भागवत ने कहा कि संघ की स्थापना के सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं। 2025 में संघ शताब्दी वर्ष मना रहा है। ऐसे में संघ को अधिक व्यापक स्तर पर काम करने की जरूरत है। संघ की शाखाएं और अधिक बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि संघ का मकसद देश और समाज की सेवा है।
जातिवाद जैसे विकारों को दूर करना होगा
उन्होंने कहा कि आपसी भेदभाव दूर कर सभी विकारों से मुक्त समरसता भाव वाला सामाजिक परिवेश तैयार करना संघ प्रचारक का दायित्व है। जाति, विषमता और अस्पृश्यता जैसे सामाजिक विकारों को जल्द दूर करना है। सामाजिक अहंकार और हीनभाव दोनों ही समाप्त होने चाहिए। ये सामाजिक विकृतियां समाज और देश को तोड़ती हैं। हमें समाज को जोड़े रखने पर काम करना है।
इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण पृष्ठभूमि की मौजूदा स्थिति पर भी बात की। कहा कि ग्रामीण स्तर पर शाखाओं के विस्तार पर गंभीरता से काम करें। वर्तमान परिस्थितियों में संगठन के प्रति ईमानदार रहकर प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर उन्होंने जोर दिया। बैठक में उत्तराखंड, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा और बरेली क्षेत्र के प्रांत प्रचारक व विभाग प्रचारक शामिल हुए।
संघ प्रमुख ने कहा कि स्थापना के समय से ही निस्वार्थ सेवा के संकलप और विकास के मूलमंत्र के साथ लोगों के बीच संघ अपनी बैठ बढ़ा रहा है। स्वयंसेवकों को आपदा प्रबंधन के साथ स्वावलंबन के क्षेत्र में भी नई उर्जा के साथ जुटने का संकल्प दिलाया। स्वयंसेवकों ने सर संघचालक को बताया कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने यहां 30 बिस्तरों वाले कोरोना अस्पताल की स्थापना की थी।
19 फरवरी को होगा कुटुंब प्रबोधन
19 फरवरी को कुटुंब प्रबोधन होगा। इसमें स्वयंसेवक और उनके परिजन शामिल होंगे। आरएसएस प्रमुख के कार्यक्रम में ब्रज प्रांत के अंतर्गत आने वाले बरेली, पीलीभीत, बदायूं, शाहजहांपुर, कासगंज, एटा, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, मेरठ और उत्तराखंड के प्रमुख स्वयंससेवकों को बुलाया गया है। यह कार्यक्रम रुहेलखंड विश्वविद्यालय के अटल सभागार में होगा।