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रोडवेज की संविदा परिचालक भर्ती रद, फिर से बनेगी मेरिट
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sat, 09 Jul 2016 01:36 AM IST
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परिवहन निगम प्रबंधन ने संविदा परिचालक भर्ती प्रक्रिया रद कर दी है। इस भर्ती में पक्षपात और मनमानी के शिकायतें मिलने पर पिछले दिनों रोक लगाई गई थी। शुक्रवार की सुबह निगम मुख्यालय से पहुंचे जीएम ने दिन भर जांच पड़ताल की और मेरिट फिर से बनाने को कहा।
पिछले दिनों निगम ने बरेली क्षेत्र में 55 संविदा परिचालक पदों पर ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। करीब सात सौ अभ्यर्थियों के आवेदन मिले थे। स्थानीय चयन समिति ने आवेदन पत्रों की मेरिट बनाई। आरोप है कि क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय ने मेरिट में हेराफेरी कर दी। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद नेताओं ने इसकी शिकायत उच्च स्तर तक पहुंचाई तो भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल ब्रेक लगा दिया गया। परिषद नेताओं ने कहा था कि कुछ आवेदन ऑफलाइन भी लिए गए और मेरिट में मनमानी की गई है। परिषद नेताओं ने इस मामले में एक दो लाख रुपये प्रति आवेदक वसूली का आरोप भी लगाया था। इस पर प्रबंध निदेशक आशीष गोयल ने भर्ती पर रोक लगाकर जांच भी शुरू करा दी। इसके तहत मुख्यालय से दो सदस्यीय समिति आयी और अपनी रिपोर्ट सौंपी। दो सदस्यीय जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्यालय ने महाप्रबंधक आलोक सक्सेना को बरेली रवाना किया। जीएम सक्सेना शुक्रवार सुबह बरेली पहुंचे और भर्ती प्रक्रिया से संबंधित अभिलेख की छानबीन की। जीएम देर शाम तक अभिलेख खंगालते रहे। बताया जाता है कि मेरिट बनाने में गड़गड़ी की पुष्टि हुई है। इसके बाद पूरी प्रक्रिया रद कर दी गई। प्रबंधन ने ऑनलाइन मिले पुराने आवेदन पत्रों की फिर से मेरिट बनाने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में जीएम आलोक सक्सेना का पक्ष जानने का प्रयास किया गया परंतु उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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पिछले दिनों निगम ने बरेली क्षेत्र में 55 संविदा परिचालक पदों पर ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। करीब सात सौ अभ्यर्थियों के आवेदन मिले थे। स्थानीय चयन समिति ने आवेदन पत्रों की मेरिट बनाई। आरोप है कि क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय ने मेरिट में हेराफेरी कर दी। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद नेताओं ने इसकी शिकायत उच्च स्तर तक पहुंचाई तो भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल ब्रेक लगा दिया गया। परिषद नेताओं ने कहा था कि कुछ आवेदन ऑफलाइन भी लिए गए और मेरिट में मनमानी की गई है। परिषद नेताओं ने इस मामले में एक दो लाख रुपये प्रति आवेदक वसूली का आरोप भी लगाया था। इस पर प्रबंध निदेशक आशीष गोयल ने भर्ती पर रोक लगाकर जांच भी शुरू करा दी। इसके तहत मुख्यालय से दो सदस्यीय समिति आयी और अपनी रिपोर्ट सौंपी। दो सदस्यीय जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्यालय ने महाप्रबंधक आलोक सक्सेना को बरेली रवाना किया। जीएम सक्सेना शुक्रवार सुबह बरेली पहुंचे और भर्ती प्रक्रिया से संबंधित अभिलेख की छानबीन की। जीएम देर शाम तक अभिलेख खंगालते रहे। बताया जाता है कि मेरिट बनाने में गड़गड़ी की पुष्टि हुई है। इसके बाद पूरी प्रक्रिया रद कर दी गई। प्रबंधन ने ऑनलाइन मिले पुराने आवेदन पत्रों की फिर से मेरिट बनाने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में जीएम आलोक सक्सेना का पक्ष जानने का प्रयास किया गया परंतु उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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