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सत्यापन में खुलेंगे नहरों की सिल्ट में दबे राज
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सिल्ट सफाई में खेल के आरोप लगने पर सीडीओ ने दिए सत्यापन के दिए निर्देश
बरेली। लाखों का बजट खर्च करने के बाद भी अब तक 60 फीसदी नहरों में सिल्ट जमी हुई है। जिन नहरों की सिल्ट सफाई का दावा अफसरों ने किया है, उस पर किसानों ने सवाल उठाए हैं। किसानों की ओर से की गई शिकायतों पर सीडीओ ने नहरों के सत्यापन कराने के लिए डीएसटीओ को निर्देश दिए हैं। उन्होंने रुहेलखंड नहर डिवीजन के अफसरों को अपने स्तर से कमेटी गठित कर प्रस्ताव भेजने को कहा है।
करीब माह भर पहले किसानों ने सीडीओ समेत रुहेलखंड नहर डिवीजन के अफसरों को नहरों की सिल्ट सफाई में ठेकेदार की ओर से खेल किए जाने की शिकायत की गई थी। नवाबगंज के किसानों का आरोप था कि ठेकेदार सिल्ट की सफाई के नाम पर सिर्फ झाड़ियां साफ कर रहा है। खुदाई नहीं हो रही। साथ ही, नहरों के क्षेत्रफल के सापेक्ष पुलिया के संकरी होने से नहर में पानी छोड़े जाने पर उसके खेतों तक पहुंचने से पहले फैलकर बर्बाद होने की आशंका जताई थी। सीडीओ ने रुहेलखंड डिवीजन से सिल्ट सफाई की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगी थी। विभाग ने रिपोर्ट सौंपकर बताया था कि जिले में करीब 60 फीसद राजवाह, माइनर की सफाई नहीं हुई है। साथ ही, जहां सफाई होने का दावा किया गया है, वहां ठेकेदार पर खेल का आरोप किसानों ने लगाया है। मामले पर सीडीओ ने सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।
ठेकेदारों की सिक्योरिटी मनी होगी जब्त
सीडीओ सत्येंद्र कुमार के मुताबिक नहरों की सिल्ट सफाई के सत्यापन में अगर गड़बड़ी मिली तो संबंधित ठेकेदार की सिक्योरिटी मनी जब्त कर ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। बता दें कि पिछले साल हुई सिल्ट सफाई के सत्यापन में ठेकेदारों का खेल उजागर हो चुका है। सीडीओ ने उनकी सिक्योरिटी मनी करीब 30 लाख रुपये जब्त कर ब्लैकलिस्ट किए जाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
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बरेली। लाखों का बजट खर्च करने के बाद भी अब तक 60 फीसदी नहरों में सिल्ट जमी हुई है। जिन नहरों की सिल्ट सफाई का दावा अफसरों ने किया है, उस पर किसानों ने सवाल उठाए हैं। किसानों की ओर से की गई शिकायतों पर सीडीओ ने नहरों के सत्यापन कराने के लिए डीएसटीओ को निर्देश दिए हैं। उन्होंने रुहेलखंड नहर डिवीजन के अफसरों को अपने स्तर से कमेटी गठित कर प्रस्ताव भेजने को कहा है।
करीब माह भर पहले किसानों ने सीडीओ समेत रुहेलखंड नहर डिवीजन के अफसरों को नहरों की सिल्ट सफाई में ठेकेदार की ओर से खेल किए जाने की शिकायत की गई थी। नवाबगंज के किसानों का आरोप था कि ठेकेदार सिल्ट की सफाई के नाम पर सिर्फ झाड़ियां साफ कर रहा है। खुदाई नहीं हो रही। साथ ही, नहरों के क्षेत्रफल के सापेक्ष पुलिया के संकरी होने से नहर में पानी छोड़े जाने पर उसके खेतों तक पहुंचने से पहले फैलकर बर्बाद होने की आशंका जताई थी। सीडीओ ने रुहेलखंड डिवीजन से सिल्ट सफाई की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट मांगी थी। विभाग ने रिपोर्ट सौंपकर बताया था कि जिले में करीब 60 फीसद राजवाह, माइनर की सफाई नहीं हुई है। साथ ही, जहां सफाई होने का दावा किया गया है, वहां ठेकेदार पर खेल का आरोप किसानों ने लगाया है। मामले पर सीडीओ ने सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।
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ठेकेदारों की सिक्योरिटी मनी होगी जब्त
सीडीओ सत्येंद्र कुमार के मुताबिक नहरों की सिल्ट सफाई के सत्यापन में अगर गड़बड़ी मिली तो संबंधित ठेकेदार की सिक्योरिटी मनी जब्त कर ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। बता दें कि पिछले साल हुई सिल्ट सफाई के सत्यापन में ठेकेदारों का खेल उजागर हो चुका है। सीडीओ ने उनकी सिक्योरिटी मनी करीब 30 लाख रुपये जब्त कर ब्लैकलिस्ट किए जाने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
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