{"_id":"5e0e458d8ebc3e87943c1c75","slug":"religion-bareilly-news-bly39042786","type":"story","status":"publish","title_hn":"खानकाह ताजुश्शरिया में मनाया गया उर्स-ए-मुजहिदे मिल्लत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खानकाह ताजुश्शरिया में मनाया गया उर्स-ए-मुजहिदे मिल्लत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जलसा और नातो मनतबत की सजी महफिल
बरेली। खानकाह ताजुश्शरिया में उर्स-ए-मुजाहिदे मिल्लत मनाया गया। जानशीन ताजुश्शरिया काजी-ए-हिंद मुफ्ती अजसद रजा खां कादरी की सरपरस्ती में हुई तकरीब में उलमा और शोअरा इकराम ने मुजाहिदे मिल्लत की बारगाह में खिराजे अकीदत पेश किया।
जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सलमान हसन खां की सदारत में तकरीब का आगाज कुरान करीम की तिलावत से हुआ। शोअरा इकराम ने मनकबत का नजराना पेश किया। इस दौरान उलमा ने अपने बयान में मुजाहिदे मिल्लत की जिंदगी पर रोशनी डालते हुए उन्हें अपने वक्त का मुत्तकी बताया। साथ ही कहा कि उन्होंने दीनो सुन्नियत की अजीम खिदमत अंजाम दी। इस मौके पर जमात रजा मुस्तफा की संबलपुर शाखा उड़ीसा की ओर से मुजाहिदे मिल्लत में मुफ्ती असजद मियां की ओर से चादर पेश की जाएगी। यहां उर्स की तकरीब के दौरान कारी शरफुद्दीन, कारी काजिम अली, मौलाना अजीमुद्दीन अजहरी, मौलाना शकील, मौलाना शम्स, मौलाना मुनाफ रजा, अब्दुल्ला रजा खां आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बरेली। खानकाह ताजुश्शरिया में उर्स-ए-मुजाहिदे मिल्लत मनाया गया। जानशीन ताजुश्शरिया काजी-ए-हिंद मुफ्ती अजसद रजा खां कादरी की सरपरस्ती में हुई तकरीब में उलमा और शोअरा इकराम ने मुजाहिदे मिल्लत की बारगाह में खिराजे अकीदत पेश किया।
जमात रजा मुस्तफा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सलमान हसन खां की सदारत में तकरीब का आगाज कुरान करीम की तिलावत से हुआ। शोअरा इकराम ने मनकबत का नजराना पेश किया। इस दौरान उलमा ने अपने बयान में मुजाहिदे मिल्लत की जिंदगी पर रोशनी डालते हुए उन्हें अपने वक्त का मुत्तकी बताया। साथ ही कहा कि उन्होंने दीनो सुन्नियत की अजीम खिदमत अंजाम दी। इस मौके पर जमात रजा मुस्तफा की संबलपुर शाखा उड़ीसा की ओर से मुजाहिदे मिल्लत में मुफ्ती असजद मियां की ओर से चादर पेश की जाएगी। यहां उर्स की तकरीब के दौरान कारी शरफुद्दीन, कारी काजिम अली, मौलाना अजीमुद्दीन अजहरी, मौलाना शकील, मौलाना शम्स, मौलाना मुनाफ रजा, अब्दुल्ला रजा खां आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन