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जुलूसे मोहम्मदी- क्या इस बार भी डीजे की धमक से दहलेंगे दिल
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बरेली। पुराना शहर से निकलने वाले जुलूसे मोहम्मदी की तारीख के नजदीक आते ही लोगों में दहशत बढ़ रही है। लोग इसमें बजने वाले हाई पावर डीजे की तरंगों से दहशतजदा है। डीजे पर मनाई तो पिछले साल भी थी, लेकिन लोग नहीं माने थे। डीजे की धमक से कटरा चांद खां के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी । दरगाह प्रमुख सुब्हान रजा खां की अपील के बावजूद लोगों ने बड़ी तादाद में डीजे और गैर शरई नातें जुलूस में बजाई थीं।
जुलूसे मोहम्मदी की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। मस्जिदों को सजाया जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी जुलूस निकालने वाली अंजुमन इत्तेहादे मुसलेमीन ने जुलूस में शामिल होने वाली अंजुमनों से संपर्क साधकर डीजे, गैर शरई नात बजाने, बाइक स्टंट और आगे निकलने की होड़ में आपसी खींच तान पर रोक लगाने को कहा है । अंजुमन की ओर से इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने को लेकर वालंटियर भी तैयार किए गए है। पुराने शहर में 9 नवंबर को जुलूसे मुहम्मदी निकाला जाएगा, लेकिन लोग जुलूस में शमिल होने वाले हाई पावर डीजे को लेकर आशंकित हैं। सबसे ज्यादा दहशत में बुुजूर्ग और हार्ट पेशेंट हैँ। चक महमूद के रहने वाले कौसर शफीक कहते हैं कि जुलूसे मुहम्मदी वाले दिन वह अपने गांव चले जाऐंगे, क्यों कि वह इतना शोर नहीं बर्दाश्त कर पाऐंगे। कांकर टोला के रईस अहमद कहते हैं कि डीजे की आवाज से छोटे बच्चे सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। चक अब्बास नगर की रहने वाली रुखसाना का कहना है कि डीजे की आवाज की वजह से सारी रात जागना पड़ता है। पिछली बार डीजे के आवाज से आस पास के मकानों में कंपन होने लगा था। कटरा चांद खां के रहने वाले नईम उददीन की इस डीजे की आवाज की वजह से मौत हो गई थी। बता दें कि पिछली बार दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां ने डीजे और गैर शरई नातें बजाने से बाज आने की अपील की थी। उसके बावजूद जुलूस में शामिल अंजुमने अपने साथ डीजे लेकर आई थीं। एक बार फिर अंजुमन इत्तेहादे मुसलेमीन ने मस्जिदों के इमामों से डीजे के खिलाफ अपील करने का आग्रह किया है।
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जुलूसे मोहम्मदी की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। मस्जिदों को सजाया जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी जुलूस निकालने वाली अंजुमन इत्तेहादे मुसलेमीन ने जुलूस में शामिल होने वाली अंजुमनों से संपर्क साधकर डीजे, गैर शरई नात बजाने, बाइक स्टंट और आगे निकलने की होड़ में आपसी खींच तान पर रोक लगाने को कहा है । अंजुमन की ओर से इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने को लेकर वालंटियर भी तैयार किए गए है। पुराने शहर में 9 नवंबर को जुलूसे मुहम्मदी निकाला जाएगा, लेकिन लोग जुलूस में शमिल होने वाले हाई पावर डीजे को लेकर आशंकित हैं। सबसे ज्यादा दहशत में बुुजूर्ग और हार्ट पेशेंट हैँ। चक महमूद के रहने वाले कौसर शफीक कहते हैं कि जुलूसे मुहम्मदी वाले दिन वह अपने गांव चले जाऐंगे, क्यों कि वह इतना शोर नहीं बर्दाश्त कर पाऐंगे। कांकर टोला के रईस अहमद कहते हैं कि डीजे की आवाज से छोटे बच्चे सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। चक अब्बास नगर की रहने वाली रुखसाना का कहना है कि डीजे की आवाज की वजह से सारी रात जागना पड़ता है। पिछली बार डीजे के आवाज से आस पास के मकानों में कंपन होने लगा था। कटरा चांद खां के रहने वाले नईम उददीन की इस डीजे की आवाज की वजह से मौत हो गई थी। बता दें कि पिछली बार दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां ने डीजे और गैर शरई नातें बजाने से बाज आने की अपील की थी। उसके बावजूद जुलूस में शामिल अंजुमने अपने साथ डीजे लेकर आई थीं। एक बार फिर अंजुमन इत्तेहादे मुसलेमीन ने मस्जिदों के इमामों से डीजे के खिलाफ अपील करने का आग्रह किया है।
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