{"_id":"68f40230cd7c8d4b90060517","slug":"rc-to-recover-rs-805-lakh-embezzled-from-the-head-and-secretary-of-ahiladpur-bareilly-news-c-4-vns1074-749044-2025-10-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: अहिलादपुर के प्रधान व सचिव से गबन के 8.05 लाख वसूलने के लिए आरसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: अहिलादपुर के प्रधान व सचिव से गबन के 8.05 लाख वसूलने के लिए आरसी
विज्ञापन
बरेली। बिथरी चैनपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत अहिलादपुर की तत्कालीन प्रधान शकुंतला और इसी बीच पंचायत सचिव रहे जितेंद्र गंगवार व मनोज कुमार पांडेय से 8.05 लाख रुपये की वसूली के आरसी जारी हो गई है। तहसीलदार सदर भानु प्रताप सिंह ने बताया कि प्रधान और दोनों सचिवों से संबंधित धनराशि की वसूली के लिए संग्रह अमीन को निर्देश जारी किए गए हैं।
डीपीआरओ स्तर पर संबंधित धनराशि की वसूली नहीं होने पर डीएम ने प्रधान व दोनों सचिव के नाम से भू-राजस्व की भांति वसूली के लिए आरसी जारी कर दी है। बताया जा रहा है कि जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, सहकारी समितियों एवं पंचायतों ने वर्ष 2017-18 में कुल 68 ग्राम पंचायतों में ऑडिट किया था। इसमें अहिलादपुर ग्राम पंचायत भी शामिल थी। इस ऑडिट के दौरान ऑडिटरों की तरफ से मांगे जाने के बाद भी तत्कालीन प्रधान और पंचायत सचिवों ने उन्हें ग्राम पंचायत में हुए खर्चों के संबंध में अभिलेख नहीं दिए थे।
ऑडिटरों ने समय-समय पर कई बार पत्राचार भी किया था। डीपीआरओ ने भी प्रधान व दोनों सचिवों को कारण बताओ नोटिस दिया। कई रिमाइंडर पत्रों के बाद भी प्रधान व सचिवों ने जवाब नहीं दिया था। इसके आधार पर ऑडिटरों ने अहिलादपुर ग्राम पंचायत में संंबंधित विकास कार्यों में गबन मानते हुए 8.05 लाख रुपये की रिकवरी निश्चित कर दी थी। तहसीलदार सदर ने बताया कि बकाया धनराशि की वसूली के लिए तत्कालीन प्रधान शकुंतला और दोनों पंचायत सचिव से संपर्क किया जा रहा है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
डीपीआरओ स्तर पर संबंधित धनराशि की वसूली नहीं होने पर डीएम ने प्रधान व दोनों सचिव के नाम से भू-राजस्व की भांति वसूली के लिए आरसी जारी कर दी है। बताया जा रहा है कि जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, सहकारी समितियों एवं पंचायतों ने वर्ष 2017-18 में कुल 68 ग्राम पंचायतों में ऑडिट किया था। इसमें अहिलादपुर ग्राम पंचायत भी शामिल थी। इस ऑडिट के दौरान ऑडिटरों की तरफ से मांगे जाने के बाद भी तत्कालीन प्रधान और पंचायत सचिवों ने उन्हें ग्राम पंचायत में हुए खर्चों के संबंध में अभिलेख नहीं दिए थे।
विज्ञापन
ऑडिटरों ने समय-समय पर कई बार पत्राचार भी किया था। डीपीआरओ ने भी प्रधान व दोनों सचिवों को कारण बताओ नोटिस दिया। कई रिमाइंडर पत्रों के बाद भी प्रधान व सचिवों ने जवाब नहीं दिया था। इसके आधार पर ऑडिटरों ने अहिलादपुर ग्राम पंचायत में संंबंधित विकास कार्यों में गबन मानते हुए 8.05 लाख रुपये की रिकवरी निश्चित कर दी थी। तहसीलदार सदर ने बताया कि बकाया धनराशि की वसूली के लिए तत्कालीन प्रधान शकुंतला और दोनों पंचायत सचिव से संपर्क किया जा रहा है। संवाद
विज्ञापन