Bareilly News: दिल्ली-मथुरा में भी वांछित है 300 करोड़ की ठगी का आरोपी राजेश मौर्य, पुलिस खंगाल रही रिकॉर्ड
तीन सौ करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी राजेश मौर्य के खिलाफ दिल्ली और मथुरा में भी मामले दर्ज हैं। बरेली पुलिस ने दिल्ली और मथुरा पुलिस को उसकी गिरफ्तारी के संबंध में सूचना भेज दी है।
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बरेली में डेढ़ साल बाद गिरफ्तार हुआ 300 करोड़ रुपये की ठगी का आरोपी श्रीगंगा इंफ्रासिटी का एमडी राजेश मौर्य दिल्ली और मथुरा में भी ठगी के मामलों में वांछित है। उसके खिलाफ अन्य राज्यों में भी मामले दर्ज होने का अंदेशा है। बारादरी पुलिस ने दिल्ली और मथुरा पुलिस को उसकी गिरफ्तारी के संबंध में सूचना भेज दी है। मथुरा और दिल्ली पुलिस भी उसको रिमांड पर लेकर जल्द पूछताछ करेगी।
रियल एस्टेट कारोबारी गंगा इंफ्रासिटी के एमडी राजेश मौर्य को बारादरी पुलिस ने उसके पीलीभीत बाइपास स्थित आवास चंद्रगुप्ता पुरम कॉलोनी से 25 मई को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।
कुशीनगर का रहने वाला है आरोपी
राजेश मौर्य मूल रूप से कुशीनगर जिले का रहने वाला है। उसके पिता बरेली नगर निगम में ट्यूबवेल ऑपरेटर पद से 2015 में सेवानिवृत्त होने के बाद यहीं रहने लगे थे। उसने 2018 में गंगा इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रियल एस्टेट कंपनी पंजीकृत कराने के बाद ग्रीन पार्क कॉलोनी में कार्यालय बनाया और ठगी का धंधा शुरू कर दिया। वह और उसके परिवार के लोग गैंगस्टर के मामले में भी आरोपी हैं।
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इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर भी उसने सैकड़ों लोगों से ठगी की। इसके अलावा कॉलोनियां विकसित करने के नाम पर भी ठगी का धंधा करता रहा। पुलिस को उसकी डेढ़ साल से तलाश थी। इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दिल्ली और मथुरा में भी मामले दर्ज हैं। वहां की पुलिस को सूचित कर दिया गया है। बरेली पुलिस भी उसका रिकार्ड खंगाल रही है।
परिवार के लोग भी जा चुके हैं जेल
बारादरी के चंद्रगुप्तपुरम निवासी राजेश मौर्य के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई शुरू की तो पूरा परिवार फंसता चला गया। उसका रसूख और रुपये की ताकत भी काम नहीं आई। सबूत मिलते गए और मुकदमे दर्ज होते रहे। बारादरी पुलिस ने वर्ष 2019 में राजेश मौर्य, उसके भाई मनोज मौर्य, अजय मौर्य, दिनेश मौर्य और पिता रामदेव मौर्य पर गैंगस्टर की कार्रवाई कर दी। इसके बाद शिकंजा और कसा। सभी को जेल की हवा खानी पड़ी।