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सिटी श्मशान भूमि और चौधरी तालाब क्रॉसिंग पर अब अंडरपास बनाने की तैयारी
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बरेली। सिटी श्मशान भूमि रेलवे क्रासिंग और चौधरी तालाब क्रासिंग पर लगने वाले जाम से जल्द निजात मिल जाएगी। यहां अंडरपास के निर्माण की संभावनाएं तलाश करने के लिए शनिवार को सांसद संतोष गंगवार व इज्जतनगर डीआरएम आशुतोष पंत ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान मानचित्र के हिसाब से अंडरपास उठने से लेकर कहां तक जाएगा, इसका मौके पर स्थलीय निरीक्षण किया। तकनीकी टीम से बात करने के बाद यहां दोनों जगह अंडरपास बनाने को सहमति दे दी गई। इसके बाद डीएमआरएम ने रेलवे अधिकारियों को एस्टीमेट बनाने के निर्देश दिए गए।
सांसद संतोष गंगवार, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, इज्जतनगर डीआरएम आशुतोष पंत व अन्य अधिकारी दोपहर करीब 12 बजे सिटी स्टेशन पहुंचे। यहां उन्हाेंने सिटी श्मशान भूमि रेलवे क्रासिंग व हार्टमैन क्रासिंग पर अंडरपास बनाने को लेकर रेलवे अधिकारियों ने सांसद व विधायक के साथ बैठकर मानचित्र पर चर्चा की। करीब बीस मिनट बाद सभी लोग सिटी श्मशान भूमि पहुंचे। जहां मानचित्र के हिसाब से बनने वाले अंडरपास की जगह का स्थलीय निरीक्षण करते हुए वहां आने वाली समस्याओं पर चर्चा की। चर्चा के बाद सिटी श्मशान भूमि रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास बनाने को सहमति दे दी गई। इसके बाद हार्टमैन क्रासिंग पर बनने वाले अंडरपास निर्माण को लेकर रेलवे अधिकारियों ने सहमति दे दी है। डीआरएम ने रेलवे की तकनीकी टीम से एस्टीमेट बनाने की बात कही है। इसके बाद शाम को जनप्रतिनिधि, रेलवे के अधिकारियों ने इन्हीं दोनों मामलों को लेकर डीएम शिवाकांत द्विवेदी के साथ बैठक की। उन्हें दोनों प्रस्तावों के बारे में बताया गया। इस दौरान एडीआरएम अजय वार्ष्णेय, ललित अवस्थी, रेलवे ठेकेदार अरविंद गंगवार आदि मौजूद रहे।
कई दिनों से चल रही थी मांग
सिटी श्मशान भूमि जाने के लोगों को रेलवे क्रासिंग से होकर जाना पड़ता है। क्रासिंग अक्सर बंद रहती है ऐसे में शवों को लिए लोग खड़े रहते हैं। पिछले दिनों यहां ओवरब्रिज बनाने की मांग उठी लेकिन सामने बस्ती होने के कारण वह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। फिर लोगों ने यहां अंडरपास बनाने की मांग उठाई और सांसद संतोष गंगवार से मुलाकात की थी। संतोष गंगवार ने रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखकर जल्द निरीक्षण करने और यहां अंडरपास को बनाए जाने की मंजूरी देने की बात कही थी। इसके अलावा हार्टमैन क्रासिंग पर लंबे समय से जाम लगने के कारण और क्रासिंग को पहले ही बंद करने से समस्याएं बढ़ गईं है तो लोग यहां भी अंडरपास बनाने की मांग कर रहे थे। इसे लेकर भी लोग सांसद से मिले थे। इन दोनों महत्वपूर्ण मामलों को लेकर सांसद संतोष गंगवार ने पिछले दिनों पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अनुपम शर्मा से मिले भी थे। इसके बाद अधिकारियों ने शनिवार को सांसद और विधायक के साथ निरीक्षण किया।
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बारिश में जलभराव से अर्थी लेकर जाते हैं लोग
सिटी श्मशान भूमि क्रॉसिंग पर जाम से आमलोग तो परेशान रहते ही हैं, सबसे ज्यादा दिक्कत अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने वालों को होती है। उन्हें कभी-कभी तो घंटों शव लेकर जाम में फंसे रहना पड़ता है। यहां रोजाना करीब दस से अधिक शवयात्रा निकलती है। इसके अलावा सबसे अधिक दिक्कत तो बारिश के महीने में होती है जब इस सड़क पर जलभराव हो जाता है। कोई और रास्ता न होने के चलते लोगों मजबूरी में जलभराव से होकर अर्थी लेकर गुजरना पड़ता है। अंडरपास बनने के बाद लोगों को इस समस्या से भी निजात मिल जाएगी। पिछले दिनों क्षेत्र के लोगों ने यहां कई दिनों तक प्रदर्शन भी किया था।
जगह कम होने से ओवरब्रिज को नहीं मिल पाई थी मंजूरी
अंडरपास से पहले यहां ओवरब्रिज बनाने की मांग उठी थी। सांसद ने करीब एक साल पहले ओवरब्रिज के लिए यहां सर्वे भी कराया था। दिल्ली की एक कंट्रक्शन कंपनी ने सर्वे किया था और रिपोर्ट में कहा था कि सामने की ओर घनी बस्ती है। ऐसे में यहां जगह बेहद कम है और ओवरब्रिज का निर्माण किसी भी दशा में संभव नहीं है। फिर ओवरब्रिज की मांग ठंडे बस्ते में चली गई लेकिन लगातार समस्याएं होने पर लोगों ने यहां अंडरपास बनाने की मांग उठाई थी।
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सांसद संतोष गंगवार, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, इज्जतनगर डीआरएम आशुतोष पंत व अन्य अधिकारी दोपहर करीब 12 बजे सिटी स्टेशन पहुंचे। यहां उन्हाेंने सिटी श्मशान भूमि रेलवे क्रासिंग व हार्टमैन क्रासिंग पर अंडरपास बनाने को लेकर रेलवे अधिकारियों ने सांसद व विधायक के साथ बैठकर मानचित्र पर चर्चा की। करीब बीस मिनट बाद सभी लोग सिटी श्मशान भूमि पहुंचे। जहां मानचित्र के हिसाब से बनने वाले अंडरपास की जगह का स्थलीय निरीक्षण करते हुए वहां आने वाली समस्याओं पर चर्चा की। चर्चा के बाद सिटी श्मशान भूमि रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास बनाने को सहमति दे दी गई। इसके बाद हार्टमैन क्रासिंग पर बनने वाले अंडरपास निर्माण को लेकर रेलवे अधिकारियों ने सहमति दे दी है। डीआरएम ने रेलवे की तकनीकी टीम से एस्टीमेट बनाने की बात कही है। इसके बाद शाम को जनप्रतिनिधि, रेलवे के अधिकारियों ने इन्हीं दोनों मामलों को लेकर डीएम शिवाकांत द्विवेदी के साथ बैठक की। उन्हें दोनों प्रस्तावों के बारे में बताया गया। इस दौरान एडीआरएम अजय वार्ष्णेय, ललित अवस्थी, रेलवे ठेकेदार अरविंद गंगवार आदि मौजूद रहे।
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कई दिनों से चल रही थी मांग
सिटी श्मशान भूमि जाने के लोगों को रेलवे क्रासिंग से होकर जाना पड़ता है। क्रासिंग अक्सर बंद रहती है ऐसे में शवों को लिए लोग खड़े रहते हैं। पिछले दिनों यहां ओवरब्रिज बनाने की मांग उठी लेकिन सामने बस्ती होने के कारण वह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। फिर लोगों ने यहां अंडरपास बनाने की मांग उठाई और सांसद संतोष गंगवार से मुलाकात की थी। संतोष गंगवार ने रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखकर जल्द निरीक्षण करने और यहां अंडरपास को बनाए जाने की मंजूरी देने की बात कही थी। इसके अलावा हार्टमैन क्रासिंग पर लंबे समय से जाम लगने के कारण और क्रासिंग को पहले ही बंद करने से समस्याएं बढ़ गईं है तो लोग यहां भी अंडरपास बनाने की मांग कर रहे थे। इसे लेकर भी लोग सांसद से मिले थे। इन दोनों महत्वपूर्ण मामलों को लेकर सांसद संतोष गंगवार ने पिछले दिनों पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अनुपम शर्मा से मिले भी थे। इसके बाद अधिकारियों ने शनिवार को सांसद और विधायक के साथ निरीक्षण किया।
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बारिश में जलभराव से अर्थी लेकर जाते हैं लोग
सिटी श्मशान भूमि क्रॉसिंग पर जाम से आमलोग तो परेशान रहते ही हैं, सबसे ज्यादा दिक्कत अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने वालों को होती है। उन्हें कभी-कभी तो घंटों शव लेकर जाम में फंसे रहना पड़ता है। यहां रोजाना करीब दस से अधिक शवयात्रा निकलती है। इसके अलावा सबसे अधिक दिक्कत तो बारिश के महीने में होती है जब इस सड़क पर जलभराव हो जाता है। कोई और रास्ता न होने के चलते लोगों मजबूरी में जलभराव से होकर अर्थी लेकर गुजरना पड़ता है। अंडरपास बनने के बाद लोगों को इस समस्या से भी निजात मिल जाएगी। पिछले दिनों क्षेत्र के लोगों ने यहां कई दिनों तक प्रदर्शन भी किया था।
जगह कम होने से ओवरब्रिज को नहीं मिल पाई थी मंजूरी
अंडरपास से पहले यहां ओवरब्रिज बनाने की मांग उठी थी। सांसद ने करीब एक साल पहले ओवरब्रिज के लिए यहां सर्वे भी कराया था। दिल्ली की एक कंट्रक्शन कंपनी ने सर्वे किया था और रिपोर्ट में कहा था कि सामने की ओर घनी बस्ती है। ऐसे में यहां जगह बेहद कम है और ओवरब्रिज का निर्माण किसी भी दशा में संभव नहीं है। फिर ओवरब्रिज की मांग ठंडे बस्ते में चली गई लेकिन लगातार समस्याएं होने पर लोगों ने यहां अंडरपास बनाने की मांग उठाई थी।