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Bareilly News: रेलवे में नौकरी के नाम पर 2.80 लाख ठगे, दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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बरेली। रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार से 2.80 लाख रुपये ठग लिए गए। बिथरी चैनपुर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। स्पेशल कोर्ट एसएसी/एसटी एक्ट के आदेश पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
बिथरी चैनपुर के गांव पुरनापुर निवासी अर्जुन ने बताया कि फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के धंतिया निवासी कुलदीप की उसके गांव में रिश्तेदारी है। जान-पहचान हुई तो कुलदीप ने उसे रेलवे में नौकरी दिलाने झांसा दिया। दो-तीन लाख रुपये लगने की बात कही। मामला तय होने के बाद कुलदीप ने अर्जुन की मुलाकात फतेहगंज पश्चिमी निवासी जितेंद्र से कराई। जितेंद्र ने खुद को अफसर बताते हुए उसे नौकरी दिलाने का भरोसा दिया तो अर्जुन ने दोनों को 1.80 लाख रुपये दे दिए।
कुछ दिन बाद कुलदीप ने एक लाख रुपये और लेते हुए जल्द ज्वाइनिंग लेटर दिलाने की बात कही। नौकरी नहीं मिली तो अर्जुन ने कुलदीप और जितेंद्र से बात की। दोनों ने कहा कि रेलवे की नौकरी में अभी समय लग सकता है। तब तक वह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में नौकरी कर ले। कुछ दिन बाद उसे नियुक्ति पत्र देकर रामपुर में ज्वाइन करने को कहा। वह रामपुर में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी भी करने लगा। कुछ दिन बाद पता चला कि ज्वाइनिंग लेटर और नौकरी दोनों फर्जी हैं। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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बिथरी चैनपुर के गांव पुरनापुर निवासी अर्जुन ने बताया कि फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के धंतिया निवासी कुलदीप की उसके गांव में रिश्तेदारी है। जान-पहचान हुई तो कुलदीप ने उसे रेलवे में नौकरी दिलाने झांसा दिया। दो-तीन लाख रुपये लगने की बात कही। मामला तय होने के बाद कुलदीप ने अर्जुन की मुलाकात फतेहगंज पश्चिमी निवासी जितेंद्र से कराई। जितेंद्र ने खुद को अफसर बताते हुए उसे नौकरी दिलाने का भरोसा दिया तो अर्जुन ने दोनों को 1.80 लाख रुपये दे दिए।
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कुछ दिन बाद कुलदीप ने एक लाख रुपये और लेते हुए जल्द ज्वाइनिंग लेटर दिलाने की बात कही। नौकरी नहीं मिली तो अर्जुन ने कुलदीप और जितेंद्र से बात की। दोनों ने कहा कि रेलवे की नौकरी में अभी समय लग सकता है। तब तक वह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में नौकरी कर ले। कुछ दिन बाद उसे नियुक्ति पत्र देकर रामपुर में ज्वाइन करने को कहा। वह रामपुर में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी भी करने लगा। कुछ दिन बाद पता चला कि ज्वाइनिंग लेटर और नौकरी दोनों फर्जी हैं। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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