UP News: चुनाव जीते रफीक, प्रधान बन गए शफीक, ग्रामीण हैरान; बरेली में सामने आया अजब मामला
Bareilly News: भदपुरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव परसरामपुर का असली प्रधान कौन है, इसे लेकर ग्रामीण भी असमंजस में हैं। जिला निर्वाचन आयोग की ओर से ग्राम प्रधान के रूप में शफीक का नाम पोर्टल पर दर्ज है, जबकि चुनाव रफीक जीते थे। जानते हैं पूरा मामला...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली के भदपुरा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत परसरामपुर में दो ग्राम प्रधानों का मामला काफी चर्चित होता जा रहा है। गांव के कुछ लोग कह रहे हैं कि प्रधान शफीक हैं और काम रफीक कर रहे हैं, लेकिन ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक ग्राम प्रधान के रूप में रफीक का नाम दर्ज है।
प्राथमिक जांच में पता चला है कि गांव के असली प्रधान रफीक हैं। जिला निर्वाचन आयोग की ओर से ग्राम प्रधान के रूप में शफीक का नाम पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया। यह गलती किसने की और कैसे हुई, इसकी जांच की जा रही है। विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और साफ हो जाएगी।
गांववालों ने की थी शिकायत
एक सप्ताह पहले गांव के मोहम्मद युसुफ, गालिब हुसैन, नसरुद्दीन आदि ने शिकायत की थी कि उनके गांव में निर्माण कार्यों में घोटाला किया गया है। यह भी जिक्र किया था कि उनके गांव के प्रधान शफीक हैं, लेकिन प्रधानी से संबंधित कार्य रफीक कर रहे हैं। इसकी जांच भूमि संरक्षण अधिकारी संजय कुमार सिंह और डीआरडीए के एई को सौंपी गई।
जांच के दौरान रफीक ने दावा कि प्रधानी के चुनाव में उनके भाई शफीक और शरीफ ने भी नामांकन किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना परचा वापस ले लिया था। उन्होंने रफीक को ही चुनाव लड़ाया था। रफीक को जीत का प्रमाणपत्र भी मिला था। वह दूसरी बार प्रधान चुने गए हैं। उनके भाई शफीक का भी कहना है कि वह प्रधान नहीं हैं।
रफीक बोले- विरोधी रच रहे साजिश
रफीक ने बताया कि उनके गांव के कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। वह इसका विरोध कर रहे हैं। इससे आरोपी उनके खिलाफ साजिश रच रहे हैं। 13 सितंबर को आरोपी निजामुद्दीन, मोईन, नसरुद्दीन, अंसार, गुड्डू और जुबैर ने उनपर हमला कर दिया था। गांव के सब लोग जानते हैं कि वह प्रधान हैं। वह 50 वोटों से चुनाव जीते थे।
भदपुरा के विकास खंड अधिकारी कमल सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत परसरामपुर के प्रधान रफीक हैं। ब्लॉक और जिला स्तर पर उनका ही नाम चला आ रहा है। उनके नाम ही बैंक में खाता खुला है, लेकिन जिला निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर शफीक का नाम दिख रहा है। जब इसकी शिकायत आई तो मामले का पता चला। कहीं न कहीं नाम अपलोड करते समय गलती हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ होगी।