{"_id":"6aa84b61d2460fe4640024e5","slug":"queues-formed-at-the-camp-for-persons-with-disabilities-verification-was-conducted-after-matching-addresses-bareilly-news-c-4-bly1015-966848-2026-09-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: दिव्यांग शिविर में लगी कतार, पते के मिलान के बाद हुआ सत्यापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: दिव्यांग शिविर में लगी कतार, पते के मिलान के बाद हुआ सत्यापन
Tue, 15 Sep 2026 01:00 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Tue, 15 Sep 2026 01:00 AM IST
विज्ञापन
बरेली। दिव्यागों के फर्जी प्रमाण पत्र प्रकरण के बाद सोमवार को शिविर में आवेदकों की कतार रही। बीते प्रकरण की वजह से इस बार प्राप्त आवेदनाें में पते का सत्यापन के बाद ही संबंधित व्यक्ति की जांच मेडिकल बोर्ड को भेजी गई। 63 लोगों की दिव्यांगता संबंधी जांच हुई।
आवेदन के मिलान की वजह से सुबह दस और 11 बजे पहुंचे लोगों को करीब दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। भमोरा से आए हेमराज ने बताया कि दुर्घटना में पैर खराब हो गया है। सुबह दस बजे कार्यालय आ गए थे, लेकिन दोपहर एक बजे तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इटौआ के रहने वाले मुख्तयार ने बताया कि पैर से दिव्यांग हैं और प्रमाण पत्र के नवीनीकरण के लिए सुबह 11 बजे पहुंचे थे। दोपहर एक बजे के बाद उन्हें बुलाया गया और अगले सोमवार फिर बुलाया है। अन्य दिव्यांग भी शिविर के समय पर पहुंचे, लेकिन जांच दोपहर 12 बजे के बाद शुरू हो सकी।
नोडल अधिकारी डॉ. राकेश ने बताया कि पिछले सोमवार को शिविर संचालन न होने से इस बार पिछले स्लाॅट के लोग भी आए हैं। इससे कतार लगी। आवेदन के दौरान प्रस्तुत जानकारियों का मिलान किया गया। इसके बाद मेडिकल बोर्ड से जांच की संस्तुति की गई।
विज्ञापन
सप्ताह भर बाद बदले जाएंगे नोडल और बाबू
बीते दिनों फर्जीवाड़ा प्रकरण में दिल्ली पुलिस की टीम ने आउटसोर्स कर्मचारी (डाटा इंट्री ऑपरेटर) कुलदीप को हिरासत में लिया। इससे सात सितंबर (सोमवार) को शिविर का संचालन नहीं हो सका। प्रकरण में जिला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. एलके सक्सेना की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होने पर मेडिकल बोर्ड से हटा दिया गया। इनकी जगह इस सोमवार ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र ने मरीजों की जांच की। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि पूर्व के नोडल अधिकारी और बाबू पर ही शिविर की जिम्मेदारी है। इसी सप्ताह इनका प्रभार भी बदला जाएगा।
विज्ञापन
आवेदन के मिलान की वजह से सुबह दस और 11 बजे पहुंचे लोगों को करीब दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। भमोरा से आए हेमराज ने बताया कि दुर्घटना में पैर खराब हो गया है। सुबह दस बजे कार्यालय आ गए थे, लेकिन दोपहर एक बजे तक कोई सुनवाई नहीं हुई। इटौआ के रहने वाले मुख्तयार ने बताया कि पैर से दिव्यांग हैं और प्रमाण पत्र के नवीनीकरण के लिए सुबह 11 बजे पहुंचे थे। दोपहर एक बजे के बाद उन्हें बुलाया गया और अगले सोमवार फिर बुलाया है। अन्य दिव्यांग भी शिविर के समय पर पहुंचे, लेकिन जांच दोपहर 12 बजे के बाद शुरू हो सकी।
विज्ञापन
नोडल अधिकारी डॉ. राकेश ने बताया कि पिछले सोमवार को शिविर संचालन न होने से इस बार पिछले स्लाॅट के लोग भी आए हैं। इससे कतार लगी। आवेदन के दौरान प्रस्तुत जानकारियों का मिलान किया गया। इसके बाद मेडिकल बोर्ड से जांच की संस्तुति की गई।
विज्ञापन
सप्ताह भर बाद बदले जाएंगे नोडल और बाबू
बीते दिनों फर्जीवाड़ा प्रकरण में दिल्ली पुलिस की टीम ने आउटसोर्स कर्मचारी (डाटा इंट्री ऑपरेटर) कुलदीप को हिरासत में लिया। इससे सात सितंबर (सोमवार) को शिविर का संचालन नहीं हो सका। प्रकरण में जिला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. एलके सक्सेना की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होने पर मेडिकल बोर्ड से हटा दिया गया। इनकी जगह इस सोमवार ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र ने मरीजों की जांच की। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि पूर्व के नोडल अधिकारी और बाबू पर ही शिविर की जिम्मेदारी है। इसी सप्ताह इनका प्रभार भी बदला जाएगा।