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पूर्णिमा पर अवकाश से ठप रहा कारोबार
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Tue, 15 Nov 2016 12:54 AM IST
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Purnima holiday From stalled trade
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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कार्तिक पूर्णिमा पर सभी बाजारों में अवकाश रहने से कारोबार ठप रहा। वहीं वैलिड करैंसी के अभाव में सब्जी और फल मंडी में भी सन्नाटा पसरा रहा। इसके अलावा गली मोहल्लों मेें भी फुटकर बिक्री नहीं हो पाई। उधर, करेंसी किल्लत से प्रभावित लोग मेला जाने की जगह घर और प्रतिष्ठानों पर ताश पत्ता खेलते नजर आए।
पिछले बुधवार से बड़ी करेंसी बंद होने की मार झेल रहे कारोबारियों ने सोमवार को ताश पत्ते खेलकर दिन गुजारा। वैसे हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग कार्तिक मेला पर ककोड़ा मेला जाते थे। बदायूं स्थित ककोड़ा मेला में जुआ खेलने के बड़े फड़ लगते हैं। इस बार वैलिड करेंसी की किल्लत होने से लोग मेला नहीं गए, क्योंकि 1000 और 500 नोट से ताश पत्ता खेलना जोखिम भरा था। इसलिए शहर में जगह-जगह घर और प्रतिष्ठानों में परंपरागत तरीके से ताश पत्ते खेले गए। इस मौके पर खिचड़ी भोज कर जश्न भी मनाया गया।
रामपुर बाग निवासी पंकज अग्रवाल और प्रेमनगर निवासी राजीव कुमार ने बताया कि वे हर वर्ष सपरिवार एक दिन पहले ककोड़ा मेला जाते थे, उनके साथ अन्य परिवार के सदस्य भी जाते थे। वैलिड करेंसी की किल्लत होने से इस बार वह मेला नहीं गए हैं। सिविल लाइंस निवासी राजीव कुमार सिंह बताते हैं कि वे वर्षों मेला जा रहे हैं, मगर इस बार नहीं जा सके। कारण, इस बार वैलिड करेंसी की किल्लत होना रहा।
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मंडी कारोबारियों ने मांगी वैलिड करैंसी
थोक फल और सब्जी मंडी में करेंसी किल्लत का असर साफ दिख रहा है। कारोबारियों के पास करेंसी नहीं होने से किसानों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। कारोबारी अपने रिटेलर को उधार में फल और सब्जी दे रहे हैं। सोमवार में अवकाश होने से सन्नाटा रहा। मंडी एसोसिएशन अध्यक्ष शुजा उर रहमान ने बताया कि बाहर से भी माल बंद होता जा रहा है। प्रशासन और बैंक प्रबंधन से अध्यक्ष ने आग्रह किया है कि मंडी कारोबारियों को प्राथमिकता पर वैलिड करेंसी उपलब्ध कराई जाए।
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पिछले बुधवार से बड़ी करेंसी बंद होने की मार झेल रहे कारोबारियों ने सोमवार को ताश पत्ते खेलकर दिन गुजारा। वैसे हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग कार्तिक मेला पर ककोड़ा मेला जाते थे। बदायूं स्थित ककोड़ा मेला में जुआ खेलने के बड़े फड़ लगते हैं। इस बार वैलिड करेंसी की किल्लत होने से लोग मेला नहीं गए, क्योंकि 1000 और 500 नोट से ताश पत्ता खेलना जोखिम भरा था। इसलिए शहर में जगह-जगह घर और प्रतिष्ठानों में परंपरागत तरीके से ताश पत्ते खेले गए। इस मौके पर खिचड़ी भोज कर जश्न भी मनाया गया।
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रामपुर बाग निवासी पंकज अग्रवाल और प्रेमनगर निवासी राजीव कुमार ने बताया कि वे हर वर्ष सपरिवार एक दिन पहले ककोड़ा मेला जाते थे, उनके साथ अन्य परिवार के सदस्य भी जाते थे। वैलिड करेंसी की किल्लत होने से इस बार वह मेला नहीं गए हैं। सिविल लाइंस निवासी राजीव कुमार सिंह बताते हैं कि वे वर्षों मेला जा रहे हैं, मगर इस बार नहीं जा सके। कारण, इस बार वैलिड करेंसी की किल्लत होना रहा।
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मंडी कारोबारियों ने मांगी वैलिड करैंसी
थोक फल और सब्जी मंडी में करेंसी किल्लत का असर साफ दिख रहा है। कारोबारियों के पास करेंसी नहीं होने से किसानों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। कारोबारी अपने रिटेलर को उधार में फल और सब्जी दे रहे हैं। सोमवार में अवकाश होने से सन्नाटा रहा। मंडी एसोसिएशन अध्यक्ष शुजा उर रहमान ने बताया कि बाहर से भी माल बंद होता जा रहा है। प्रशासन और बैंक प्रबंधन से अध्यक्ष ने आग्रह किया है कि मंडी कारोबारियों को प्राथमिकता पर वैलिड करेंसी उपलब्ध कराई जाए।