{"_id":"675ca14d3aba4f5e320fab1e","slug":"punishment-for-losing-sim-in-haryana-nia-interrogated-for-12-hours-sim-had-fallen-into-wrong-hands-bareilly-news-c-4-bly1015-540614-2024-12-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: हरियाणा में सिम खोने की भुगती सजा, एनआईए ने 12 घंटे की पूछताछ, गलत हाथों में पड़ गया था सिम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: हरियाणा में सिम खोने की भुगती सजा, एनआईए ने 12 घंटे की पूछताछ, गलत हाथों में पड़ गया था सिम
विज्ञापन
बरेली। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को फंडिंग करने व देश के युवाओं को बरगलाने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) की दस्तक से शहर में हलचल रही। सिर्फ एक सिम खोने की वजह से मजदूर को 12 घंटे तक संयुक्त टीम के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। हालांकि, इनपुट के मुताबिक स्थानीय लोगों के जुड़ाव से संबंधित साक्ष्य नहीं मिले। टीम ने मजदूर को छोड़ दिया, पर उसके दस्तावेज साथ ले गई है।
एनआईए ने बृहस्पतिवार को मीरगंज क्षेत्र के गांव सैंजना निवासी दो भाइयों नरेश और महेंद्र से पूछताछ की। एनआईए व एटीएस की संयुक्त टीम ने दोनों भाइयों को शाम छह बजे छोड़ा। इनमें से बड़ा भाई महेंद्र एक ओर बैठा रहा, पूछताछ का पूरा फोकस छोटे भाई नरेश पर ही रहा।
सिम हो रहा था इस्तेमाल, नरेश निकला बेदाग
शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने दोनों भाइयों, ग्राम प्रधान व पुलिस सूत्रों से बात कर जो जानकारी निकाली, उसके मुताबिक नरेश का सिम टेरर फंडिंग व अन्य गलत गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहा था। नरेश ने टीम को बताया कि वह करीब पांच साल तक हरियाणा में रहा। वहां उसने मजदूरी की। इस दौरान नरेश का एक सिम खो गया था। नरेश ने उसे तलाशा, पर वह नहीं मिला। तब उसने दूसरा सिम ले लिया। बताया जा रहा है कि यह सिम ही मजदूर की परेशानी की वजह बन गया। सर्विलांस व लिसनिंग से साक्ष्य जुटाकर टीम ने सिम का पता निकाला और सैंजना गांव तक पहुंच गई। नरेश से पूछताछ के बाद उसका आधार कार्ड, पैनकार्ड व बैंक खातों की जांच की। टीम जब पूरी तरह आश्वस्त हो गई कि नरेश का प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है तो उसे और उसके भाई को छोड़ दिया गया। अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
-
एनआईए और एटीएस की संयुक्त टीम ने दोनों भाइयों से क्या पूछताछ की? इस बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी गई। हालांकि, दोनों को छोड़ दिया गया। भविष्य में इनसे संबंधित कोई भी कार्रवाई या निर्णय भी संबंधित एजेंसी ही लेगी। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी उत्तरी
विज्ञापन
एनआईए ने बृहस्पतिवार को मीरगंज क्षेत्र के गांव सैंजना निवासी दो भाइयों नरेश और महेंद्र से पूछताछ की। एनआईए व एटीएस की संयुक्त टीम ने दोनों भाइयों को शाम छह बजे छोड़ा। इनमें से बड़ा भाई महेंद्र एक ओर बैठा रहा, पूछताछ का पूरा फोकस छोटे भाई नरेश पर ही रहा।
विज्ञापन
सिम हो रहा था इस्तेमाल, नरेश निकला बेदाग
शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने दोनों भाइयों, ग्राम प्रधान व पुलिस सूत्रों से बात कर जो जानकारी निकाली, उसके मुताबिक नरेश का सिम टेरर फंडिंग व अन्य गलत गतिविधियों में इस्तेमाल हो रहा था। नरेश ने टीम को बताया कि वह करीब पांच साल तक हरियाणा में रहा। वहां उसने मजदूरी की। इस दौरान नरेश का एक सिम खो गया था। नरेश ने उसे तलाशा, पर वह नहीं मिला। तब उसने दूसरा सिम ले लिया। बताया जा रहा है कि यह सिम ही मजदूर की परेशानी की वजह बन गया। सर्विलांस व लिसनिंग से साक्ष्य जुटाकर टीम ने सिम का पता निकाला और सैंजना गांव तक पहुंच गई। नरेश से पूछताछ के बाद उसका आधार कार्ड, पैनकार्ड व बैंक खातों की जांच की। टीम जब पूरी तरह आश्वस्त हो गई कि नरेश का प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है तो उसे और उसके भाई को छोड़ दिया गया। अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
-
एनआईए और एटीएस की संयुक्त टीम ने दोनों भाइयों से क्या पूछताछ की? इस बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं दी गई। हालांकि, दोनों को छोड़ दिया गया। भविष्य में इनसे संबंधित कोई भी कार्रवाई या निर्णय भी संबंधित एजेंसी ही लेगी। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी उत्तरी