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जब किसी की जान जाएगी तभी साहब को गड्ढे की याद आएगी
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बरेली। किला ओवरब्रिज लगातार चटक और टूट रहा है। ओवरब्रिज के ऊपर तो गड्ढे होने भी शुरू हो गए हैं। उसकी साइड की दीवारें भी जगह-जगह से चटकनी शुरू हो गई हैं। इतना ही नहीं कई पिलर पर पुल को रोकने के लिए बने सोल्डर पर भी दरारें आनी शुरू हो गई हैं, जबकि इस ओवरब्रिज पर दिनभर हजारों रोडवेज बसों समेत दूसरे भारी वाहनों का आवागमन रहता है। ओवरब्रिज की इस हालत को देखते हुए बड़े हादसे की आशंका का खतरा बना हुआ है।
लखनऊ-दिल्ली रोड पर बना यह ओवरब्रिज खस्ताहाल हो चला है। सीबीगंज की ओर से ओवरब्रिज पर चढ़ते ही एक किनारे बड़ा गड्ढा हो गया है, जिसमें बाइक वाले गिरते रहते हैं। इससे इस गड्ढे का आकार भी लगातार बढ़ रहा है। पीडब्ल्यूडी की टीम ने कुछ दिन पहले रोड पर पैच वर्क तो कराया, लेकिन इस गड्ढे को छोड़ दिया।
पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों का कहना है कि इस रोड की मरम्मत के लिए सेतु निगम को टेक्निकल टीम की मदद से करनी चाहिए, तभी इसका समाधान संभव है। इसके अलावा पुल की साइड की दीवारें भी अब टूटना शुरू हो गई हैं। कुछ जगह पर प्लास्टर उखड़ रहा है। हैवी ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से पुल के जगह-जगह से चटकने का सिलसिला जारी है। इसके अलावा पुल को रोकने के लिए लगाए गए पिलर के सोल्डर पर भी दरारें आनी शुरू हो गई है। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर रहे राकेश राजवंशी ने ओवरब्रिज पर सड़क बनाने के लिए एक के ऊपर एक हॉटमिक्स की लेयर बिछाने से हजारों टन वजन बढ़ जाने के बाद इस पर नई सड़क बिछाने पर प्रतिबंध लगा दिया था, बावजूद इसके पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम के अधिकारी इस संबंध में इसकी सुध नहीं ले रहे हैं।
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लखनऊ-दिल्ली रोड पर बना यह ओवरब्रिज खस्ताहाल हो चला है। सीबीगंज की ओर से ओवरब्रिज पर चढ़ते ही एक किनारे बड़ा गड्ढा हो गया है, जिसमें बाइक वाले गिरते रहते हैं। इससे इस गड्ढे का आकार भी लगातार बढ़ रहा है। पीडब्ल्यूडी की टीम ने कुछ दिन पहले रोड पर पैच वर्क तो कराया, लेकिन इस गड्ढे को छोड़ दिया।
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पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों का कहना है कि इस रोड की मरम्मत के लिए सेतु निगम को टेक्निकल टीम की मदद से करनी चाहिए, तभी इसका समाधान संभव है। इसके अलावा पुल की साइड की दीवारें भी अब टूटना शुरू हो गई हैं। कुछ जगह पर प्लास्टर उखड़ रहा है। हैवी ट्रैफिक का दबाव बढ़ने से पुल के जगह-जगह से चटकने का सिलसिला जारी है। इसके अलावा पुल को रोकने के लिए लगाए गए पिलर के सोल्डर पर भी दरारें आनी शुरू हो गई है। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर रहे राकेश राजवंशी ने ओवरब्रिज पर सड़क बनाने के लिए एक के ऊपर एक हॉटमिक्स की लेयर बिछाने से हजारों टन वजन बढ़ जाने के बाद इस पर नई सड़क बिछाने पर प्रतिबंध लगा दिया था, बावजूद इसके पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम के अधिकारी इस संबंध में इसकी सुध नहीं ले रहे हैं।
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