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दुष्कर्मी चाचा को पच्चीस साल कैद
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बरेली। स्कूल जा रही 14 वर्षीय छात्रा को अगवा कर दिल्ली ले जाने और दुष्कर्म करने का जुर्म साबित होने के बाद पीड़िता के रिश्ते के चाचा सुरेश दद्दा को अदालत ने 25 साल कैद की सजा सुनाई है।
क्योलड़िया इलाके में हुई इस घटना की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने लिखाई थी। इसमें कहा गया था कि चार मार्च 2014 को उनकी 14 वर्षीय बेटी स्कूल गई थी लेकिन घर नहीं लौटी। गांव का ही सुरेश उनके घर आता-जाता था जो उनकी बेटी को अगवा कर ले गया। बरामदगी के बाद पीड़िता ने बयान में कहा कि घटना वाले दिन स्कूल जाते समय रास्ते में मिला सुरेश उसे अपने साथ ऑटो से बरेली लाया और वहां से दिल्ली ले गया। दिल्ली में उसे एक कमरे में रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके कहने के बावजूद उसे घर नहीं पहुंचाया। ढाई महीने बाद उसे पुलिस ने दिल्ली से बरामद किया लेकिन सुरेश मौके से भाग गया। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अभियोजन की ओर से सरकारी वकील रीतराम राजपूत, सीपी गुप्ता और सुभव मिश्रा ने आठ गवाह पेश किए। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राम दयाल ने अभियुक्त सुरेश दद्दा को दोषी ठहराते हुए उसे 25 साल कैद की सजा सुनाई। उस पर 76 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जिसमें से आधी राशि पीड़िता को दी जाएगी।
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क्योलड़िया इलाके में हुई इस घटना की रिपोर्ट पीड़िता के पिता ने लिखाई थी। इसमें कहा गया था कि चार मार्च 2014 को उनकी 14 वर्षीय बेटी स्कूल गई थी लेकिन घर नहीं लौटी। गांव का ही सुरेश उनके घर आता-जाता था जो उनकी बेटी को अगवा कर ले गया। बरामदगी के बाद पीड़िता ने बयान में कहा कि घटना वाले दिन स्कूल जाते समय रास्ते में मिला सुरेश उसे अपने साथ ऑटो से बरेली लाया और वहां से दिल्ली ले गया। दिल्ली में उसे एक कमरे में रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया। उसके कहने के बावजूद उसे घर नहीं पहुंचाया। ढाई महीने बाद उसे पुलिस ने दिल्ली से बरामद किया लेकिन सुरेश मौके से भाग गया। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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अभियोजन की ओर से सरकारी वकील रीतराम राजपूत, सीपी गुप्ता और सुभव मिश्रा ने आठ गवाह पेश किए। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट राम दयाल ने अभियुक्त सुरेश दद्दा को दोषी ठहराते हुए उसे 25 साल कैद की सजा सुनाई। उस पर 76 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जिसमें से आधी राशि पीड़िता को दी जाएगी।
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