अब डीएम निपटाएंगे सरकारी जमीनों के विवाद
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प्रदेश सरकार ने अगले वर्ष दिसंबर तक मंडल मुख्यालयों पर 24 घंटे और तहसील स्तर पर 14 घंटे बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने की योजना बनाई है लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि अभी तक शहर में प्रस्तावित चार उपकेंद्रों के लिए भूमि नहीं मिल पायी है। दो स्थानों पर निर्माणाधीन उपकेंद्र पर विवाद शुरू हो गया है। इसी तरह अन्य जनहित वाले प्रोजेक्ट के लिए भूमि मिलने की बजाय उस पर कब्जे हो गए हैं। सरकार ने जल्द से जल्द लोकहित वाली योजनाएं शुरू कराने के लिए डीएम को निर्देशित किया गया है कि वे लंबित मामले तुरंत हल कराएं।
बिजली विभाग पिछले दो वर्षाें से उपकेंद्र बनाने के लिए चार स्थानों पर भूमि मांग रहा है। पेयजल योजना के लिए प्रस्तावित नलकूपों के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। इसी तरह फोरलेन समेत अन्य मामले जमीन न मिलने से अधर में लटक गए हैं। दूसरी तरफ सरकार ने घोषणा की है कि अगले साल दिसंबर तक बिजली सप्लाई समस्या हल हो जाएगी। शहर में स्थिति यह है कि अभी तक चार स्थानों पर प्रस्तावित उपकेंद्र निर्माण भूमि प्रभावित है। रहपुरा चौधरी में बेसिक शिक्षा विभाग ने मामला हाईकोर्ट में फंसा दिया है। इस स्थान पर बिजली विभाग सवा करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। हरूनगला बीसलपुर मार्ग पर निर्माण शुरू हुआ तो मनोज जायसवाल स्टे ले लाए।
सरकार ने अब शहरी विकास योजनाओं के लिए आवंटित जमीनों के विवाद डीएम से कहा है कि वे स्थानीय स्तर पर ही सभी विवाद हल कराएं। जमीन विवाद में प्रोजेक्ट नहीं रोका जाएगा। इस बाबत शासन ने सभी जिलाधिकारियों को परिपत्र जारी कर दिया है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने अपने पत्र में इस बात पर चिंता जताइ है कि जनहित के दृष्टिकोण से संचालित महत्वपूर्ण योजनाओं का बजट भूमि उपलब्ध न होने के चलते जारी नहीं हो पाता है। इससे जनता को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी होती है। खासतौर से निकायों में भूमि विवाद के प्रकरण समय से निस्तारित नहीं किए जाने पर गंभीर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी से व्यक्तिगत रुचि लेकर इनका निपटारा सक्षम अधिकारियों के स्तर से तत्काल कराने को कहा गया है। शहर में चार नए बिजली सब स्टेशन खोलने के लिए जमीन का निर्णय लंबे समय से नहीं हो पाया। इसके अलावा नए नलकूप और ओवरहेड टैंक निर्माण के लिए आवंटित जमीनों पर विवाद के चलते काम प्रारंभ करने में देरी हुई। नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने अपर नगर आयुक्त सच्चिदानंद सिंह और उप नगर आयुक्त ईश शक्ति कुमार सिंह को ऐसे मामलों का निस्तारण तत्काल कराने के आदेश दिए हैं।