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प्रैक्टिकल के बहाने उगाही कर शिक्षक चंपत

Tue, 09 Feb 2016 01:29 AM IST
बरेली
बरेली Updated Tue, 09 Feb 2016 01:29 AM IST
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बरेली। यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बिजनौर के अल्पसंख्यक इंटर कॉलेज का बर्खास्त शिक्षक बरेली मंडल के पांच विद्यालयों में अपने हस्ताक्षर से व्यावसायिक ट्रेड की प्रयोगात्मक परीक्षा के बहाने स्टूडेंट्स से लाखों रुपये वसूल कर चंपत हो गया। विद्यार्थियों ने प्रैक्टिकल में अच्छे नंबर लाने के लिए जो रकम इकट्ठा कर परीक्षक को दी, वह भी बेकार चली गई। संयुक्त शिक्षा निदेशक ने पांच कालेजों की प्रयोगात्मक परीक्षा के अवार्ड ब्लैंक रोकते हुए डीआईओएस को बर्खास्त शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इन कालेजों में फिर से प्रैक्टिकल परीक्षाएं होंगी।
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खालसा इंटर कालेज नूरपुर बिजनौर के कार्यवाहक प्रधानाचार्य सतपाल सिंह ने संयुक्त शिक्षा निदेशक शिव प्रकाश द्विवेदी को भेजे पत्र में अवगत कराया कि उनके विद्यालय में एक साल पहले व्यावसायिक ट्रेड (फल एवं खाद्य संरक्षण) के शिक्षक अर्जुन सिंह निवासी ग्राम और पोस्ट फीना (बिजनौर) को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं में दोषी पाकर बर्खास्त कर दिया गया था। सेवा समाप्त होने के बाद भी बर्खास्त शिक्षक अर्जुन सिंह ने बरेली मंडल के पांच विद्यालयों गुरुनानक रिक्खी सिंह इंटर कालेज, सुभाष इंटर कालेज आंवला, राजकीय इंटर कालेज बरेली, राजकीय इंटर कालेज पीलीभीत और नानूमल जैन इंटर कालेज बिल्सी (बदायूं) में शिक्षक सत्र 2016 की बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा अपने हस्ताक्षर से करा ली। इन विद्यालयों में परीक्षार्थियों से लाखों रुपये की वसूली भी की गई। बताया जाता है कि बर्खास्त शिक्षक ने अन्य विद्यालयों में भी प्रयोगात्मक परीक्षा के नाम पर फर्जीवाड़ा किया है। इस प्रकरण में बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय के अफसर और कर्मचारियों की भूमिका को भी संदिग्ध माना जा रहा है। जेडी शिव प्रकाश द्विवेदी ने मामले की जांच कर बर्खास्त शिक्षक पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
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प्रयोगात्मक परीक्षक बनने का तरीका
बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय से विभिन्न विषयों की प्रयोगात्मक परीक्षा कराने के लिए निर्धारित योग्यता के शिक्षकों की सूची मांगी जाती है। विद्यालयों के प्रधानाचार्य विभिन्न विषय के शिक्षकों की सूची बोर्ड को भेजते हैं। वहां से अलग-अलग विषयों की प्रयोगात्मक परीक्षा कराने के लिए शिक्षक नियुक्त किए जाते हैं।
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बर्खास्त शिक्षक के हस्ताक्षर से बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा के बारे में डीआईओएस से रिपोर्ट मांगी गई है। डीआईओएस की जांच में पुष्टि होने के बाद इन विद्यालयों में प्रैक्टीकल दोबारा कराए जाएंगे।
-शिव प्रकाश द्विवेदी, संयुक्त शिक्षा निदेशक


प्रयोगात्मक परीक्षा लेने वाला शिक्षक बोर्ड से नियुक्त होता है। विद्यालयों के प्रधानाचार्य ऑनलाइन शिक्षक की संस्तुति करते हैं। ये फर्जी कैसे हो सकता है। मैं इसकी जांच कराऊंगा। फर्जी शिक्षक पाए जाने पर प्रैक्टीकल दोबारा होंगे।

- विनोद कृष्ण, क्षेत्रीय सचिव, यूपी बोर्ड


यूपी बोर्ड से आई परीक्षकों की सूची में उनका नाम था। सूची में नाम होने की वजह से उनसे प्रैक्टिकल कराए। बाद में बोर्ड ऑफिस से ही फोन आया कि वो निलंबित हैं, तो मैंने कहा, मैं तो प्रैक्टिकल करा चुकी हूं।
- मीना जैन, प्रिंसिपल, रिखी सिंह इंटर कॉलेज, बरेली

अर्जुन सिंह प्रैक्टिकल लेने आए थे? इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है।
- आरके सिंह, प्रिंसिपल, जीआईसी, बरेली
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