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जहरीली हवा को अफसर कागजी आंकड़ों से कर रहे साफ
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बरेली। प्रदूषण को लेकर दिल्ली तक हाहाकार मचा है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार भी लगाई है। बरेली में भी स्थिति बेहद खतरनाक है। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 500 के पार पहुंच चुका है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) के अफसर कागजी आंकड़ों से इसे साफ करने में जुटे हैं। राजेंद्रनगर में लगे उपकरण से वह पूरे शहर की वायु गुणवत्ता तय कर रहे हैं। पीसीबी का मानना है कि शहर में एक्यूआई की स्थिति खराब नहीं है। उनकी नजर में राजेंद्रनगर की हवा साफ है तो पूरा शहर सही है।
पीसीबी ने तीन नवंबर को राजेंद्रनगर में एक्यूआई 297 बताया, जबकि बरेली और शाहजहांपुर में प्रदूषण पर रिसर्च कर रहे डॉ. डीके सक्सेना के आंकड़ों के अनुसार तीन नवंबर को राजेंद्रनगर में एक्यूआई 300 से ऊपर था। बरेली में एक्यूआई का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है। दो नवंबर को बरेली में एक्यूआई 450 था जो तीन नवंबर को 500 के ऊपर पहुंच गया। विभाग के अफसर मान रहे हैं कि अगर सड़क किनारे खड़े होकर वायु गुणवत्ता आंकेंगे तो स्थिति खराब मिलेगी ही, जबकि राजेंद्रनगर पाश इलाकों में शामिल है। यहां धूल मिट्टी भी नहीं है और गाड़ियों का शोर भी कम है तो प्रदूषण का स्तर कम होना लाजमी है, जबकि इज्जतनगर रेलवे क्रॉसिंग, चौपुला , सेटेलाइट जैसे स्थान ऐसे हैं जहां ट्रैफिक से बुरा हाल है। इन जगहों पर ही एक्यूआई 450 से ऊपर होना पीसीबी की नजर में कोई बड़ी बात नहीं है। पर्यावरणविद डॉ. डीके सक्सेना के अनुसार सिर्फ एक जगह पर एक्यूआई देखकर पूर शहर की स्थिति पता नहीं चल सकती। अलग-अलग जगहों पर इसकी स्थिति अलग-अलग होती है।
पीसीबी ने माना दिवाली पर 881 तक पहुंचा एक्यूआई
प्रदूषण की स्थिति दिवाली के बाद से ही खराब हुई। पीसीबी के आंकड़ों के अनुसार दिवाली से शहर में एक्यूआई 881 तक पहुंचा। उसके बाद राजेंद्रनगर में 300 के आसपास एक्यूआई रहा।
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आखिर पूरे शहर में प्रदूषण का स्तर क्यों माप नहीं रहा पीसीबी
पीसीबी ने सिर्फ राजेंद्रनगर में स्टेशन बना रखा है। इसके अलावा शहर के किसी भी हिस्से में पीसीबी प्रदूषण का स्तर नहीं देखता है। एक ही स्टेशन से पूरे शहर की स्थिति का पता लगाना समझ से परे है। शहर में कई जगह नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पीसीबी उनकी अनदेखी कर रहा है। कई अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं हो रहा है। विभाग ने उनको नोटिस तो दिए, लेकिन कार्रवाई नहीं की।
राजेंद्रनगर में हमने उपकरण लगा रखें हैं। वहां एक्यूआई 297 रिकॉर्ड किया। अगर धूल भरी जगह एक्यूआई देखेंगे तो वहां तो ज्यादा निकलेगा ही। दिवाली के रोज एक्यूआई 881 पर जरूर पहुंचा था। - रोहित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बरेली
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पीसीबी ने तीन नवंबर को राजेंद्रनगर में एक्यूआई 297 बताया, जबकि बरेली और शाहजहांपुर में प्रदूषण पर रिसर्च कर रहे डॉ. डीके सक्सेना के आंकड़ों के अनुसार तीन नवंबर को राजेंद्रनगर में एक्यूआई 300 से ऊपर था। बरेली में एक्यूआई का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है। दो नवंबर को बरेली में एक्यूआई 450 था जो तीन नवंबर को 500 के ऊपर पहुंच गया। विभाग के अफसर मान रहे हैं कि अगर सड़क किनारे खड़े होकर वायु गुणवत्ता आंकेंगे तो स्थिति खराब मिलेगी ही, जबकि राजेंद्रनगर पाश इलाकों में शामिल है। यहां धूल मिट्टी भी नहीं है और गाड़ियों का शोर भी कम है तो प्रदूषण का स्तर कम होना लाजमी है, जबकि इज्जतनगर रेलवे क्रॉसिंग, चौपुला , सेटेलाइट जैसे स्थान ऐसे हैं जहां ट्रैफिक से बुरा हाल है। इन जगहों पर ही एक्यूआई 450 से ऊपर होना पीसीबी की नजर में कोई बड़ी बात नहीं है। पर्यावरणविद डॉ. डीके सक्सेना के अनुसार सिर्फ एक जगह पर एक्यूआई देखकर पूर शहर की स्थिति पता नहीं चल सकती। अलग-अलग जगहों पर इसकी स्थिति अलग-अलग होती है।
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पीसीबी ने माना दिवाली पर 881 तक पहुंचा एक्यूआई
प्रदूषण की स्थिति दिवाली के बाद से ही खराब हुई। पीसीबी के आंकड़ों के अनुसार दिवाली से शहर में एक्यूआई 881 तक पहुंचा। उसके बाद राजेंद्रनगर में 300 के आसपास एक्यूआई रहा।
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आखिर पूरे शहर में प्रदूषण का स्तर क्यों माप नहीं रहा पीसीबी
पीसीबी ने सिर्फ राजेंद्रनगर में स्टेशन बना रखा है। इसके अलावा शहर के किसी भी हिस्से में पीसीबी प्रदूषण का स्तर नहीं देखता है। एक ही स्टेशन से पूरे शहर की स्थिति का पता लगाना समझ से परे है। शहर में कई जगह नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पीसीबी उनकी अनदेखी कर रहा है। कई अस्पतालों में मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नहीं हो रहा है। विभाग ने उनको नोटिस तो दिए, लेकिन कार्रवाई नहीं की।
राजेंद्रनगर में हमने उपकरण लगा रखें हैं। वहां एक्यूआई 297 रिकॉर्ड किया। अगर धूल भरी जगह एक्यूआई देखेंगे तो वहां तो ज्यादा निकलेगा ही। दिवाली के रोज एक्यूआई 881 पर जरूर पहुंचा था। - रोहित सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बरेली