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अरविंद बोले लड़ाई अध्यक्ष पद की है
बरेली
Updated Tue, 03 Feb 2015 12:46 AM IST
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समाजवादी पार्टी में अंदरूनी घमासान थमने का नहीं ले रहा है। पूर्व जिला उपाध्यक्ष अरविंद यादव का कहना है कि जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव से उनकी कोई लड़ाई नहीं है। उन्होंने जिलाध्यक्ष पद पर अपना दावा जताया था। वह इसी बात से नाराज थे। हाईकमान ने उनको उपाध्यक्ष बनाया तो नाराजगी बढ़ गई।
उपाध्यक्ष पद से हटाए जाने के अगले दिन सोमवार देर शाम अरविंद यादव ने अपने पवन विहार स्थित आवास पर प्रेस वार्ता बुला कर अरविंद बोले जिलाध्यक्ष पद पर दावा न करूं तो वह मेरे चाचा हैं और मैं उनका भतीजा। अरविंद यादव का कहना था कि चूका बीच सार्वजनिक पर्यटन स्थल है। वह वहां गए थे। ये महज संयोग था कि बसपा विधायक मिल गए। अगर इस मामले में उनको पद से हटाया गया है तो गोपेश अग्रवाल भी गए थे। उनको भी समाजवादी व्यापार सभा अध्यक्ष पद से हटाया जाए। अरविंद यादव ने साफ कहा कि वह केवल मुलायम और अखिलेश के अनुयायी हैं। जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव के नहीं।
तौफीक ने कहा- नहीं दिए 50 हजार
अरविंद यादव ने पूर्व प्रधान तौफीक को सामने लाकर कहा कि उनके ऊपर 50 हजार रुपये लेने के आरोप निराधार है। तौफीक ने भी मीडिया के सामने कहा कि न तो पुलिस ने उसे किसी केस में पकड़ा और न ही खुद को छुड़ाने के लिए उसने अरविंद यादव को 50 हजार रुपये दिए। तौफीक ने कहा कि सपा जिलाध्यक्ष ने उसके ऊपर अपराधी होने और अरविंद यादव को रुपये देने के गलत आरोप लगाए। तौफीक का कहा है कि समाजवादी पार्टी को चुनाव लड़ाने के बाद भी अपनी सरकार में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया। उसमें फतेहगंज पूर्वी पुलिस ने घर तोड़ फोड़ की थी। तौफीक ने आशंका जतायी कि अरविंद यादव का साथ देने से जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव के कहने से उसे पुलिस आगे भी प्रताड़ित कर सकती है। इस संदर्भ में जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव से बात करने की कोशिश की गई तो फोन से उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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‘मैने तौफीक को नहीं पकड़ा था। हापुड़ में डकैती पड़ी थी। उसी मामले में नगरिया कला के कुछ लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ा गया था। उनकी सिफारिश में अरविंद यादव का फोन आया था।’ रामवीर यादव, इंस्पेक्टर कैंट
हरीशंकर को मिली जिम्मेदारी
बरेली। समाजवादी पार्टी ने हाल ही में हाईकमान से उपाध्यक्ष बनाए गए हरीशंकर यादव को भोजीपुरा का सम्मेलन प्रभारी बनाया है। अताउर रहमान समर्थक समझे जाने वाले हरीशंकर यादव को प्रभारी बनाकर जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव ने पार्टी के अंदर लगातार बढ़ विरोध को थामने का प्रयास किया है। इनके अलावा नदौसी में मलखान सिंह यादव, शरीफ खां, रहपुरा चौधरी में उवैस खां, मुख्त्यार खां, कंजादास पुर में अशोक यादव, अर्पित गोयल, मढ़ीनाथ में ज्ञान यादव, रामपाल कश्यप, कटघर में अखलाक अली, डब्ल्यू यादव, कुंवरपुर में रविकांत सक्सेना, भरत यादव, बिहारीपुर सौदागरान में प्रहलाद मेहरोत्रा, शाकिर, बानखाना में पार्षद शमीम अहमद, सीपी गुप्ता, शाहाबाद में अब्दुल कयूम मुन्ना, प्रवीण गोयल, आजमनगर में आरिफ कुरैशी, राजीव पंडित, सिविल लाइन सिकलापुर में राजेश अग्रवाल, विशाल यादव, कटकुईयां पुराना शहर में रेहान अली, सरवर अली, चक महमूद में उस्मान अल्वी, मेराज अंसारी, कटरा चांद खां में जमुना प्रसाद मौर्य, रजनीश यादव और कैंटोनमेंट बोर्ड में पार्षद हामिद खां को सम्मेलन प्रभारी बनाया गया। महानगर अध्यक्ष जफर बेग ने बताया कि जोन वाइज सम्मेलन सात फरवरी से प्रारंभ होकर 15 दिन चलेंगे।
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उपाध्यक्ष पद से हटाए जाने के अगले दिन सोमवार देर शाम अरविंद यादव ने अपने पवन विहार स्थित आवास पर प्रेस वार्ता बुला कर अरविंद बोले जिलाध्यक्ष पद पर दावा न करूं तो वह मेरे चाचा हैं और मैं उनका भतीजा। अरविंद यादव का कहना था कि चूका बीच सार्वजनिक पर्यटन स्थल है। वह वहां गए थे। ये महज संयोग था कि बसपा विधायक मिल गए। अगर इस मामले में उनको पद से हटाया गया है तो गोपेश अग्रवाल भी गए थे। उनको भी समाजवादी व्यापार सभा अध्यक्ष पद से हटाया जाए। अरविंद यादव ने साफ कहा कि वह केवल मुलायम और अखिलेश के अनुयायी हैं। जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव के नहीं।
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तौफीक ने कहा- नहीं दिए 50 हजार
अरविंद यादव ने पूर्व प्रधान तौफीक को सामने लाकर कहा कि उनके ऊपर 50 हजार रुपये लेने के आरोप निराधार है। तौफीक ने भी मीडिया के सामने कहा कि न तो पुलिस ने उसे किसी केस में पकड़ा और न ही खुद को छुड़ाने के लिए उसने अरविंद यादव को 50 हजार रुपये दिए। तौफीक ने कहा कि सपा जिलाध्यक्ष ने उसके ऊपर अपराधी होने और अरविंद यादव को रुपये देने के गलत आरोप लगाए। तौफीक का कहा है कि समाजवादी पार्टी को चुनाव लड़ाने के बाद भी अपनी सरकार में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया। उसमें फतेहगंज पूर्वी पुलिस ने घर तोड़ फोड़ की थी। तौफीक ने आशंका जतायी कि अरविंद यादव का साथ देने से जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव के कहने से उसे पुलिस आगे भी प्रताड़ित कर सकती है। इस संदर्भ में जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव से बात करने की कोशिश की गई तो फोन से उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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‘मैने तौफीक को नहीं पकड़ा था। हापुड़ में डकैती पड़ी थी। उसी मामले में नगरिया कला के कुछ लोगों को पूछताछ के लिए पकड़ा गया था। उनकी सिफारिश में अरविंद यादव का फोन आया था।’ रामवीर यादव, इंस्पेक्टर कैंट
हरीशंकर को मिली जिम्मेदारी
बरेली। समाजवादी पार्टी ने हाल ही में हाईकमान से उपाध्यक्ष बनाए गए हरीशंकर यादव को भोजीपुरा का सम्मेलन प्रभारी बनाया है। अताउर रहमान समर्थक समझे जाने वाले हरीशंकर यादव को प्रभारी बनाकर जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव ने पार्टी के अंदर लगातार बढ़ विरोध को थामने का प्रयास किया है। इनके अलावा नदौसी में मलखान सिंह यादव, शरीफ खां, रहपुरा चौधरी में उवैस खां, मुख्त्यार खां, कंजादास पुर में अशोक यादव, अर्पित गोयल, मढ़ीनाथ में ज्ञान यादव, रामपाल कश्यप, कटघर में अखलाक अली, डब्ल्यू यादव, कुंवरपुर में रविकांत सक्सेना, भरत यादव, बिहारीपुर सौदागरान में प्रहलाद मेहरोत्रा, शाकिर, बानखाना में पार्षद शमीम अहमद, सीपी गुप्ता, शाहाबाद में अब्दुल कयूम मुन्ना, प्रवीण गोयल, आजमनगर में आरिफ कुरैशी, राजीव पंडित, सिविल लाइन सिकलापुर में राजेश अग्रवाल, विशाल यादव, कटकुईयां पुराना शहर में रेहान अली, सरवर अली, चक महमूद में उस्मान अल्वी, मेराज अंसारी, कटरा चांद खां में जमुना प्रसाद मौर्य, रजनीश यादव और कैंटोनमेंट बोर्ड में पार्षद हामिद खां को सम्मेलन प्रभारी बनाया गया। महानगर अध्यक्ष जफर बेग ने बताया कि जोन वाइज सम्मेलन सात फरवरी से प्रारंभ होकर 15 दिन चलेंगे।