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गिरफ्तार होते ही ग्रुपों में भेजा था वॉयस मेसेज- पुलिस को घेर लो

Sat, 18 Jan 2020 01:37 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jan 2020 01:37 AM IST
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रात तीन बजे का वाकया होने से नहीं मिल पाया रेस्पॉन्स
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आरोपियों के मोबाइल से मिलीं कई चौंकाने वाली जानकारी
बरेली। आजाद इंटर कॉलेज में जबरन धरना देकर बवाल की कोशिश करने वाले बाहरी लोगों के इरादे नेक नहीं थे। पुलिस ने जब कॉलेज पहुंचकर इन लोगों को गिरफ्तार किया तो उन्होंने तुरंत कई व्हाट्सएप ग्रुुपों पर वायस मेसेज भेज दिया। इसमें तुरंत कॉलेज पहुंचने और पुलिस को घेरने की अपील की गई। इस तरह माहौल खराब करने का पूरा इंतजाम कर लिया गया था, लेकिन रात का अंतिम पहर होने की वजह से बवाल टल गया। हालांकि पुलिस इस मेसेज के बाद आरोपियों का जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। एहतियातन पुलिस ने आरएएफ के पहरे में आरोपियों का बिथरी चैनपुर अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया था।
बुधवार रात इस्लामिया इंटर कॉलेज में आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के धरना खत्म करने की घोषणा करके जाते ही उत्तराखंड के रिजवान ने वहां मौजूद भीड़ का नेतृत्व करना शुरू कर दिया और फिर भीड़ को लेकर आजाद इंटर कॉलेज पहुंच गया। वहां गेट के ताले तोड़कर मैदान में धरना शुरू कर दिया था। मौलाना तौकीर रजा खां और आला हजरत परिवार ने इन लोगों से मतलब न होने की बात कही तो रात के अंतिम पहर में करीब साढ़े तीन बजे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर रिजवान समेत 34 लोगों को हिरासत में ले लिया। ज्यादातर लोग अंधेरे और खराब मौसम का फायदा उठाकर भाग गए। पुलिस ने पहले इन्हें बारादरी थाने भेजा और फिर जिला अस्पताल के बजाय बिथरी चैनपुर सीएचसी में मेडिकल परीक्षण कराया।
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पुलिस ने नौ आरोपियों को शांतिभंग में निरुद्ध कर कोर्ट भेजा। वहां से उत्तराखंड के पुलभट्टा बरी निवासी रिजवान को इनका लीडर मानते हुए जेल भेज दिया गया, जबकि बाकी लोगों को जमानत दे दी गई। हालांकि सभी नौ लोगों के मोबाइल लेकर जांच शुरू कर दी गई। जांच में पाया गया कि ये लोग कई कट्टरपंथी व्हाट्सएप और फेसबुक ग्रुपों से जुड़े हैं। गिरफ्तारी के समय इनमें से अधिकांश ने ग्रुपों में वॉयस मेसेज भेजकर मदद मांगी। इसमें कहा गया कि बरेली पुलिस अंधेरे में उन पर अत्याचार कर रही है, इसलिए तुरंत आकर पुलिस का घेराव करके विरोध जताओ। चूंकि रात साढ़े तीन बजे का मामला था, इसलिए इस मेसेज को अधिकांश लोगों ने देखा ही नहीं। तीन या चार लोगों ने ही रिप्लाई किया। पुलिस का मानना है कि अगर यह दिन का मामला होता तो माहौल खराब होना तय था।
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चुनिंदा व्हाट्सएप ग्रुपों की निगरानी बढ़ाई, एडमिन के नंबर सर्विलांस पर
आरोपियों के मोबाइलों से मिली डिटेल के बाद सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वाले कई व्हाट्सएप ग्रुप पुलिस ने चिह्नित किए हैं। साइबर सेल के जरिये इनकी निगरानी बढ़ा दी गई है। इन ग्रुपों के एडमिन के नंबर सर्विलांस पर लगाकर भी जांच की जा रही है। आगे भी भड़काऊ मेसेज प्रसारित होने पर सदस्यों के साथ एडमिन के खिलाफ कार्रवाई तय है। इसके लिए कुछ खास ग्रुप के एडमिन को कॉल करके भी पुलिस ने चेताया है। गौसे आजम नाम के ग्रुप पर लोगों से सड़क पर निकलकर विरोध करने का एलान किया जा रहा था। गुरुवार को एएसपी ने उसके एडमिन फैसल को चेतावनी देने के साथ ही ग्रुप बंद करा दिया। पुलिस ने जांच में पाया है कि नवाबगंज निवासी फैसल ऐसे ही कई और ग्रुप से जुड़ा है। हिदायत के बाद उसने माफी मांग ली, इसलिए फिलहाल उसके खिलाफ कोई रिपोर्ट नहीं लिखी गई है।


शहर में माहौल खराब करने की कोशिश की गई तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। बाहरी लोगों पर नजर रखी जा रही है, जो शहर में रहकर लोगों को विरोध के लिए उकसा रहे हैं। शहरवालों को भी ऐसे लोगों की बात पर गौर न करके इनकी खुराफात की सूचना पुलिस को देनी चाहिए। - अभिषेक वर्मा, एएसपी
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