{"_id":"5dfd25a08ebc3e87a76284a6","slug":"political-bareilly-news-bly388861450","type":"story","status":"publish","title_hn":"कई मस्जिदों के बाहर भी हुआ प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कई मस्जिदों के बाहर भी हुआ प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अहसन मियां बोले- आंदोलन में बदल चुका है हमारा एहतेजाज
बरेली। शहर भर में जुमे की नमाज अदा करने के बाद कई मस्जिदों के बाहर भी सीएए के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी के आह्वान पर किया गया। इसमें खासतौर से दरगाह आला हजरत की रजा मस्जिद, किला की शाही जामा मस्जिद, जसोली की पीरा शाह मस्जिद आदि पर प्रदर्शन करते हुए काला कानून वापस लो, संविधान विरोधी कानून वापस लो के नारे लगाए। इस मौके पर दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां ने रजा मस्जिद पर अपने संबोधन में कहा कि हमारा यह एहतेजाज आंदोलन में बदल चुका है। यह तब तक जारी रहेगा, जब तक संविधान विरोधी कानून को हुकूमत वापस नहीं ले लेती। अपील की- यह मुल्क हमारा है, मुल्क की संपत्ति को किसी तरह का नुकसान न पहुंचाएं। अमन में खलल न डालें। अमन-ओ-अमान के साथ मुसलमान अपना आंदोलन जारी रखें। हमारा विरोध सिर्फ काले कानून के खिलाफ है न कि पुलिस प्रशासन या मीडिया के। प्रदर्शन में मंजरे इस्लाम के तुलबा, मुदर्रिस, उलमा और टीटीएस के लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद इन लोगों ने कादरी हाउस तक मार्च किया। इसमें टीटीएस के नासिर कुरैशी, शाहिद खां नूरी, अजमल नूरी, औरंगजेब खां, ताहिर अल्वी आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
बरेली। शहर भर में जुमे की नमाज अदा करने के बाद कई मस्जिदों के बाहर भी सीएए के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी के आह्वान पर किया गया। इसमें खासतौर से दरगाह आला हजरत की रजा मस्जिद, किला की शाही जामा मस्जिद, जसोली की पीरा शाह मस्जिद आदि पर प्रदर्शन करते हुए काला कानून वापस लो, संविधान विरोधी कानून वापस लो के नारे लगाए। इस मौके पर दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां ने रजा मस्जिद पर अपने संबोधन में कहा कि हमारा यह एहतेजाज आंदोलन में बदल चुका है। यह तब तक जारी रहेगा, जब तक संविधान विरोधी कानून को हुकूमत वापस नहीं ले लेती। अपील की- यह मुल्क हमारा है, मुल्क की संपत्ति को किसी तरह का नुकसान न पहुंचाएं। अमन में खलल न डालें। अमन-ओ-अमान के साथ मुसलमान अपना आंदोलन जारी रखें। हमारा विरोध सिर्फ काले कानून के खिलाफ है न कि पुलिस प्रशासन या मीडिया के। प्रदर्शन में मंजरे इस्लाम के तुलबा, मुदर्रिस, उलमा और टीटीएस के लोग शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद इन लोगों ने कादरी हाउस तक मार्च किया। इसमें टीटीएस के नासिर कुरैशी, शाहिद खां नूरी, अजमल नूरी, औरंगजेब खां, ताहिर अल्वी आदि शामिल रहे।