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चेयरमैन शहला को कोर्ट से राहत, तीन माह से वित्तीय अधिकारों पर लगी रोक हटी
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बरेली। तीन माह से वित्तीय अधिकारों से वंचित चल रही नवाबगंज की नगर पालिका अध्यक्ष शहला ताहिर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि शहला ताहिर को पालिका अध्यक्ष का चार्ज दिलाएं। साथ ही उसकी रिपोर्ट सोमवार तक हाईकोर्ट में प्रस्तुत करें। डीएम ने 22 नवंबर को नवाबगंज के तहसीलदार को चेयरमैन शहला ताहिर को चार्ज दिलाने और वित्तीय अधिकार बहाल करने का शपथ पत्र कोर्ट में पेश किए जाने के आदेश भी दिए हैं।
नवाबगंज की चेयरमैन शहला ताहिर के खिलाफ नगर पालिका के कर्मचारियों ने आठ माह का वेतन न देने की शिकायत की थी। इसके अलावा शहला के खिलाफ स्वच्छ भारत मिशन में शौचालयों का निर्माण सहित दूसरी वित्तीय गड़बड़ियां सामने आने के बाद तत्कालीन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर 18 अगस्त को रोक लगा दी। इसके बाद चेयरमैन ने हाईकोर्ट से न्याय की गुहार लगाई और उन्होंने प्रमुख सचिव नगर विकास, डीएम बरेली और अधिशासी अधिकारी नवाबगंज को पार्टी बनाकर याचिका दाखिल की। इसके बाद 24 सितंबर को उन्हें कोर्ट से स्टे भी मिल गया। हाईकोर्ट में इस केस की सुनवाई के बाद सरकार के आदेश को स्थगित करते हुए चेयरमैन शहला ताहिर के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को बहाल करने के निर्देश दिए थे। निर्देश नगर पालिका को रिसीव करा दिए गए लेकिन अधिकारियों ने हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं कराया था। मामले में कोर्ट के कड़े निर्देश दिए कि मामले में सोमवार तक आदेश का अनुपालन कराकर रिपोर्ट भेजे। हाईकोर्ट के आदेश के पहुंचने के बाद 22 नवंबर को डीएम नितीश कुमार ने तहसीलदार नवाबगंज को शहला ताहिर के वित्तीय अधिकार वापस दिलाने के निर्देश दिए हैं।
जब से पालिकाध्यक्ष का पद संभाला है, विरोधी तरह-तरह की शिकायतें करके विकास कार्यों में रोड़ा लगा रहे हैं। जनता से अपील है कि वह विकास कार्यों के लिए सहयोग करें। - शहला ताहिर, चेयरमैन, नवाबगंज
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नवाबगंज की चेयरमैन शहला ताहिर के खिलाफ नगर पालिका के कर्मचारियों ने आठ माह का वेतन न देने की शिकायत की थी। इसके अलावा शहला के खिलाफ स्वच्छ भारत मिशन में शौचालयों का निर्माण सहित दूसरी वित्तीय गड़बड़ियां सामने आने के बाद तत्कालीन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर 18 अगस्त को रोक लगा दी। इसके बाद चेयरमैन ने हाईकोर्ट से न्याय की गुहार लगाई और उन्होंने प्रमुख सचिव नगर विकास, डीएम बरेली और अधिशासी अधिकारी नवाबगंज को पार्टी बनाकर याचिका दाखिल की। इसके बाद 24 सितंबर को उन्हें कोर्ट से स्टे भी मिल गया। हाईकोर्ट में इस केस की सुनवाई के बाद सरकार के आदेश को स्थगित करते हुए चेयरमैन शहला ताहिर के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों को बहाल करने के निर्देश दिए थे। निर्देश नगर पालिका को रिसीव करा दिए गए लेकिन अधिकारियों ने हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं कराया था। मामले में कोर्ट के कड़े निर्देश दिए कि मामले में सोमवार तक आदेश का अनुपालन कराकर रिपोर्ट भेजे। हाईकोर्ट के आदेश के पहुंचने के बाद 22 नवंबर को डीएम नितीश कुमार ने तहसीलदार नवाबगंज को शहला ताहिर के वित्तीय अधिकार वापस दिलाने के निर्देश दिए हैं।
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जब से पालिकाध्यक्ष का पद संभाला है, विरोधी तरह-तरह की शिकायतें करके विकास कार्यों में रोड़ा लगा रहे हैं। जनता से अपील है कि वह विकास कार्यों के लिए सहयोग करें। - शहला ताहिर, चेयरमैन, नवाबगंज
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