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प्रमुख सचिव ने पुल और बदहाल, सर्विस रोड पर अफसरों को कसा
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प्रमुख सचिव ने पुल और बदहाल, सर्विस रोड पर अफसरों को कसा
- फोटो : अमर उजाला, बरेली
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बरेली। बहेड़ी जाते हुए प्रमुख सचिव नवनीत सहगल अपने काफिले के साथ शहर से निकलकर नैनीताल रोड पर पहुंचे तो आईवीआरआई पुल पर ठहर गए। उन्होंने तय समय के बाद भी पुल का निर्माण कार्य लगभग बंद जैसी हालत में होने पर सवाल दागे तो जवाब भी मिलने शुरू हो गए। रेलवे अफसरों ने पुल पर अपने हिस्से का निर्माण जनवरी तक पूरा करने का भरोसा दिलाया तो सेतु निगम के अफसरों ने भी दावा कर दिया कि वे पुल पर अपना काम महज 15 दिनों में ही पूरा कर देंगे। इस दौरान प्रमुख सचिव ओवरब्रिज की सर्विस लेन की हालत खराब होने पर भी सख्त नाराजगी जताई।
आईवीआरआई क्रॉसिंग पर 38.23 करोड़ की लागत से 701.70 मीटर लंबे ओवरब्रिज के निर्माण को कई साल पहले मंजूरी मिली थी और इसे मार्च 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालांकि पहले सेतु निगम और फिर रेलवे ने इस काम को लंबे समय तक लटकाए रखा। जिला के आला प्रशासनिक अफसरों ने कई बार लिखापढ़ी के साथ बैठकें बुलाने की खानापूरी तो की लेकिन पुल का निर्माण जल्द पूरा कराने के लिए कोई खास गंभीरता नहीं दिखाई। शहर की एक बड़ी आबादी के दिक्कतें झेलने के बावजूद रेलवे अफसरों ने अब तक यह भी साफ नहीं किया था कि वह अपने हिस्से का पुल और अंडरपास का निर्माण कब तक पूरा करेगा।
बुधवार को नोडल अफसर नवनीत सहगल यहां रुके तो सेतु निगम के डीपीएम वीके सेन और रेलवे के इंजीनियर पीपी खजुर पहले से मौजूद थे। नवनीत सहगल ने अधूरे पड़े फ्लाईओवर को देखकर सीधा सवाल पूछा कि यह काम इतने दिनों से क्यों लटका हुआ है और कब तक पूरा होगा। रेलवे इंजीनियर ने बताया कि रेलवे का काम शुरू हो गया है और इसे जनवरी में पूरा कर लिया जाएगा। सेतु निगम के डीपीएम ने रेलवे का काम पूरा होने के बाद 15 दिन के अंदर अपना काम भी पूरा करा देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद सहगल ने फ्लाईओवर की सर्विस लेन का निरीक्षण किया और उसके बुरी तरह टूटी होने पर नाराजगी जताई।
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प्रमुख सचिव का काफिला जब स्कूल में पहुंचा तो बच्चों के हाथों में गिलास थे। उन्होंने गिलास को चेक किया तो उनमें दूध के बजाय चाय देखकर आश्चर्यचकित हो गए। हेडमास्टर सोमपाल से चाय पिलाने की वजह पता लगते ही प्रमुख सचिव भड़क उठे। हेडमास्टर पर कार्रवाई का निर्देश देने के बाद उन्होंने एक बच्ची से अंग्रेजी में सवाल किया, वाट इज योर नेम तो वह उसका जवाब नहीं दे पाई। इस पर उन्होंने क्लास में पढ़ा रही टीचर को जमकर फटकार लगाई।
अंधेरे में पक रही थी तहरी
मिड डे मील के लिए स्कूल में तहरी भी काफी खराब स्थिति में पकती मिली। तहरी एक अंधेरे कमरे में बनाई जा रही थी जहां गंदगी के साथ काफी कबाड़ भी भरा हुआ था। तहरी में सब्जी और बरी के बजाय सिर्फ आलू डाले गए थे।
आंगनबाड़ी केंद्र में लाभार्थी एक नहीं
फिर भी बंट रहा था पुष्टाहार
इसी इस स्कूल में बने आंगनबाड़ी केंद्र पर कोई लाभार्थी नहीं मिला। प्रभारी अधिकारी ने सवाल किया कि जब लाभार्थी ही नहीं आ रहे तो यहां पुष्टाहार किसे बांटा जा रहा है। इस पर आंगनबाड़ी वर्कर जवाब नहीं दे सकी। इस पर उन्होंने उन्होंने उसके मानदेय से पुष्टाहार के एक साल के खर्च की कटौती करने के निर्देश दिए। यहां आशा वर्कर विमको देवी ने बताया कि आयुष्मान कार्ड के लिए 177 लोगों की लिस्ट आई है लेकिन इनमें से अब तक सिर्फ 35 लोगों के ही कार्ड बन सके हैं।
=भोजीपुरा ब्लॉक : मझौआ गंगापुर पशु आश्रय केंद्र
मानदेय नहीं मिलता तो पशु मित्र चोकर खाएगा
-निरीक्षण के दौरान प्रभारी अधिकारी डॉ. नवनीत सहगल मझौआ गंगापुर पशु आश्रय केंद्र पर यह देखकर नाराज हुए कि पशुओं को चोकर कम और भूसा ज्यादा दिया जा रहा था। वहां पशु मित्र ने बताया कि कई महीने से मानदेय नहीं मिला है। इस पर उन्होंने सीडीओ सत्येंद्र कुमार से जब पशु मित्र को मानदेय नहीं मिलेगा तो वह चोकर तो खाएगा ही। इसके बाद उन्होंने वहीं पास से निकली नहर में घनी झाड़ियां देखकर ठहर गए। ग्राम प्रधान रामनिवास ने बताया कि दो साल से नहर में पानी की सप्लाई ही नहीं हुई थी।
मझउआ गंगापुर साधन सहकारी समिति पर खाद की 60
बोरी गायब, सचिव सस्पेंड, एडीओ पर भी कार्रवाई
भोजीपुरा ब्लॉक की साधन सहकारी समिति मझउआ गंगापुर पर नवनीत सहगल ने स्टाक चेक किया तो खाद की 60 बोरी कम निकलीं। सचिव कोमिल चरन इन बोरियों का हिसाब भी नहीं दे सके। नोडल अफसर ने पहले खाद की फर्जी बिक्री पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी। फिर सचिव को निलंबित करने के साथ एडीओ कोऑपरेटिव को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। उन्होंने इसी गांव में इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल को भी चेक किया। यहां भी बच्चों के पास पुरानी किताबें थी। स्कूल में शौचालय का निर्माण भी अधूरा मिला।
भोजीपुरा ब्लॉक: मनरेगा में 100 दिन
के बजाय सिर्फ 22 दिन का रोजगार
भोजीपुरा ब्लॉक कार्यालय के निरीक्षण के दौरान नोडल अफसर ने मनरेगा की समीक्षा की तो पता चला कि यहां 100 दिन के बजाय लाभार्थियों को सिर्फ 22 दिन का रोजगार दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के फर्जी आंकड़े पेश करने और महिला समूहों की सही जानकारी न दे पाने पर डॉ. नवनीत सहगल ने बीडीओ सचिन कुमार शांडिल्य की भी फटकार लगाई। एडीओ कोआपरेटिव सुधारक राय के सहकारी समितियों का निरीक्षण न करने पर फटकार लगाई।
देवरनियां थाना: निस्तारित
मामले भी फर्जी निकले
थाना देवरनियां का औचक निरीक्षण करने के दौरान नवनीत सहगल ने थाने के रजिस्टर पर निस्तारित मामलों की चेकिंग की तो पुलिस का फर्जीवाड़ा भी सामने आ गया। प्रमुख सचिव ने रजिस्टर पर दर्ज निस्तारित मामले में कई पीड़ितों के मोबाइल नंबर पर सीडीओ सत्येंद्र कुमार की बात कराई तो उन्होंने बताया कि उनके मामलों में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस की इस कार्यशैली पर उन्होंने सीओ की जमकर क्लास लगा दी। साथ ही यह भी कहा कि इस फर्जीवाड़े को वह अपनी रिपोर्ट में शामिल करेंगे।
बहेड़ी सीएसची: कुछ पता नहीं कहां खपाई
जा रहीं दवाएं, स्टोर इंचार्ज पर कार्रवाई
प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने शाम को बहेड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया तो यह देखकर हैरानी जताई कि अस्पताल में दवाओं के वितरण का रिकॉर्ड न स्टॉक रजिस्टर में दर्ज हो रहा था और न अस्पताल में कहीं यह दर्शाया गया था कि कौन सी दवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने स्टोर इंचार्ज आईडी भट्ट पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जननी सुरक्षा योजना के आवेदन सालभर से लंबित होने पर भी उन्होंने सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला को छह माह से लंबित फार्म की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। अस्पताल के किसी वार्ड में उन्हें कोई मरीज भर्ती नहीं मिला।
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आईवीआरआई क्रॉसिंग पर 38.23 करोड़ की लागत से 701.70 मीटर लंबे ओवरब्रिज के निर्माण को कई साल पहले मंजूरी मिली थी और इसे मार्च 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालांकि पहले सेतु निगम और फिर रेलवे ने इस काम को लंबे समय तक लटकाए रखा। जिला के आला प्रशासनिक अफसरों ने कई बार लिखापढ़ी के साथ बैठकें बुलाने की खानापूरी तो की लेकिन पुल का निर्माण जल्द पूरा कराने के लिए कोई खास गंभीरता नहीं दिखाई। शहर की एक बड़ी आबादी के दिक्कतें झेलने के बावजूद रेलवे अफसरों ने अब तक यह भी साफ नहीं किया था कि वह अपने हिस्से का पुल और अंडरपास का निर्माण कब तक पूरा करेगा।
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बुधवार को नोडल अफसर नवनीत सहगल यहां रुके तो सेतु निगम के डीपीएम वीके सेन और रेलवे के इंजीनियर पीपी खजुर पहले से मौजूद थे। नवनीत सहगल ने अधूरे पड़े फ्लाईओवर को देखकर सीधा सवाल पूछा कि यह काम इतने दिनों से क्यों लटका हुआ है और कब तक पूरा होगा। रेलवे इंजीनियर ने बताया कि रेलवे का काम शुरू हो गया है और इसे जनवरी में पूरा कर लिया जाएगा। सेतु निगम के डीपीएम ने रेलवे का काम पूरा होने के बाद 15 दिन के अंदर अपना काम भी पूरा करा देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद सहगल ने फ्लाईओवर की सर्विस लेन का निरीक्षण किया और उसके बुरी तरह टूटी होने पर नाराजगी जताई।
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हेडमास्टर की आफत आई, साल भर का हिसाब कटेगा सैलरी से
बरेली। बहेड़ी पहुंचने से पहले प्रमुख सचिव नवनीत सहगल में भोजीपुरा के गांव घंघोरा-घंघोरी के प्राइमरी स्कूल का निरीक्षण किया तो मिड डे मील में बच्चों को दूध के बजाय चाय पिलाते देखकर हैरान रह गए। हेडमास्टर सोमपाल से पूछताछ की तो पता चला कि शिक्षामित्र ममता अपने घर से खराब दूध ले आई थी, बच्चों को उसे पीने में दिक्कत न हो इसीलिए उसमें चाय की पत्ती डलवा दी। हेडमास्टर के इस जवाब से भड़के प्रमुख सचिव ने उन्हें निलंबित करने का निर्देश देते हुए मिड डे मील का खर्च भी उनकी साल भर की तन्ख्वाह से वसूल किए जाने का निर्देश दिया।प्रमुख सचिव का काफिला जब स्कूल में पहुंचा तो बच्चों के हाथों में गिलास थे। उन्होंने गिलास को चेक किया तो उनमें दूध के बजाय चाय देखकर आश्चर्यचकित हो गए। हेडमास्टर सोमपाल से चाय पिलाने की वजह पता लगते ही प्रमुख सचिव भड़क उठे। हेडमास्टर पर कार्रवाई का निर्देश देने के बाद उन्होंने एक बच्ची से अंग्रेजी में सवाल किया, वाट इज योर नेम तो वह उसका जवाब नहीं दे पाई। इस पर उन्होंने क्लास में पढ़ा रही टीचर को जमकर फटकार लगाई।
पिछले साल की किताबों से पढ़ाई बच्चों को न स्वेटर मिले न मोजे
प्रमुख सचिव ने स्कूल में बच्चों के बस्तों को चेक किया तो पता चला कि उन्हें पिछले साल की किताबों से पढ़ाया जा रहा है। पूछताछ करने पर बताया गया कि आधे से ज्यादा शिक्षा सत्र गुजरने के बावजूद अभी तक स्कूल में इस साल की किताबें भेजी ही नहीं गई हैं। स्कूल के लगभग सभी बच्चों को सरकार की योजना के तहत स्वेटर और मोजे भी नहीं दिए गए थे। प्रमुख सचिव ने साफ किया कि इस लापरवाही पर विभागीय अफसरों को जवाब देना पड़ेगा।अंधेरे में पक रही थी तहरी
मिड डे मील के लिए स्कूल में तहरी भी काफी खराब स्थिति में पकती मिली। तहरी एक अंधेरे कमरे में बनाई जा रही थी जहां गंदगी के साथ काफी कबाड़ भी भरा हुआ था। तहरी में सब्जी और बरी के बजाय सिर्फ आलू डाले गए थे।
आंगनबाड़ी केंद्र में लाभार्थी एक नहीं
फिर भी बंट रहा था पुष्टाहार
इसी इस स्कूल में बने आंगनबाड़ी केंद्र पर कोई लाभार्थी नहीं मिला। प्रभारी अधिकारी ने सवाल किया कि जब लाभार्थी ही नहीं आ रहे तो यहां पुष्टाहार किसे बांटा जा रहा है। इस पर आंगनबाड़ी वर्कर जवाब नहीं दे सकी। इस पर उन्होंने उन्होंने उसके मानदेय से पुष्टाहार के एक साल के खर्च की कटौती करने के निर्देश दिए। यहां आशा वर्कर विमको देवी ने बताया कि आयुष्मान कार्ड के लिए 177 लोगों की लिस्ट आई है लेकिन इनमें से अब तक सिर्फ 35 लोगों के ही कार्ड बन सके हैं।
=भोजीपुरा ब्लॉक : मझौआ गंगापुर पशु आश्रय केंद्र
मानदेय नहीं मिलता तो पशु मित्र चोकर खाएगा
-निरीक्षण के दौरान प्रभारी अधिकारी डॉ. नवनीत सहगल मझौआ गंगापुर पशु आश्रय केंद्र पर यह देखकर नाराज हुए कि पशुओं को चोकर कम और भूसा ज्यादा दिया जा रहा था। वहां पशु मित्र ने बताया कि कई महीने से मानदेय नहीं मिला है। इस पर उन्होंने सीडीओ सत्येंद्र कुमार से जब पशु मित्र को मानदेय नहीं मिलेगा तो वह चोकर तो खाएगा ही। इसके बाद उन्होंने वहीं पास से निकली नहर में घनी झाड़ियां देखकर ठहर गए। ग्राम प्रधान रामनिवास ने बताया कि दो साल से नहर में पानी की सप्लाई ही नहीं हुई थी।
मझउआ गंगापुर साधन सहकारी समिति पर खाद की 60
बोरी गायब, सचिव सस्पेंड, एडीओ पर भी कार्रवाई
भोजीपुरा ब्लॉक की साधन सहकारी समिति मझउआ गंगापुर पर नवनीत सहगल ने स्टाक चेक किया तो खाद की 60 बोरी कम निकलीं। सचिव कोमिल चरन इन बोरियों का हिसाब भी नहीं दे सके। नोडल अफसर ने पहले खाद की फर्जी बिक्री पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी। फिर सचिव को निलंबित करने के साथ एडीओ कोऑपरेटिव को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। उन्होंने इसी गांव में इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल को भी चेक किया। यहां भी बच्चों के पास पुरानी किताबें थी। स्कूल में शौचालय का निर्माण भी अधूरा मिला।
भोजीपुरा ब्लॉक: मनरेगा में 100 दिन
के बजाय सिर्फ 22 दिन का रोजगार
भोजीपुरा ब्लॉक कार्यालय के निरीक्षण के दौरान नोडल अफसर ने मनरेगा की समीक्षा की तो पता चला कि यहां 100 दिन के बजाय लाभार्थियों को सिर्फ 22 दिन का रोजगार दिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण के फर्जी आंकड़े पेश करने और महिला समूहों की सही जानकारी न दे पाने पर डॉ. नवनीत सहगल ने बीडीओ सचिन कुमार शांडिल्य की भी फटकार लगाई। एडीओ कोआपरेटिव सुधारक राय के सहकारी समितियों का निरीक्षण न करने पर फटकार लगाई।
देवरनियां थाना: निस्तारित
मामले भी फर्जी निकले
थाना देवरनियां का औचक निरीक्षण करने के दौरान नवनीत सहगल ने थाने के रजिस्टर पर निस्तारित मामलों की चेकिंग की तो पुलिस का फर्जीवाड़ा भी सामने आ गया। प्रमुख सचिव ने रजिस्टर पर दर्ज निस्तारित मामले में कई पीड़ितों के मोबाइल नंबर पर सीडीओ सत्येंद्र कुमार की बात कराई तो उन्होंने बताया कि उनके मामलों में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस की इस कार्यशैली पर उन्होंने सीओ की जमकर क्लास लगा दी। साथ ही यह भी कहा कि इस फर्जीवाड़े को वह अपनी रिपोर्ट में शामिल करेंगे।
बहेड़ी सीएसची: कुछ पता नहीं कहां खपाई
जा रहीं दवाएं, स्टोर इंचार्ज पर कार्रवाई
प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने शाम को बहेड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया तो यह देखकर हैरानी जताई कि अस्पताल में दवाओं के वितरण का रिकॉर्ड न स्टॉक रजिस्टर में दर्ज हो रहा था और न अस्पताल में कहीं यह दर्शाया गया था कि कौन सी दवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने स्टोर इंचार्ज आईडी भट्ट पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जननी सुरक्षा योजना के आवेदन सालभर से लंबित होने पर भी उन्होंने सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला को छह माह से लंबित फार्म की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। अस्पताल के किसी वार्ड में उन्हें कोई मरीज भर्ती नहीं मिला।