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चहेते कार तो ले गए.. अफसर बाकी सामान की चिंता में
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बरेली। आंवला विधायक धर्मपाल सिंह के सिंचाई मंत्री के पद से पांच दिन पहले इस्तीफा देते ही जंक्शन के पास स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस की रौनक भी गायब हो गई। इससे पहले यह गेस्ट हाउस सवा दो साल से सिंचाई मंत्री के समर्थकों और नजदीकियों का बसेरा था जो इस्तीफा होने के कुछ घंटों बाद ही यहां से चुपचाप खिसक गए थे। भाजपा का स्टिकर लगी एक कार जरूर गेस्ट हाउस में ही छोड़ दी गई थी, लेकिन शुक्रवार शाम को धर्मपाल सिंह के बरेली आने के बाद देर शाम गेस्ट हाउस से यह कार भी अचानक गायब हो गई।
शनिवार को सिंचाईं विभाग का गेस्ट हाउस पूरी तरह शांत था। इससे पहले हर सप्ताह शनिवार को जब भी मंत्री जी बरेली आते थे, यह गेस्ट हाउस गुलजार रहता था। उनके आने से पहले शुक्रवार को ही यहां खानसामा के साथ पूरा लावलश्कर जुट जाता था। मंत्री शुक्रवार देर रात या शनिवार को पहुंचते थे। गेस्ट हाउस में जरूरी काम निपटाकर अपने पैतृक गांव चले जाते थे। यही नजारा पिछले शनिवार यानी 17 अगस्त को भी दिखा था। यहां तैनात एक कर्मचारी ने बताया कि समय बड़ा बलवान है। एक सप्ताह के अंदर सब कुछ बदल गया। बोला, हर दिन तमाम ठेकेदार और दूसरे जिलों से सिंचाई विभाग के साहब लोग आते थे। लजीज खाने के साथ चहलपहल भरे माहौल से गेस्ट हाउस पर तैनात स्टाफ भी खुश रहता था। दूध-चाय और काफी की कोई कमी नहीं रहती थी।
धर्मपाल सिंह सिंचाईं मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद शुक्रवार शाम बरेली आए थे। लखनऊ से वह भारी लावलश्कर के साथ यहां पहुंचे। काफिले में दर्जनों कारें थीं। उन्होंने सभा कर समर्थकों से बैठकर माहौल और प्रतिक्रियाओं की जानकारी ली थी। इसके बाद वे काफिले के साथ ही अपने गांव रवाना हुए थे। इसी काफिले में गेस्ट हाउस में खड़ी कार भी शामिल हो गई।
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शनिवार को सिंचाईं विभाग का गेस्ट हाउस पूरी तरह शांत था। इससे पहले हर सप्ताह शनिवार को जब भी मंत्री जी बरेली आते थे, यह गेस्ट हाउस गुलजार रहता था। उनके आने से पहले शुक्रवार को ही यहां खानसामा के साथ पूरा लावलश्कर जुट जाता था। मंत्री शुक्रवार देर रात या शनिवार को पहुंचते थे। गेस्ट हाउस में जरूरी काम निपटाकर अपने पैतृक गांव चले जाते थे। यही नजारा पिछले शनिवार यानी 17 अगस्त को भी दिखा था। यहां तैनात एक कर्मचारी ने बताया कि समय बड़ा बलवान है। एक सप्ताह के अंदर सब कुछ बदल गया। बोला, हर दिन तमाम ठेकेदार और दूसरे जिलों से सिंचाई विभाग के साहब लोग आते थे। लजीज खाने के साथ चहलपहल भरे माहौल से गेस्ट हाउस पर तैनात स्टाफ भी खुश रहता था। दूध-चाय और काफी की कोई कमी नहीं रहती थी।
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धर्मपाल सिंह सिंचाईं मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद शुक्रवार शाम बरेली आए थे। लखनऊ से वह भारी लावलश्कर के साथ यहां पहुंचे। काफिले में दर्जनों कारें थीं। उन्होंने सभा कर समर्थकों से बैठकर माहौल और प्रतिक्रियाओं की जानकारी ली थी। इसके बाद वे काफिले के साथ ही अपने गांव रवाना हुए थे। इसी काफिले में गेस्ट हाउस में खड़ी कार भी शामिल हो गई।
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