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शहला ताहिर प्रकरण- आखिरकार शहला ताहिर के वित्तीय अधिकार सीज
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बरेली। सफाई कर्मचारियों का छह माह तक वेतन न देने सहित कई बड़े घपलों में फंसी नवाबगंज नगर पालिका की चेयरमैन शहला ताहिर के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए गए हैं। डीएम ने करीब एक महीना पहले शहला के वित्तीय अधिकार सीज करने की संस्तुति करके रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसके बाद नवाबगंज के 14 सभासदों ने उनके फर्जी दस्तखत करके कई करोड़ के प्रस्ताव मनमाने तरीके से पास करने के आरोप में शहला ताहिर की शिकायत की थी। अब शहला ताहिर के खिलाफ अन्य शिकायतों और पूर्व में हुई जांचों की फेहरिस्त तैयार की जा रही है।
नवाबगंज नगर पालिका में संविदा और स्थायी कुल 80 सफाई कर्मचारी हैं। दिसंबर 2018 में ईओ गुलशन कुमार सूरी के सेवानिवृत्त होने के बाद यहां कई माह तक नए ईओ ने चार्ज ही नहीं लिया। इसके बाद जनवरी से इन कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया तो वे आर्थिक तंगी से जूझने लगे। परेशान कर्मचारियों ने कमिश्नर और डीएम से चेयरमैन की शिकायत कीं। इस बीच यहां नगर पालिका में फरीदपुर के ईओ विजय पाल सिंह को चार्ज दिया गया। उनके बाद वंदना शर्मा को बतौर ईओ जिम्मेदारी दी गई लेकिन वह नवाबगंज नहीं पहुंची। 26 जून को राजेश कुमार सक्सेना ने चार्ज लिया। वहीं, सर्फाई कर्मचारियों की शिकायत पर डीएम ने शहला ताहिर को नोटिस भी दिया। इसके बावजूद उन्होंने कर्मचारियों को वेतन नहीं जारी किया। इसके चलते डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने चेयरमैन शहला ताहिर के वित्तीय अधिकार सीज करने की संस्तुति शासन को भेजी थी।
47 लाख के फर्जी चेक के मामले में भी लटकी तलवार
बरेली। नवाबगंज नगर पालिका में ईओ की तैनाती के बगैर राज्य वित्त आयोग के 47.31 लाख रुपये निकालने के मामले में भी चेयरमैन शहला ताहिर पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। भाजपा केे नीरेंद्र सिंह राठौर ने इस मामले की शिकायत कमिश्नर रणवीर प्रसाद से लेकर शासन तक की थी। एडीएम की जांच में सामने आया था कि नवाबगंज नगर पालिका के ईओ गुलशन सूरी पिछले साल 31 दिसंबर को रिटायर हो गए थे। जनवरी से जून तक किसी भी ईओ की तैनाती नवाबगंज नगरपालिका में नहीं हो सकी। पांच फरवरी को राज्य वित्त आयोग की रकम नगर पालिका को भेजी गई। इसी महीने 32 चेक के माध्यम से 47.31 लाख रुपये एसबीआई के खाते से निकाल लिए गए। जबकि इस अवधि में नगर पालिका में ईओ की तैनाती ही नहीं थी। शासन की तरफ से प्रशासन ने करीब महीने भर पहले चेयरमैन शहला से इस मामले में जवाब मांगा था, लेकिन उन्होंने अब तक अपना पक्ष नहीं दिया है। शासन ने उन्हें फिर से नोटिस देते हुए जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
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नवाबगंज चेयरमैन शहला ताहिर के वित्तीय अधिकार शासन ने सीज कर दिए हैं। रविवार शाम को इसका आदेश डीएम कार्यालय पहुंच गया है। - सत्येंद्र कुमार, प्रभारी डीएम
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नवाबगंज नगर पालिका में संविदा और स्थायी कुल 80 सफाई कर्मचारी हैं। दिसंबर 2018 में ईओ गुलशन कुमार सूरी के सेवानिवृत्त होने के बाद यहां कई माह तक नए ईओ ने चार्ज ही नहीं लिया। इसके बाद जनवरी से इन कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया तो वे आर्थिक तंगी से जूझने लगे। परेशान कर्मचारियों ने कमिश्नर और डीएम से चेयरमैन की शिकायत कीं। इस बीच यहां नगर पालिका में फरीदपुर के ईओ विजय पाल सिंह को चार्ज दिया गया। उनके बाद वंदना शर्मा को बतौर ईओ जिम्मेदारी दी गई लेकिन वह नवाबगंज नहीं पहुंची। 26 जून को राजेश कुमार सक्सेना ने चार्ज लिया। वहीं, सर्फाई कर्मचारियों की शिकायत पर डीएम ने शहला ताहिर को नोटिस भी दिया। इसके बावजूद उन्होंने कर्मचारियों को वेतन नहीं जारी किया। इसके चलते डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने चेयरमैन शहला ताहिर के वित्तीय अधिकार सीज करने की संस्तुति शासन को भेजी थी।
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47 लाख के फर्जी चेक के मामले में भी लटकी तलवार
बरेली। नवाबगंज नगर पालिका में ईओ की तैनाती के बगैर राज्य वित्त आयोग के 47.31 लाख रुपये निकालने के मामले में भी चेयरमैन शहला ताहिर पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। भाजपा केे नीरेंद्र सिंह राठौर ने इस मामले की शिकायत कमिश्नर रणवीर प्रसाद से लेकर शासन तक की थी। एडीएम की जांच में सामने आया था कि नवाबगंज नगर पालिका के ईओ गुलशन सूरी पिछले साल 31 दिसंबर को रिटायर हो गए थे। जनवरी से जून तक किसी भी ईओ की तैनाती नवाबगंज नगरपालिका में नहीं हो सकी। पांच फरवरी को राज्य वित्त आयोग की रकम नगर पालिका को भेजी गई। इसी महीने 32 चेक के माध्यम से 47.31 लाख रुपये एसबीआई के खाते से निकाल लिए गए। जबकि इस अवधि में नगर पालिका में ईओ की तैनाती ही नहीं थी। शासन की तरफ से प्रशासन ने करीब महीने भर पहले चेयरमैन शहला से इस मामले में जवाब मांगा था, लेकिन उन्होंने अब तक अपना पक्ष नहीं दिया है। शासन ने उन्हें फिर से नोटिस देते हुए जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
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नवाबगंज चेयरमैन शहला ताहिर के वित्तीय अधिकार शासन ने सीज कर दिए हैं। रविवार शाम को इसका आदेश डीएम कार्यालय पहुंच गया है। - सत्येंद्र कुमार, प्रभारी डीएम