बच्ची से दरिंदगी: बदायूं में दो साल की मासूम से दुष्कर्म, छह घंटे बाद आरोपी युवक मुठभेड़ में गिरफ्तार
बदायूं के बिनावर थाना क्षेत्र में एक युवक ने दो साल की बच्ची से दरिंदगी की। पुलिस ने बृहस्पतिवार रात मुठभेड़ में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके पैर में गोली लगी है।
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बदायूं के बिनावर थाना क्षेत्र के एक गांव में दो साल की बच्ची को पॉपकॉर्न खिलाने के बहाने ले जाकर पड़ोसी युवक ने उससे दुष्कर्म किया। हालत बिगड़ने पर वह उसे एक गड्ढे में फेंक गया। पुलिस ने छह घंटे बाद ही आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। पैर में गोली लगने से घायल आरोपी को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।
परिजनों के मुताबिक आरोपी संजय बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे उनके घर पहुंचे और बच्ची को बहाने से ले गया। रात आठ बजे तक जब वह बच्ची को लेकर नहीं लौटा तो उन्होंने खोजबीन शुरू की। करीब आधा घंटे बाद बालिका गांव के बाहर एक गड्ढे में बेहोशी की हालत में पड़ी मिली। उसके काफी खून बह रहा था। सूचना पर आई पुलिस हालत देखकर बच्ची को जिला अस्पताल ले गई।
एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि आरोपी की तलाश करते हुए थाना पुलिस ने उसे रात करीब तीन बजे गांव के बाहर खेतों में घेर लिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी बाएं पैर में गोली लगने से गिर गया। गिरफ्तारी के बाद जिला अस्पताल में इलाज कराकर शुक्रवार अपराह्न उसे जेल भेज दिया गया। वहीं बच्ची की हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
डीएनए टेस्ट के लिए नमूने जुटाए
दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उस पर कार्रवाई का शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आरोपी के डीएनए टेस्ट के लिए नमूने जुटाए गए हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने बताया कि नमूनों का परीक्षण लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में फोरेंसिक वैज्ञानिक करेंगे। अगर मासूम के शरीर पर मिले पदार्थ से आरोपी के खून के डीएनए का मिलान हो जाता है तो आरोपी के खिलाफ साक्ष्य पुख्ता बन जाएगा।
यौन हिंसा के मामलों में डीएनए साक्ष्य अहम
वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि यौन हिंसा के मामलों में डीएनए साक्ष्य अदालत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डीएनए साक्ष्य अपराधी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य माना जाता है। डीएनए परीक्षण से अपराधी का बचाव मुश्किल हो जाता है।