बरेली में 'नटवरलाल' गिरफ्तार: 10वीं पास खुद को बताता था सेना का अफसर, पुलिसवालों से भी कर चुका है ठगी
बरेली में एसटीएफ की टीम ने बजरंग ढाबे के पास से अंकित चौधरी नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी सहारनपुर का रहने वाला है। वह लोगों को सेना का अधिकारी बताकर ठगी करता था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एसटीएफ बरेली यूनिट और थाना बारादरी पुलिस ने सेना का अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने वाले सहारनपुर निवासी अंकित चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। विकास भवन के सामने जनसेवा केंद्र संचालक से भी उसने ठगी की थी। उसने आगरा के एक पुलिसवाले से भी ठगी की थी।
सहारनपुर के थाना नकुड़ के सुक्कर ताल निवासी अंकित चौधरी को संयुक्त टीम ने शनिवार सुबह बजरंग ढाबे के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से सेना की वर्दी में खिंचवाया गया उसका फोटो, आधार कार्ड, एप्पल का मोबाइल, डेबिट कार्ड आदि बरामद किया गया है।
Umesh Pal Murder: सद्दाम की गिरफ्तारी से खुलेंगे अतीक के भाई अशरफ के राज, पुलिस की आठ टीमें कर रहीं तलाश
एसटीएफ को काफी दिनों से सेना का अधिकारी बनकर ठगी करने की सूचनाएं मिल रही थीं। अंकित ने बताया कि वह सेना की वर्दी में खिंचवाया गया फोटो लोगों को दिखाकर उनसे रुपये ऐंठता है। अंकित ने कुछ दिन पहले विकास भवन के पास जनसेवा केंद्र के मालिक मीरगंज के खानपुरा निवासी अभिषेक शर्मा से पांच हजार रुपये ठगे थे।
रिश्तेदार को बीमार बताकर मांगे थे रुपये
उसने अपने रिश्तेदार की हालत खराब बताकर नकद रुपये लिए और कहा कि ये रुपये वह उनके खाते में डलवा रहा है। अभिषेक के खाते में रुपये नहीं पहुंचे उल्टा अभिषेक का खाता भी सीज हो गया।शुक्रवार को अंकित चौधरी दोबारा अभिषेक के जनसेवा केंद्र पहुंचा और रुपये मांगे। अभिषेक ने रुपये देने से इन्कार किया तो अंकित ने उनसे अभद्रता की थी। एसटीएफ के डिप्टी एसपी अब्दुल कादिर ने बताया कि अभिषेक की शिकायत पर इनपुट जुटाकर अंकित को गिरफ्तार किया गया।
पत्नी ने छोड़ा उसकी सहेली के साथ रहने लगा
अंकित के खिलाफ सहारनपुर के जनकपुरी थाने में पॉक्सो एक्ट, नकुड़ थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। सूत्रों के मुताबिक अंकित केवल हाईस्कूल पास है। पिता ने उसे व्यापार शुरू कराया पर उसमें उसका मन नहीं लगा। उसकी शादी हुई तो उसकी हरकतों की वजह से पत्नी ने उसे छोड़ दिया और मुकदमा दर्ज करा दिया।
पत्नी की सहेली से उसकी दोस्ती हो गई और वह पत्नी के तौर पर उसके साथ रहने लगी। अंकित की गांव में छवि अच्छी नहीं थी तो वह दूसरे शहरों में ही रहता था। लोगों को सेना में नौकरी लगवाने व अन्य तरह का झांसा देकर वह ठगी करता है।